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अवैध परमिट से खनन की तैयारी का खुलासा, केस
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बाराबंकी। मिट्टी का अवैध ढंग से खनन करने वाले कितने बेखौफ हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि लखनऊ की एक कंपनी ने फोटोशॉप के जरिए खनन की अवैध परमिट बनाकर खनन शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली। नायब तहसीलदार व खनन अधिकारी की जांच में परमिट फर्जी पाई गई।
जिला खनन अधिकारी ने लखनऊ की कंपनी क्लेसन इन्फ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। पुलिस ने आईटी एक्ट समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक रविवार को जिला खनन अधिकारी दीपक ने सतरिख थाने में एक तहरीर देकर बताया कि तहसील क्षेत्र सदर के सराय अकबराबाद गांव स्थित गाटा संख्या 185 रकबा 0.8980 हेक्टेयर जमीन से साधारण मिट्टी के खनन की परमिट की एक प्रति खननकर्ता द्वारा 26 नवंबर को नायब तहसीलदार को जांच के लिए प्रस्तुत की गई थी।
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खननकर्ता द्वारा कहा गया कि माइनमित्रा पोर्टल के माध्यम से क्लेसन इन्फ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड, पता 107 प्रथम तल, यस सिलवर हाईट अपार्टमेंट, बादशाहनगर, लखनऊ के नाम परमिट ली गई है।
नायब तहसीलदार द्वारा खनन अधिकारी से परमिट की सत्यता की जानकारी मांगी गई। इस पर खनन अधिकारी द्वारा बताया गया कि ऐसी कोई परमिट कार्यालय प्रपत्रों व पोर्टल के माध्यम से जारी नहीं की गई है, यह पूरी तरह फर्जी है। परमिट खननकर्ता द्वारा फर्जी तरीके से जिलाधिकारी के डिजिटल हस्ताक्षर का दुरुपयोग करते हुए बनाई गई है।
तहरीर के जरिए खनन अधिकारी द्वारा उक्त कंपनी के प्रतिनिधि के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की गई थी। इस पर सतरिख पुलिस ने आईटी एक्ट और खनन समेत कई अन्य धाराओं मेें केस दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
डीएम डॉ. आदर्श सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। फोटोशॉप के जरिए फर्जी परमिट तैयार की गई थी जिसे जांच में पकड़ा गया है। गंभीर धाराओं में केस दर्ज कराया गया है। आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
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जिला खनन अधिकारी ने लखनऊ की कंपनी क्लेसन इन्फ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। पुलिस ने आईटी एक्ट समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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जानकारी के मुताबिक रविवार को जिला खनन अधिकारी दीपक ने सतरिख थाने में एक तहरीर देकर बताया कि तहसील क्षेत्र सदर के सराय अकबराबाद गांव स्थित गाटा संख्या 185 रकबा 0.8980 हेक्टेयर जमीन से साधारण मिट्टी के खनन की परमिट की एक प्रति खननकर्ता द्वारा 26 नवंबर को नायब तहसीलदार को जांच के लिए प्रस्तुत की गई थी।
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खननकर्ता द्वारा कहा गया कि माइनमित्रा पोर्टल के माध्यम से क्लेसन इन्फ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड, पता 107 प्रथम तल, यस सिलवर हाईट अपार्टमेंट, बादशाहनगर, लखनऊ के नाम परमिट ली गई है।
नायब तहसीलदार द्वारा खनन अधिकारी से परमिट की सत्यता की जानकारी मांगी गई। इस पर खनन अधिकारी द्वारा बताया गया कि ऐसी कोई परमिट कार्यालय प्रपत्रों व पोर्टल के माध्यम से जारी नहीं की गई है, यह पूरी तरह फर्जी है। परमिट खननकर्ता द्वारा फर्जी तरीके से जिलाधिकारी के डिजिटल हस्ताक्षर का दुरुपयोग करते हुए बनाई गई है।
तहरीर के जरिए खनन अधिकारी द्वारा उक्त कंपनी के प्रतिनिधि के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की गई थी। इस पर सतरिख पुलिस ने आईटी एक्ट और खनन समेत कई अन्य धाराओं मेें केस दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
डीएम डॉ. आदर्श सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। फोटोशॉप के जरिए फर्जी परमिट तैयार की गई थी जिसे जांच में पकड़ा गया है। गंभीर धाराओं में केस दर्ज कराया गया है। आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।