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बेटे को बचाने दौड़े पिता की डूबकर मौत
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बाराबंकी। सरयू तटबंध के पास भरे बाढ़ के पानी में डूबते बेटे को बचाने के लिए पिता ने छलांग लगा दी। ग्रामीणों ने किसी तरह बेटे को तो बचा लिया लेकिन पिता की डूब कर मौत हो गई। आरोप है कि पिता-पुत्र को डूबता देख परिवारीजनों ने बाढ़ चौकी जाकर पीएससी कर्मियों से बचाने की गुहार लगाई लेकिन स्टीमर में पेट्रोल न होने की बात कह लौटा दिया। इससे नाराज बाढ़ पीड़ितों ने बंधे पर प्रदर्शन किया। एसडीएम के समझाने पर ग्रामीणों ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।
मोहम्मदपुर खाला क्षेत्र के बासूपुर मजरे बतनेरा में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। गांव के श्याम बिहारी यादव, पत्नी व बच्चों के साथ तटबंध पर तिरपाल के नीचे रह रहे थे। मंगलवार दोपहर श्याम बिहारी का छोटा बेटा अंगद (13) तटबंध के किनारे भरे बाढ़ के पानी में डूबने लगा। बेटे को डूबते देख श्याम विहारी ने उसे बचाने के लिए पानी में छलांग लगा दी। पानी अधिक होने के चलते दोनों डूबने लगे। यह देख कई ग्रामीण पानी में कूद गए और अंगद को निकाल लिया गया लेकिन श्याम बिहारी की डूब कर मौत हो गई।
ग्रामीणों ने एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद श्याम बिहारी का शव निकाला। मृतक के बड़े बेटे सुशील का आरोप है कि दुर्घटनास्थल से दो सौ मीटर दूर बाढ़ चौकी पर मौजूद पीएसी कर्मी तमाशा देखते रहे। बहन सावित्री उनके पास जाकर पिता को बचाने के लिए गिड़गिड़ाई तो उन्होंने स्टीमर में पेट्रोल न होने की बात कही। इससे नाराज ग्रामीणों ने श्याम बिहारी के शव के साथ प्रदर्शन किया। रामनगर एसडीएम जितेन्द्र कटियार, तहसीलदार रामदेव निषाद, एसओ मनोज शर्मा मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने कार्रवाई का लिखित आश्वासन दिया जिसके बाद ग्रामीण शांत हुए। एसडीएम ने बताया कि पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाएगी। जांच कर पीएसी कर्मियों पर कार्रवाई के लिए पत्र लिखा जाएगा।
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मोहम्मदपुर खाला क्षेत्र के बासूपुर मजरे बतनेरा में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। गांव के श्याम बिहारी यादव, पत्नी व बच्चों के साथ तटबंध पर तिरपाल के नीचे रह रहे थे। मंगलवार दोपहर श्याम बिहारी का छोटा बेटा अंगद (13) तटबंध के किनारे भरे बाढ़ के पानी में डूबने लगा। बेटे को डूबते देख श्याम विहारी ने उसे बचाने के लिए पानी में छलांग लगा दी। पानी अधिक होने के चलते दोनों डूबने लगे। यह देख कई ग्रामीण पानी में कूद गए और अंगद को निकाल लिया गया लेकिन श्याम बिहारी की डूब कर मौत हो गई।
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ग्रामीणों ने एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद श्याम बिहारी का शव निकाला। मृतक के बड़े बेटे सुशील का आरोप है कि दुर्घटनास्थल से दो सौ मीटर दूर बाढ़ चौकी पर मौजूद पीएसी कर्मी तमाशा देखते रहे। बहन सावित्री उनके पास जाकर पिता को बचाने के लिए गिड़गिड़ाई तो उन्होंने स्टीमर में पेट्रोल न होने की बात कही। इससे नाराज ग्रामीणों ने श्याम बिहारी के शव के साथ प्रदर्शन किया। रामनगर एसडीएम जितेन्द्र कटियार, तहसीलदार रामदेव निषाद, एसओ मनोज शर्मा मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने कार्रवाई का लिखित आश्वासन दिया जिसके बाद ग्रामीण शांत हुए। एसडीएम ने बताया कि पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाएगी। जांच कर पीएसी कर्मियों पर कार्रवाई के लिए पत्र लिखा जाएगा।
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