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प्रसव पीड़िता को जिला अस्पताल से निकाला
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 09 Nov 2015 11:57 PM IST
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जिला महिला अस्पताल में चिकित्सकों की मनमानी चरम पर है। यहां पर आने वाली प्रसव पीड़िताओं से अभद्रता की जाती है। विरोध करने पर हालत गंभीर बता अस्पताल से निकाल दिया जाता है। एक प्रसव पीड़िता की हालत गंभीर बता रविवार की देरशाम उसे अस्पताल से निकाल दिया गया। परिवारीजनों ने लखनऊ ले जाकर भर्ती कराया जहां सामान्य प्रसव हुआ है। अभी दो दिन पहले जाटा बरौली सीएचसी में भी प्रसव पीड़िता को बाहर निकाल दिया गया था जिसके बाद उसे गेट पर ही प्रसव हो गया था।
जमलापुर निवासी सुरेश का आरोप है कि रविवार को प्रसव पीड़ा पर पत्नी सोनी (30) को महिला जिला अस्पताल लाया था। पहले तो चिकित्सकों ने भर्ती करने से ही इंकार कर दिया। हाथ-पैर जोड़ने के बाद किसी तरह भर्ती कर लिया तो रात में स्टाफ ने कई बार मरीज से अभद्रता की। जब इसका विरोध किया तो हालत गंभीर और ब्लड की कमी बता अस्पताल से निकाल दिया गया।
मजबूरी में रात में निजी वाहन से लखनऊ के नर्सिंग होम में भर्ती कराया जहां सामान्य प्रसव हुआ। पीड़ित ने कहा कि पूरे मामले की लिखित शिकायत जिलाधिकारी से की जाएगी। ये मामला तो महज बानगी भर है। इसकी यदि निष्पक्ष जांच करा ली जाए तो ऐसे कई मामले प्रकाश में आ जाएंगे जो सुविधा शुल्क की मांग पूरी नहीं कर पाते हैं जिसके लिए उन्हें अस्पताल से रेफर कर दिया
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जाता है।
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जमलापुर निवासी सुरेश का आरोप है कि रविवार को प्रसव पीड़ा पर पत्नी सोनी (30) को महिला जिला अस्पताल लाया था। पहले तो चिकित्सकों ने भर्ती करने से ही इंकार कर दिया। हाथ-पैर जोड़ने के बाद किसी तरह भर्ती कर लिया तो रात में स्टाफ ने कई बार मरीज से अभद्रता की। जब इसका विरोध किया तो हालत गंभीर और ब्लड की कमी बता अस्पताल से निकाल दिया गया।
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मजबूरी में रात में निजी वाहन से लखनऊ के नर्सिंग होम में भर्ती कराया जहां सामान्य प्रसव हुआ। पीड़ित ने कहा कि पूरे मामले की लिखित शिकायत जिलाधिकारी से की जाएगी। ये मामला तो महज बानगी भर है। इसकी यदि निष्पक्ष जांच करा ली जाए तो ऐसे कई मामले प्रकाश में आ जाएंगे जो सुविधा शुल्क की मांग पूरी नहीं कर पाते हैं जिसके लिए उन्हें अस्पताल से रेफर कर दिया
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