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कर्ज से डूबे किसान की मौत, राजस्व टीम पर उत्पीड़न का आरोप
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बाराबंकी। कर्ज में डूबे किसान की देरशाम जिला अस्पताल में मौत हो गई। कर्ज की वसूली करने गुरुवार को नायब तहसीलदार हैदरगढ़ की टीम गांव पहुंची थी जहां से किसान को पकड़ कर अपने साथ ले आई थी। इस दौरान किसान ने जहरीला पदार्थ खा लिया था, हालत बिगड़ने पर उसे सीएचसी ले जाया गया था जहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था। परिवारीजनों और ग्राम प्रधान ने वसूली करने आई टीम पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए मामले में पूरी टीम पर रिपोर्ट दर्ज कराए जाने की बात कही है।
सिद्धौर क्षेत्र के मवैया मजरे सादुल्लापुर निवासी किसान जगजीवन वर्मा (55) ने तीन बैंकों से करीब 40 लाख रुपये का कर्ज ले रखा था। कर्ज की अदायगी न होने पर केनरा बैंक जैदपुर, कार्पोरेशन बैंक बाराबंकी और इंडियन बैंक शाखा सतरही ने आरसी जारी कर दी थी। गुरुवार को नायब तहसीलदार हैदरगढ़ अभिषेक यादव के नेतृत्व में राजस्व टीम कर्ज वसूलने के लिए गांव पहुंची थी।
परिवारीजनों का आरोप है कि टीम ने पहले तो उनके साथ अभद्रता की फिर उन्हें गाड़ी में बिठाकर साथ लेकर चली गई। आरोप है कि इसी बीच किसान ने जहरीला पदार्थ खा लिया था और हालत बिगड़ने पर टीम उसे सीएचसी ले गई थी जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था।
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मृतक के पुत्र चंद्रेश का कहना है कि जिस वक्त टीम अपने साथ ले गई थी उस समय उनके पास कुछ नहीं था, जहरीला पदार्थ कहां से आया और किसने दिया इसकी जानकारी हम लोगों को नहीं है। इनका आरोप है कि राजस्व टीम ने काफी उत्पीड़न किया जिससे उनकी हालत बिगड़ने के बाद देरशाम जिला अस्पताल में मौत हो गई। इस मामले में राजस्व टीम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। वहीं इमरजेंसी में तैनात डॉ. विनायक त्रिपाठी ने किसान की मौत होने की पुष्टि की है।
ग्राम प्रधान सादुल्लापुर बद्री विशाल का कहना है कि जगजीवन क्षेत्र में काफी सम्मानित व्यक्ति थे। इनका आरोप है कि गांव वालों के सामने राजस्व टीम ने उन्हें काफी भला-बुरा कहकर जलील किया था। टीम ने तो उनसे यहां तक कहा था कि कर्जा न अदा कर सकते हो तो जहर खा लो। इनका आरोप है कि टीम ने ही उन्हें जहर दिया है जिसकी वजह से हालत बिगड़ी और मौत हो गई। जगजीवन की मौत से ग्रामीणों में काफी आक्रोश है और वह इस मामले को लेकर धरना-प्रदर्शन की तैयारी में हैं। किसान के पास जहरीला पदार्थ कहां से आया इसकी जांच कराई जाए।
किसान जगजीवन को गुरुवार को हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल में परिवारीजनों ने भर्ती कराया था जहां से ट्रॉमा के लिए रेफर कर दिया गया था। मृतक के पुत्र चंद्रेश ने बताया कि हालत गंभीर होने पर लोहिया ले गया था जहां से ट्रॉमा भेज दिया गया, ट्रॉमा में वेंटीलेटर न मिलने के कारण सफेदाबाद स्थित हिंद अस्पताल लाए जहां से भी रेफर कर दिया गया तो हम लोग शाम को चंदन अस्पताल भर्ती कराये और वहां से शुक्रवार को निकालकर जिला अस्पताल ले गए जहां 8.45 बजे मौत हो गई।
एसडीएम हैदरगढ़ योगेंद्र कुमार ने बताया कि किसान की मौत की सूचना मिली है लेकिन अभी तक इसकी लिखा-पढ़ी में कोई पुष्टि नहीं हो पाई है। यदि किसान की मौत हुई है तो पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
