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डीडीसी में सपा-बसपा का दबदबा
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 02 Nov 2015 11:55 PM IST
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जिला पंचायत के 58 और बीडीसी की 1458 सीटों के लिए सोमवार शाम तक सारे नतीजे घोषित कर दिए गए। जिला पंचायत अध्यक्ष की दावेदार मानी जा रहीं शीला सिंह, राजवंती यादव और अशोक सिंह ने शुरू से बढ़त बनाई शानदार वोटों से विजयी हुए। नतीजों के अनुसार जिला पंचायत में सपा और बसपा का दबदबा लग रहा है। दोनों पार्टियों ने 25 से 30 सीटें जीतने का दावा किया है। वहीं भाजपा पांच, पीस पार्टी दो और कांग्रेस एक विजेता को अपना बता रही है।
जिले में जिला पंचायत के 58 पदों के सभी परिणाम शाम तक घोषित कर दिए गए। इन पदों के लिए करीब 1156 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। इसी प्रकार क्षेत्र पंचायत के 1458 पदों के लिए 10578 उम्मीदवारों ने दावेदारी जताई थी। रविवार सुबह शुरू हुई मतगणना सोमवार शाम तक चली। सोमवार तड़के से रिजल्ट आना शुरू हो गया। जिला पंचायत के लिए हरख प्रथम से वर्तमान अध्यक्ष शीला सिंह ने लगभग चार हजार मतों से सुमन वर्मा को हराया।
सदर विधायक सुरेश यादव के भाई की पत्नी राजवंती यादव ने पांच हजार वोटों से शानदार जीत दर्ज की लेकिन मंत्री अरविंद सिंह गोप के भाई अशोक सिंह को हैदरगढ़ तृतीय सीट पर कड़ी टक्कर मिली। यहां बसपा समर्थित जावेद खान को मिले समर्थन से एक बार तो अशोक सिंह समर्थकों के पसीने छूट गए लेकिन अंत अशोक सिंह लगभग पांच सौ वोट से जीत गए। रामनगर प्रथम में चन्द्रदेव सिंह को प्रवेश शुक्ला ने इतनी कड़ी टक्कर दी कि एक बार तो चन्द्रदेव को भी पसीना आ गया लेकिन अंत में चंद्रदेव विजेता बने।
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पूर्व ब्लॉक प्रमुख उर्मिला सिंह को खुद इस बात की उम्मीद नहीं थी कि वह तीसरे स्थान पर पहुंच जाएंगी। त्रिवेदीगंज से मौजूदा ब्लॉक प्रमुख सुनील सिंह ने नहीं सोचा था कि उनकी पत्नी प्रियंका सिंह चुनाव हार जाएंगी। अलका मिश्रा, ओमप्रभा और अनुपमा पटेल को लेकर तरह तरह की चर्चाएं थीं। यहां तक कहा जा रहा था कि इनकी तो जमानत तक जब्त हो जाएगी लेकिन इन तीनों महिलाओं ने जीत हासिल कर अटकलों को विराम लगा दिया। बसपा जिलाध्यक्ष सुरेश चन्द्र गौतम की पत्नी कमला गौतम भी जीतते-जीतते चुनाव हार गई।
यहां ओमप्रभा ने अप्रत्याशित जीत दर्ज कर ली। नतीजों के अनुसार जिला पंचायत में सपा और बसपा का दबदबा लगा रहा है। दोनों पार्टियों ने 25 से 30 सीटें जीतने का दावा किया है। वहीं भाजपा ने पांच, पीस पार्टी दो और कांग्रेस एक विजेता को अपना बता रही है।
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जिले में जिला पंचायत के 58 पदों के सभी परिणाम शाम तक घोषित कर दिए गए। इन पदों के लिए करीब 1156 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। इसी प्रकार क्षेत्र पंचायत के 1458 पदों के लिए 10578 उम्मीदवारों ने दावेदारी जताई थी। रविवार सुबह शुरू हुई मतगणना सोमवार शाम तक चली। सोमवार तड़के से रिजल्ट आना शुरू हो गया। जिला पंचायत के लिए हरख प्रथम से वर्तमान अध्यक्ष शीला सिंह ने लगभग चार हजार मतों से सुमन वर्मा को हराया।
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सदर विधायक सुरेश यादव के भाई की पत्नी राजवंती यादव ने पांच हजार वोटों से शानदार जीत दर्ज की लेकिन मंत्री अरविंद सिंह गोप के भाई अशोक सिंह को हैदरगढ़ तृतीय सीट पर कड़ी टक्कर मिली। यहां बसपा समर्थित जावेद खान को मिले समर्थन से एक बार तो अशोक सिंह समर्थकों के पसीने छूट गए लेकिन अंत अशोक सिंह लगभग पांच सौ वोट से जीत गए। रामनगर प्रथम में चन्द्रदेव सिंह को प्रवेश शुक्ला ने इतनी कड़ी टक्कर दी कि एक बार तो चन्द्रदेव को भी पसीना आ गया लेकिन अंत में चंद्रदेव विजेता बने।
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पूर्व ब्लॉक प्रमुख उर्मिला सिंह को खुद इस बात की उम्मीद नहीं थी कि वह तीसरे स्थान पर पहुंच जाएंगी। त्रिवेदीगंज से मौजूदा ब्लॉक प्रमुख सुनील सिंह ने नहीं सोचा था कि उनकी पत्नी प्रियंका सिंह चुनाव हार जाएंगी। अलका मिश्रा, ओमप्रभा और अनुपमा पटेल को लेकर तरह तरह की चर्चाएं थीं। यहां तक कहा जा रहा था कि इनकी तो जमानत तक जब्त हो जाएगी लेकिन इन तीनों महिलाओं ने जीत हासिल कर अटकलों को विराम लगा दिया। बसपा जिलाध्यक्ष सुरेश चन्द्र गौतम की पत्नी कमला गौतम भी जीतते-जीतते चुनाव हार गई।
यहां ओमप्रभा ने अप्रत्याशित जीत दर्ज कर ली। नतीजों के अनुसार जिला पंचायत में सपा और बसपा का दबदबा लगा रहा है। दोनों पार्टियों ने 25 से 30 सीटें जीतने का दावा किया है। वहीं भाजपा ने पांच, पीस पार्टी दो और कांग्रेस एक विजेता को अपना बता रही है।