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अंडरपास के बगल एक्सप्रेस-वे पर आने जाने के लिए बनेगा मार्ग
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हैदरगढ़ (बाराबंकी)। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से होकर क्षेत्र के लोग भी आवागमन कर सकेंगे। बांदा-बहराइच मार्ग के लिए बने अंडरपास के बगल एक्सप्रेस-वे पर आने जाने के लिए मार्ग निर्माण के लिए पेड़ों को काट कर भूमि को समतल करने का काम शुरू हो गया है। घरकुंइया के पास बांदा-बहराइच मार्ग होकर लोग क्षेत्र व आसपास के जिलों तक पहुंच सकेंगे।
देश व प्रदेश की राजधानी से गाजीपुर, आजमगढ़ सहित पूर्वांचल के अन्य जिलों को सीधा जोड़ने के लिए बनाए जा रहे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। सोमवार को मुख्यमंत्री ने कई जिलों में पहुंचकर निर्माण कार्यों का निरीक्षण व समीक्षा कर अप्रैल माह तक सभी कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से होकर आवागमन को लेकर क्षेत्र के लोग भी काफी उत्साहित हैं। काफी ऊंचाई पर बने एक्सप्रेस-वे के बीच आए मार्गों पर अंडर पास का निर्माण किया गया है जिससे एक्सप्रेस-वे पर कहीं से भी वाहन के साथ चढ़ना संभव नहीं है।
यूपीडा ने एक्सप्रेस-वे से इंटरसेक्सन के लिए तहसील क्षेत्र के आठ गांवों में अतिरिक्त भूमि ली थी। इसमें सरांय पांडेय, नरेंद्रपुर मदरहा, घरकुंइयां, मालिनपुर आदि गांव शामिल हैं। लेकिन एक्सप्रेस-वे से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, तहसील मुख्यालय से करीब चार किमी दूर बांदा-बहराइच मार्ग के लिए बने अंडरपास के बगल एक्सप्रेस-वे पर आने जाने के लिए मार्ग का निर्माण किया जाएगा।
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इसके लिए बीते सप्ताह से मौके पर पेड़ों को काट कर भूमि को समतल करने का काम शुरू हो गया है। यहां से लखनऊ-सुल्तानपुर तथा भिटरिया के पास अयोध्या-लखनऊ हाईवे तक आसानी से वाहन पहुंच सकेंगे। क्षेत्रीय लोगों को भी यहां से एक्सप्रेस-वे पर पहुंचकर पूर्वांचल के दूरदराज जिलों तक आवागमन करने की सुविधा मिलेगी तथा क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों में विकास की संभावना काफी बढ़ जाएगी।
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देश व प्रदेश की राजधानी से गाजीपुर, आजमगढ़ सहित पूर्वांचल के अन्य जिलों को सीधा जोड़ने के लिए बनाए जा रहे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। सोमवार को मुख्यमंत्री ने कई जिलों में पहुंचकर निर्माण कार्यों का निरीक्षण व समीक्षा कर अप्रैल माह तक सभी कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से होकर आवागमन को लेकर क्षेत्र के लोग भी काफी उत्साहित हैं। काफी ऊंचाई पर बने एक्सप्रेस-वे के बीच आए मार्गों पर अंडर पास का निर्माण किया गया है जिससे एक्सप्रेस-वे पर कहीं से भी वाहन के साथ चढ़ना संभव नहीं है।
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यूपीडा ने एक्सप्रेस-वे से इंटरसेक्सन के लिए तहसील क्षेत्र के आठ गांवों में अतिरिक्त भूमि ली थी। इसमें सरांय पांडेय, नरेंद्रपुर मदरहा, घरकुंइयां, मालिनपुर आदि गांव शामिल हैं। लेकिन एक्सप्रेस-वे से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, तहसील मुख्यालय से करीब चार किमी दूर बांदा-बहराइच मार्ग के लिए बने अंडरपास के बगल एक्सप्रेस-वे पर आने जाने के लिए मार्ग का निर्माण किया जाएगा।
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इसके लिए बीते सप्ताह से मौके पर पेड़ों को काट कर भूमि को समतल करने का काम शुरू हो गया है। यहां से लखनऊ-सुल्तानपुर तथा भिटरिया के पास अयोध्या-लखनऊ हाईवे तक आसानी से वाहन पहुंच सकेंगे। क्षेत्रीय लोगों को भी यहां से एक्सप्रेस-वे पर पहुंचकर पूर्वांचल के दूरदराज जिलों तक आवागमन करने की सुविधा मिलेगी तथा क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों में विकास की संभावना काफी बढ़ जाएगी।