थानाध्यक्ष कोठी संतोष कुमार ने बताया कि जिस किसान की मौत हुई उसके पुत्र अर्जश कुमार ने गुरुवार को तहसील कर्मियों पर किसान को बोलेरो जीप से उठा ले जाने की तहरीर देते हुए बताया था कि उसने वाहन में कोई जहरीला पदार्थ खा लिया है लेकिन मौत होने के संबंध में अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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सिद्धौर क्षेत्र के मवैया मजरे सादुल्लापुर निवासी किसान जगजीवन वर्मा (55) ने तीन बैंकों से करीब 40 लाख रुपये का कर्ज ले रखा था। कर्ज की अदायगी न होने पर केनरा बैंक जैदपुर, कार्पोरेशन बैंक बाराबंकी और इंडियन बैंक शाखा सतरही ने आरसी जारी कर दी थी। गुरुवार को नायब तहसीलदार हैदरगढ़ अभिषेक यादव के नेतृत्व में राजस्व टीम कर्ज वसूलने के लिए गांव पहुंची थी।
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परिवारीजनों का आरोप है कि टीम ने पहले तो उनके साथ अभद्रता की फिर उन्हें गाड़ी में बिठाकर साथ लेकर चली गई। आरोप है कि इसी बीच किसान ने जहरीला पदार्थ खा लिया था और हालत बिगड़ने पर टीम उसे सीएचसी ले गई थी जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था।
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मृतक के पुत्र चंद्रेश का कहना है कि जिस वक्त टीम अपने साथ ले गई थी उस समय उनके पास कुछ नहीं था, जहरीला पदार्थ कहां से आया और किसने दिया इसकी जानकारी हम लोगों को नहीं है। इनका आरोप है कि राजस्व टीम ने काफी उत्पीड़न किया जिससे उनकी हालत बिगड़ने के बाद देरशाम जिला अस्पताल में मौत हो गई। इस मामले में राजस्व टीम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। वहीं इमरजेंसी में तैनात डॉ. विनायक त्रिपाठी ने किसान की मौत होने की पुष्टि की है।
ग्राम प्रधान सादुल्लापुर बद्री विशाल का कहना है कि जगजीवन क्षेत्र में काफी सम्मानित व्यक्ति थे। इनका आरोप है कि गांव वालों के सामने राजस्व टीम ने उन्हें काफी भला-बुरा कहकर जलील किया था। टीम ने तो उनसे यहां तक कहा था कि कर्जा न अदा कर सकते हो तो जहर खा लो। इनका आरोप है कि टीम ने ही उन्हें जहर दिया है जिसकी वजह से हालत बिगड़ी और मौत हो गई। जगजीवन की मौत से ग्रामीणों में काफी आक्रोश है और वह इस मामले को लेकर धरना-प्रदर्शन की तैयारी में हैं। किसान के पास जहरीला पदार्थ कहां से आया इसकी जांच कराई जाए।
किसान जगजीवन को गुरुवार को हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल में परिवारीजनों ने भर्ती कराया था जहां से ट्रॉमा के लिए रेफर कर दिया गया था। मृतक के पुत्र चंद्रेश ने बताया कि हालत गंभीर होने पर लोहिया ले गया था जहां से ट्रॉमा भेज दिया गया, ट्रॉमा में वेंटीलेटर न मिलने के कारण सफेदाबाद स्थित हिंद अस्पताल लाए जहां से भी रेफर कर दिया गया तो हम लोग शाम को चंदन अस्पताल भर्ती कराये और वहां से शुक्रवार को निकालकर जिला अस्पताल ले गए जहां 8.45 बजे मौत हो गई।
एसडीएम हैदरगढ़ योगेंद्र कुमार ने बताया कि किसान की मौत की सूचना मिली है लेकिन अभी तक इसकी लिखा-पढ़ी में कोई पुष्टि नहीं हो पाई है। यदि किसान की मौत हुई है तो पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
थानाध्यक्ष कोठी संतोष कुमार ने बताया कि जिस किसान की मौत हुई उसके पुत्र अर्जश कुमार ने गुरुवार को तहसील कर्मियों पर किसान को बोलेरो जीप से उठा ले जाने की तहरीर देते हुए बताया था कि उसने वाहन में कोई जहरीला पदार्थ खा लिया है लेकिन मौत होने के संबंध में अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।