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बड़े नोट बंद होने से अफरातफरी में गुजरा दिन
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Thu, 10 Nov 2016 12:11 AM IST
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बड़े नोट बंद होने से अफरातफरी में गुजरा दिन
- फोटो : अमर उजाला
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एक हजार व पांच सौ की नोट बंद करने का जबरदस्त असर बुधवार को बाजारों में दिखा। सहालग के मौसम में कल तक दिनभर जहां बाजारों में रौनक रहती थी वहां पर सन्नाटा पसरा था। दुकानें तो ग्राहक के इंतजार मेें खुली रहीं लेकिन बिक्री लगभग ठप रही।
ग्राहक 500 और हजार के नोट लेकर आ रहे थे जिसे दुकानदारों ने लेने से मना कर दिया। इस कारण बहुत से दुकानदारों की बोहनी तक नहीं हुई। शहर के पेट्रोल पंपों पर बुरी स्थित रही। अधिकतर जगहों पर तो बड़ी नोट लेने से मना कर दिया गया। लेकिन जहां तेल मिला रहा था वहां पूरे 500 या फिर हजार रुपये का तेल लेना जरूरी था। कहीं कोई माहौल न बिगड़ने पाए इसके लिए पेट्रोल पंप व बैंकों के आस पास पुलिस व पीएसी की तैनाती की गई है।
भारत सरकार द्वारा पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट बंद करने के बाद शहर से लेकर ग्रामीण इलाके में हर तरफ अफरा तफरी मची हुई है। बुधवार को सुबह से ही शहर व ग्रामीण इलाकों में स्थित पेट्रोल पंपों पर पैसा बदलने व पेट्रोल, डीजल लेने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही। हालांकि इस दौरान पेट्रोल पंपों पर सिर्फ पांच सौ व एक हजार रुपये का ही तेल दिया गया किसी को छुट्टा पैसे वापस नहीं दिए गए। इसके अलावा अन्य जगहों पर भी लोगों की भीड़ रही। हालांकि कहीं पर पेट्रोल पंप बंद नहीं किया गया जबकि कुछ जगहों पर पैसे देने व लेने के चक्कर में लोगों द्वारा मामूली कहासुनी जरूर की गई। सभी पंपों पर पुलिस भी तैनात की गई थी।
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रेलवे स्टेशन व बस स्टेशन पर भी लगी रही भीड़
बुधवार सुबह से ही रेलवे स्टेशन व बस स्टेशन पर भी यात्रियों की भारी भीड़ लगी रही। हालांकि यहां पर टिकट में पांच सौ व हजार के नोट लिए जाने से सभी ने राहत की सांस ली। वहीं डग्गामार वाहनोें में यात्रियोें से पांच सौ व हजार की नोट नहीं लिए गए जिसके चलते लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
इसमें सबसे ज्यादा परेशानी ग्रामीण इलाके में रहने वालों को हुई। इसके अलावा सरकारी अस्पताल व निजी अस्पतालों में भी लोग जमे रहे। शहर मेें कुछ मेडिकल स्टोर संचालकों ने तो लोगों से पांच सौ व हजार के नोट नहीं लिए लेकिन कई लोगों द्वारा नोट लिए जाने से लोगों को दवाइयां मिल सकीं लेकिन इसके बावजूद भी हर कोई परेशान दिखा।
डाकघर व बैंक रहे बंद
जिले में सभी डाकघर व बैंकों में ज्यादातर मुख्य गेट बंद रहे। शहर स्थित मुख्य डाकघर शाखा में कर्मचारी तो कार्य करते दिखे लेकिन सभी काउंटरों पर सन्नाटा पसरा रहा। पेट्रोल पंप एसोसिएशन के सचिव दीपक जैन ने बताया कि जिले में विभिन्न कंपनियों के करीब 110 पेट्रोल पंप है जिन पर सभी लोगों को पेट्रोल व डीजल दिया गया है। पेट्रोल पंप संचालक नवीन सिंह राठौर, मोनू सिंह, प्रदीप जैन ने कहा सभी पेट्रोल पंपों पर एक हजार व पांच सौ के नोट लिए जा रहे है।
जगह जगह पर तैनात रही पुलिस एसपी ने किया भ्रमण
जिले में कहीं भी कोई माहौल या कानून व्यवस्था बिगड़ने न पाए इसके लिए प्रत्येक सार्वजनिक स्थलों व पेट्रोल पंपों पर पुलिस व पीएसी की तैनाती की गई थी। एसपी राजू बाबू सिंह समेत सभी पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी पूरे दिन शहर व ग्रामीण इलाके में भ्रमण कर पल पल पर नजर रखे रहे। हालांकि इस दौरान कहीं पर कोई विवाद की सूचना नहीं आई है। एसपी का कहना है कि लोग परेशान न हों और आराम से सभी कार्य करें। कहा यदि कहीं कोई विवाद करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
