{"_id":"609d74aa8ebc3e374f05d407","slug":"delivary-barabanki-news-lko578016881","type":"story","status":"publish","title_hn":"उपचार के लिए घंटों तड़पती रही कोविड पॉजिटिव प्रसूता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उपचार के लिए घंटों तड़पती रही कोविड पॉजिटिव प्रसूता
विज्ञापन
बाराबंकी। कोविड पॉजिटिव एक प्रसूता घंटों जिला महिला अस्पताल में कुर्सियों पर लेटी तड़पती रही लेकिन यहां पर तैनात चिकित्सकों का दिल नहीं पसीजा। परिवारीजन हाथ जोड़ रोते और गिड़गिड़ाते रहे मगर संवेदनहीन हो चुके महिला अस्पताल की डॉक्टरों को दया नहीं आई। मामला अधिकारियों तक पहुंचा तो डॉक्टरों ने ऑक्सीजन लेवल कम बताकर रेफर कर पर्चा थमा दिया। यहीं नहीं आरोप है कि पीड़िता को ले जाने के लिए एक अदद एंबुलेंस तक मुहैया नहीं कराई गई। तीमारदार निजी एंबुलेंस से महिला को लेकर चले गए।
असंद्रा थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला को प्रसव पीड़ा होने पर पति मुकेश बुधवार को जिला महिला अस्पताल लेकर आया था। मुकेश ने बताया कि यहां पर जांच में वह कोरोना पॉजिटिव पाई गई। इस पर उसे अगले दिन लेकर आने के लिए कहा गया। वृहस्पतिवार को वह दस बजे पीड़िता को लेकर अस्पताल पहुंच गया। आरोप है कि पूरा दिन अस्पताल में बीत गया लेकिन हाथ लगाने की बात दूर डॉक्टर पीड़िता को देखने तक नहीं आए। जबकि पीड़िता अस्पताल के बरामदे में पड़ी कुर्सियों पर तड़पती रही लेकिन यहां पर मौजूद चिकित्सकों का दिल नहीं पसीजा।
परिवारीजन डॉक्टरों के आगे रोते रहे गिड़गिड़ाते रहे लेकिन कोई हाथ लगाने को तैयार नहीं था। कहा कि बेहोशी का डॉक्टर नहीं है। मामला सीएमओ तक पहुंचा तो उन्होंने बेहोशी का डॉक्टर तत्काल उपलब्ध करा दिया। इसके बाद भी उसे उपचार नहीं दिया गया और ये कहकर रेफर का पर्चा थमा दिया गया कि इसका ऑक्सीजन लेवल लगातार गिर रहा है।
विज्ञापन
ऐसे में प्रसव करा पाना संभव नहीं है। आरोप है कि सिफारिश से यहां के अधिकारी इतना नाराज हो गए कि उसे एक अदद एंबुलेंस तक मुहैया नहीं कराई। ये हाल तब है जब डीएम ने कोविड पॉजिटिव प्रसूताओं का उपचार प्राथमिकता के आधार पर करने का आदेश दे रखा है। लेकिन यहां के डॉक्टरों के लिए डीएम का आदेश भी कोई मायने नहीं रखता है।
कोविड पॉजिटिव प्रसव पीड़िता का ऑक्सीजन लेवल 80-85 के आसपास था। ऐसी स्थिति में ऑपरेशन से प्रसव कराना खतरे से खाली नहीं था। उसकी हालत लगातार बिगड़ रही थी। इसलिए उसे रेफर किया गया।
-डॉ. संगीता श्रीवास्तव, सीएमएस
हमें जैसे ही जानकारी मिली कि बेहोशी का चिकित्सक न होने के कारण उपचार नहीं किया जा रहा तो हमने तुरंत बेहोशी का चिकित्सक उपलब्ध करा दिया। इसके बाद भी प्रसूता का उपचार किए बिना ही रेफर करना गलत है। इसकी जांच कराई जाएगी। जबकि हम दोनों अस्पतालों का हर संभव मदद पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं जिससे यहां पर आने वाले मरीजों को बेहतर उपचार की सुविधा मिल सके।
-डॉ. बीकेएस चौहान, सीएमओ
विज्ञापन
असंद्रा थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला को प्रसव पीड़ा होने पर पति मुकेश बुधवार को जिला महिला अस्पताल लेकर आया था। मुकेश ने बताया कि यहां पर जांच में वह कोरोना पॉजिटिव पाई गई। इस पर उसे अगले दिन लेकर आने के लिए कहा गया। वृहस्पतिवार को वह दस बजे पीड़िता को लेकर अस्पताल पहुंच गया। आरोप है कि पूरा दिन अस्पताल में बीत गया लेकिन हाथ लगाने की बात दूर डॉक्टर पीड़िता को देखने तक नहीं आए। जबकि पीड़िता अस्पताल के बरामदे में पड़ी कुर्सियों पर तड़पती रही लेकिन यहां पर मौजूद चिकित्सकों का दिल नहीं पसीजा।
विज्ञापन
परिवारीजन डॉक्टरों के आगे रोते रहे गिड़गिड़ाते रहे लेकिन कोई हाथ लगाने को तैयार नहीं था। कहा कि बेहोशी का डॉक्टर नहीं है। मामला सीएमओ तक पहुंचा तो उन्होंने बेहोशी का डॉक्टर तत्काल उपलब्ध करा दिया। इसके बाद भी उसे उपचार नहीं दिया गया और ये कहकर रेफर का पर्चा थमा दिया गया कि इसका ऑक्सीजन लेवल लगातार गिर रहा है।
विज्ञापन
ऐसे में प्रसव करा पाना संभव नहीं है। आरोप है कि सिफारिश से यहां के अधिकारी इतना नाराज हो गए कि उसे एक अदद एंबुलेंस तक मुहैया नहीं कराई। ये हाल तब है जब डीएम ने कोविड पॉजिटिव प्रसूताओं का उपचार प्राथमिकता के आधार पर करने का आदेश दे रखा है। लेकिन यहां के डॉक्टरों के लिए डीएम का आदेश भी कोई मायने नहीं रखता है।
कोविड पॉजिटिव प्रसव पीड़िता का ऑक्सीजन लेवल 80-85 के आसपास था। ऐसी स्थिति में ऑपरेशन से प्रसव कराना खतरे से खाली नहीं था। उसकी हालत लगातार बिगड़ रही थी। इसलिए उसे रेफर किया गया।
-डॉ. संगीता श्रीवास्तव, सीएमएस
हमें जैसे ही जानकारी मिली कि बेहोशी का चिकित्सक न होने के कारण उपचार नहीं किया जा रहा तो हमने तुरंत बेहोशी का चिकित्सक उपलब्ध करा दिया। इसके बाद भी प्रसूता का उपचार किए बिना ही रेफर करना गलत है। इसकी जांच कराई जाएगी। जबकि हम दोनों अस्पतालों का हर संभव मदद पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं जिससे यहां पर आने वाले मरीजों को बेहतर उपचार की सुविधा मिल सके।
-डॉ. बीकेएस चौहान, सीएमओ