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पूर्व सैनिकों के सम्मान व काव्य पाठ ने बढ़ाई महोत्सव की शान
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बाराबंकी। पूर्व सैनिकों के सम्मान समारोह और कवि सम्मेलन का आयोजन मंगलवार को जनेस्मा महोत्सव में किया गया। पूर्व सैनिक सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि कर्नल दिनेश सिंह, कर्नल एसबी सिंह, लेफ्टिनेंट एमएस खान रहे। 23 पूर्व सैनिकों को महाविद्यालय की ओर से शॉल व स्मृति चिन्ह देकर और माला पहनाकर सम्मानित किया गया।
कर्नल दिनेश सिंह ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि उन्होंने सेना में 41 सालों तक अपनी सेवाएं दी तथा विषम परिस्थितियों में रहकर भी वे देश की सेवा के लिए तत्पर रहे। प्राचार्य डॉ. रामशंकर यादव ने कहा कि धरती के दो ही मालिक है, एक जवान और दूसरा किसान। किसान जब कड़ी मेहनत कर खेतों में काम कर सबके लिए अनाज उगाता है, जिससे सबका पेट भर सके तथा जवान सीमा पर मुस्तैद रहकर देश की रक्षा करता है। सैनिकों का सम्मान करके मैं स्वयं सम्मानित महसूस कर रहा हूँ।
अपरान्ह में काव्य संध्या का आयोजन महाकवि गुरू प्रसाद सिंह मृगेश की स्मृति में हुआ। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता श्याम सुन्दर दीक्षित ने करते हुए कहा कि मृगेश जी अवधि के निराला है। वही कवि राघवेन्द्र मिश्र प्रणय, डॉ अम्बरीष अम्बर, अशोक अग्निपथी, अजय प्रधान, फैज कुमार बाराबंकवीं. आदर्श बारबंकवी, ज्ञानेन्द्र पाठक आदि कवियों ने काव्य पाठ किया। राम किशोर तिवारी ने संचालन किया।
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अजय सिंह ने कहा कि कुछ माटी ऐसी होती है, जो अपना इतिहास बनाती है। इन्होंने बाराबंकी के इतिहास का परिचय कराया। ज्ञानेन्द्र पाठक ने कहा कि माँ के आंचल के छांव के नीचे इन दरख्तों का कोई वजूद नहीं है। अशोक अग्निपथी ने क्रांतिकारी कविता सुनाई।
जनेस्मा महोत्सव में आज
जनेस्मा महोत्सव में बुधवार को अंतर महाविद्यालयीय प्रतियोगिता में वाद- विवाद प्रतियोगिता, निबंध प्रतियोगिता, सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता, मेहंदी प्रतियोगिता, रंगोली प्रतियोगिता , पोस्टर प्रतियोगिता, कलश- सज्जा प्रतियोगिता व सुलेख प्रतियोगिता आयोजन होगा।
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कर्नल दिनेश सिंह ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि उन्होंने सेना में 41 सालों तक अपनी सेवाएं दी तथा विषम परिस्थितियों में रहकर भी वे देश की सेवा के लिए तत्पर रहे। प्राचार्य डॉ. रामशंकर यादव ने कहा कि धरती के दो ही मालिक है, एक जवान और दूसरा किसान। किसान जब कड़ी मेहनत कर खेतों में काम कर सबके लिए अनाज उगाता है, जिससे सबका पेट भर सके तथा जवान सीमा पर मुस्तैद रहकर देश की रक्षा करता है। सैनिकों का सम्मान करके मैं स्वयं सम्मानित महसूस कर रहा हूँ।
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अपरान्ह में काव्य संध्या का आयोजन महाकवि गुरू प्रसाद सिंह मृगेश की स्मृति में हुआ। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता श्याम सुन्दर दीक्षित ने करते हुए कहा कि मृगेश जी अवधि के निराला है। वही कवि राघवेन्द्र मिश्र प्रणय, डॉ अम्बरीष अम्बर, अशोक अग्निपथी, अजय प्रधान, फैज कुमार बाराबंकवीं. आदर्श बारबंकवी, ज्ञानेन्द्र पाठक आदि कवियों ने काव्य पाठ किया। राम किशोर तिवारी ने संचालन किया।
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अजय सिंह ने कहा कि कुछ माटी ऐसी होती है, जो अपना इतिहास बनाती है। इन्होंने बाराबंकी के इतिहास का परिचय कराया। ज्ञानेन्द्र पाठक ने कहा कि माँ के आंचल के छांव के नीचे इन दरख्तों का कोई वजूद नहीं है। अशोक अग्निपथी ने क्रांतिकारी कविता सुनाई।
जनेस्मा महोत्सव में आज
जनेस्मा महोत्सव में बुधवार को अंतर महाविद्यालयीय प्रतियोगिता में वाद- विवाद प्रतियोगिता, निबंध प्रतियोगिता, सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता, मेहंदी प्रतियोगिता, रंगोली प्रतियोगिता , पोस्टर प्रतियोगिता, कलश- सज्जा प्रतियोगिता व सुलेख प्रतियोगिता आयोजन होगा।