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ग्राहक 500 और हजार के नोट लेकर आ रहे थे जिसे दुकानदारों ने लेने से मना कर दिया। इस कारण बहुत से दुकानदारों की बोहनी तक नहीं हुई। शहर के पेट्रोल पंपों पर बुरी स्थित रही। अधिकतर जगहों पर तो बड़ी नोट लेने से मना कर दिया गया। लेकिन जहां तेल मिला रहा था वहां पूरे 500 या फिर हजार रुपये का तेल लेना जरूरी था। कहीं कोई माहौल न बिगड़ने पाए इसके लिए पेट्रोल पंप व बैंकों के आस पास पुलिस व पीएसी की तैनाती की गई है।
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भारत सरकार द्वारा पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट बंद करने के बाद शहर से लेकर ग्रामीण इलाके में हर तरफ अफरा तफरी मची हुई है। बुधवार को सुबह से ही शहर व ग्रामीण इलाकों में स्थित पेट्रोल पंपों पर पैसा बदलने व पेट्रोल, डीजल लेने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही। हालांकि इस दौरान पेट्रोल पंपों पर सिर्फ पांच सौ व एक हजार रुपये का ही तेल दिया गया किसी को छुट्टा पैसे वापस नहीं दिए गए। इसके अलावा अन्य जगहों पर भी लोगों की भीड़ रही। हालांकि कहीं पर पेट्रोल पंप बंद नहीं किया गया जबकि कुछ जगहों पर पैसे देने व लेने के चक्कर में लोगों द्वारा मामूली कहासुनी जरूर की गई। सभी पंपों पर पुलिस भी तैनात की गई थी।
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रेलवे स्टेशन व बस स्टेशन पर भी लगी रही भीड़
बुधवार सुबह से ही रेलवे स्टेशन व बस स्टेशन पर भी यात्रियों की भारी भीड़ लगी रही। हालांकि यहां पर टिकट में पांच सौ व हजार के नोट लिए जाने से सभी ने राहत की सांस ली। वहीं डग्गामार वाहनोें में यात्रियोें से पांच सौ व हजार की नोट नहीं लिए गए जिसके चलते लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
इसमें सबसे ज्यादा परेशानी ग्रामीण इलाके में रहने वालों को हुई। इसके अलावा सरकारी अस्पताल व निजी अस्पतालों में भी लोग जमे रहे। शहर मेें कुछ मेडिकल स्टोर संचालकों ने तो लोगों से पांच सौ व हजार के नोट नहीं लिए लेकिन कई लोगों द्वारा नोट लिए जाने से लोगों को दवाइयां मिल सकीं लेकिन इसके बावजूद भी हर कोई परेशान दिखा।
डाकघर व बैंक रहे बंद
जिले में सभी डाकघर व बैंकों में ज्यादातर मुख्य गेट बंद रहे। शहर स्थित मुख्य डाकघर शाखा में कर्मचारी तो कार्य करते दिखे लेकिन सभी काउंटरों पर सन्नाटा पसरा रहा। पेट्रोल पंप एसोसिएशन के सचिव दीपक जैन ने बताया कि जिले में विभिन्न कंपनियों के करीब 110 पेट्रोल पंप है जिन पर सभी लोगों को पेट्रोल व डीजल दिया गया है। पेट्रोल पंप संचालक नवीन सिंह राठौर, मोनू सिंह, प्रदीप जैन ने कहा सभी पेट्रोल पंपों पर एक हजार व पांच सौ के नोट लिए जा रहे है।
जगह जगह पर तैनात रही पुलिस एसपी ने किया भ्रमण
जिले में कहीं भी कोई माहौल या कानून व्यवस्था बिगड़ने न पाए इसके लिए प्रत्येक सार्वजनिक स्थलों व पेट्रोल पंपों पर पुलिस व पीएसी की तैनाती की गई थी। एसपी राजू बाबू सिंह समेत सभी पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी पूरे दिन शहर व ग्रामीण इलाके में भ्रमण कर पल पल पर नजर रखे रहे। हालांकि इस दौरान कहीं पर कोई विवाद की सूचना नहीं आई है। एसपी का कहना है कि लोग परेशान न हों और आराम से सभी कार्य करें। कहा यदि कहीं कोई विवाद करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।