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हफ्तेभर में डग्गेमारी न रुकी तो िनलंबन
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 13 Feb 2016 11:29 PM IST
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प्रमुख सचिव समग्र ग्राम्य विकास नवतेज सिंह की समीक्षा बैठक में सीएमओ और एआरटीओ निशाने पर रहे। चार घंटे तक चली मैराथन बैठक में प्रमुख सचिव की सख्ती से कई बार अच्छे-अच्छे अधिकारियों को पसीना आ गया। जिलाधिकारी से कहा कि एक सप्ताह में डग्गामार वाहन यदि बंद न हों तो एआरटीओ के खिलाफ निलंबन की संस्तुति भेज दें। इसके बाद सीएमओ को आडे़ हाथों लिया। कहा कि अस्पताल हैं, संसाधन हैं, अस्पतालों पर आवास बने हैं लेकिन तैनात डॉक्टर वहां पर क्यों नहीं रुकते, इस पर रोक लगाई जाए और रात में सीएचसी-पीएचसी का निरीक्षण किया जाए। अगर डॉक्टर नहीं रुकते तो जिम्मेदारी सीएमओ की होगी।
प्रमुख सचिव समग्र ग्राम्य विकास नवतेज सिंह का दौरा कई बार टल चुका था लेकिन शनिवार को आखिरकार वह आ ही गए। इस दौरान उन्होंने डीआरडीए में अधिकारियों के साथ करीब चार घंटे तक बैठक की। जिले में डग्गामार वाहनों की भरमार पर उनका रुख काफी कड़ा था। उन्होंने एआरटीओ प्रशासन और प्रवर्तन दोनों अधिकारियों से कहा कि सतरिख नाका और देवा तिराहे पर चेकिंग लगाकर डग्गामार वाहन बंद कराएं जाएं। यदि इसमें लापरवाही बरती जाए तो डीएम दोनों अधिकारियों के निलंबन की संस्तुति शासन को भेज दें। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य विभाग पर भी काफी नाराज दिखाई दिए। सीएमओ से कहा कि हम सब जानते हैं। अस्पताल पर डाक्टर तैनात हैं लेकिन रात में वह राजधानी भाग जाते हैं। जिससे सरकार की मंशा के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्र की जनता को उपचार की सुविधा नहीं मिल पा रही है। इस पर तत्काल रोक लगा दी जाए। रात में अस्पतालों का निरीक्षण किया जाए और डॉक्टरों की उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए।
डीएम से कहा कि यदि इसमें लापरवाही बरती जाती है तो उस डॉक्टर और अधिकारी दोनों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। सीएमओ से कहा कि सिर्फ लोहिया गांव ही नहीं, हर गांव में टीकाकरण अभियान चलाया जाए। इसके बाद प्रमुख सचिव ने निर्माण एजेंसियों को आड़े हाथों लिया। कहा जो भवन बनाए जा रहे हैं उनमें गुणवत्ता का जरा भी ध्यान नहीं दिया जा रहा। कहा कि लोक निर्माण विभाग ने हाल में जितनी भी सड़कें बनाई हैं उनका सत्यापन एसडीएम से कराया जाए। बीएसए से कहा कि टीचर आते हैं उपस्थित दर्ज कर चले जाते हैं इस पर रोक लगाएं और शिक्षकों को गुणवत्तापरक प्रशिक्षण दिलाएं। वन विभाग से कहा कि अभियान चलाकर हरे पेड़ लगाए जाएं। चकबंदी अधिकारियों से कहा कि घर बैठे समस्याओं का निराकरण न कराएं, मौके पर जाएं। राजस्व वसूली समीक्षा के दौरान जिन विभागों की प्रगति खराब पाई गई उन्हें 15 मार्च तक मौका दिया गया है। इस मौके पर जिलाधिकारी अजय यादव, सीडीओ ऋषिरेन्द्र कुमार, डीडीओ एके सिंह, प्रभाकांत द्विवेदी, डॉ. एसपी सिंह, पीएन सिंह, एसए उस्मानी, शोभनाथ यादव, रामशरण सिंह, रामकुमार यादव आदि मौजूद रहे।
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प्रमुख सचिव समग्र ग्राम्य विकास नवतेज सिंह का दौरा कई बार टल चुका था लेकिन शनिवार को आखिरकार वह आ ही गए। इस दौरान उन्होंने डीआरडीए में अधिकारियों के साथ करीब चार घंटे तक बैठक की। जिले में डग्गामार वाहनों की भरमार पर उनका रुख काफी कड़ा था। उन्होंने एआरटीओ प्रशासन और प्रवर्तन दोनों अधिकारियों से कहा कि सतरिख नाका और देवा तिराहे पर चेकिंग लगाकर डग्गामार वाहन बंद कराएं जाएं। यदि इसमें लापरवाही बरती जाए तो डीएम दोनों अधिकारियों के निलंबन की संस्तुति शासन को भेज दें। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य विभाग पर भी काफी नाराज दिखाई दिए। सीएमओ से कहा कि हम सब जानते हैं। अस्पताल पर डाक्टर तैनात हैं लेकिन रात में वह राजधानी भाग जाते हैं। जिससे सरकार की मंशा के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्र की जनता को उपचार की सुविधा नहीं मिल पा रही है। इस पर तत्काल रोक लगा दी जाए। रात में अस्पतालों का निरीक्षण किया जाए और डॉक्टरों की उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए।
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डीएम से कहा कि यदि इसमें लापरवाही बरती जाती है तो उस डॉक्टर और अधिकारी दोनों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। सीएमओ से कहा कि सिर्फ लोहिया गांव ही नहीं, हर गांव में टीकाकरण अभियान चलाया जाए। इसके बाद प्रमुख सचिव ने निर्माण एजेंसियों को आड़े हाथों लिया। कहा जो भवन बनाए जा रहे हैं उनमें गुणवत्ता का जरा भी ध्यान नहीं दिया जा रहा। कहा कि लोक निर्माण विभाग ने हाल में जितनी भी सड़कें बनाई हैं उनका सत्यापन एसडीएम से कराया जाए। बीएसए से कहा कि टीचर आते हैं उपस्थित दर्ज कर चले जाते हैं इस पर रोक लगाएं और शिक्षकों को गुणवत्तापरक प्रशिक्षण दिलाएं। वन विभाग से कहा कि अभियान चलाकर हरे पेड़ लगाए जाएं। चकबंदी अधिकारियों से कहा कि घर बैठे समस्याओं का निराकरण न कराएं, मौके पर जाएं। राजस्व वसूली समीक्षा के दौरान जिन विभागों की प्रगति खराब पाई गई उन्हें 15 मार्च तक मौका दिया गया है। इस मौके पर जिलाधिकारी अजय यादव, सीडीओ ऋषिरेन्द्र कुमार, डीडीओ एके सिंह, प्रभाकांत द्विवेदी, डॉ. एसपी सिंह, पीएन सिंह, एसए उस्मानी, शोभनाथ यादव, रामशरण सिंह, रामकुमार यादव आदि मौजूद रहे।
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