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डेंगू की चपेट में एक दर्जन मरीज, चिकित्सक ने किया इंकार
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टिकैतनगर (बाराबंकी)। इस समय डेंगू व वायरल फीवर के कारण मरीजों की संख्या में दोगुनी वृद्धि हो गई है तो मरीजों को इलाज मिलना मुश्किल हो रहा है। वजह अस्पताल खुद ही बीमार पड़ा है। यहां एक दर्जन से अधिक डेंगू पीड़ित का इलाज प्राइवेट तरीके से किया जा रहा है। वार्ड में जगह न होने के चलते बाहर लगी बेंच पर मरीजों को ग्लूकोज चढ़ाई जा रही हैं लेकिन चिकित्सक एक भी डेंगू मरीज न होने का दावा करने का दंभ भर रहे हैं।
सीएचसी के वार्ड में एक दर्जन से अधिक डेंगू पीड़ित मरीजों का इलाज चल रहा है लेकिन चिकित्सक एक भी डेंगू मरीज न होने की बात कह रहे हैं। वही डेंगू पीड़ित मरीजों में टिकैतनगर कस्बे के निवासी ताहिरा खातून, प्रवीण रावत, कमर जहां, दरकशा बानो, प्रतिमा, ग्राम जारमऊ निवासी कालीचरण, वस्तौली निवासी श्यामू शुक्ला, आंबेडकर नगर निवासी बदामा देवी, नवाडीह निवासी प्रदीप सिंह ने बताया कि हम सभी का इलाज डॉ. अमित दुबे द्वारा किया जा रहा है।
सीएचसी के पर्चे पर हम मरीजों का इलाज नहीं हो रहा है। उनके निजी पर्चे पर हमारा इलाज किया जा रहा है। हम सभी ने सारी दवाएं बाहर के मेडिकल स्टोर्स से खरीदी हैं। वहीं डॉ. अमित दुबे का कहना है कि डेंगू पीड़ित मरीजों का इलाज नहीं किया जा रहा है। सभी वायरल फीवर के मरीज हैं। इस बाबत चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हेमंत गुप्ता ने बताया कि सीएचसी पर डॉक्टर और स्टाफ की कमी है। दवाएं भी आवश्यकता अनुसार नहीं मिल पाती हैं। फिर भी बेहतर सुविधाएं देने के प्रयास करते हैं। जिन मरीजों में डेंगू की पुष्टि होती है उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है।
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जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में भर्ती हैं अन्य मरीज
डेंगू से निपटने के लिए जिला अस्पताल में दो कक्ष डेंगू वार्ड के रुप में आरक्षित हैं। लेकिन शनिवार को इस विशेष वार्ड के एक कक्ष में जहां डेंगू पीड़ित एक भी मरीज भर्ती नहीं दिखा। जबकि यहां भर्ती चोटहिल मरीजों की संख्या अधिक दिखी। वहीं डेंगू आरक्षित दूसरे कक्ष में ताला बंद मिला।
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सीएचसी के वार्ड में एक दर्जन से अधिक डेंगू पीड़ित मरीजों का इलाज चल रहा है लेकिन चिकित्सक एक भी डेंगू मरीज न होने की बात कह रहे हैं। वही डेंगू पीड़ित मरीजों में टिकैतनगर कस्बे के निवासी ताहिरा खातून, प्रवीण रावत, कमर जहां, दरकशा बानो, प्रतिमा, ग्राम जारमऊ निवासी कालीचरण, वस्तौली निवासी श्यामू शुक्ला, आंबेडकर नगर निवासी बदामा देवी, नवाडीह निवासी प्रदीप सिंह ने बताया कि हम सभी का इलाज डॉ. अमित दुबे द्वारा किया जा रहा है।
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सीएचसी के पर्चे पर हम मरीजों का इलाज नहीं हो रहा है। उनके निजी पर्चे पर हमारा इलाज किया जा रहा है। हम सभी ने सारी दवाएं बाहर के मेडिकल स्टोर्स से खरीदी हैं। वहीं डॉ. अमित दुबे का कहना है कि डेंगू पीड़ित मरीजों का इलाज नहीं किया जा रहा है। सभी वायरल फीवर के मरीज हैं। इस बाबत चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हेमंत गुप्ता ने बताया कि सीएचसी पर डॉक्टर और स्टाफ की कमी है। दवाएं भी आवश्यकता अनुसार नहीं मिल पाती हैं। फिर भी बेहतर सुविधाएं देने के प्रयास करते हैं। जिन मरीजों में डेंगू की पुष्टि होती है उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है।
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जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में भर्ती हैं अन्य मरीज
डेंगू से निपटने के लिए जिला अस्पताल में दो कक्ष डेंगू वार्ड के रुप में आरक्षित हैं। लेकिन शनिवार को इस विशेष वार्ड के एक कक्ष में जहां डेंगू पीड़ित एक भी मरीज भर्ती नहीं दिखा। जबकि यहां भर्ती चोटहिल मरीजों की संख्या अधिक दिखी। वहीं डेंगू आरक्षित दूसरे कक्ष में ताला बंद मिला।