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दुष्कर्मी हत्यारे को मिली उम्रकैद
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Mon, 18 Jul 2016 11:45 PM IST
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चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
- फोटो : file photo
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नाबालिग से दुष्कर्म व हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट राजबहादुर सिंह मौर्या ने अभियुक्त को आजीवन कारावास व 75 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्त को तीन वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
अर्थदंड अदा होने पर मृतका के प्राकृतिक संरक्षक पिता को पचास हजार रुपये प्रतिकर स्वरूप दिए जाएंगे। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अमर सिंह यादव ने बताया कि थाना हैदरगढ़ के एक गांव निवासी नाबालिग 31 अगस्त 12 की रात अपनी बड़ी बहन के साथ अपने घर में सो रही थी।
करीब आधी रात गांव के सुरेश व उसके पिता सुन्दर नाबालिग को उठा ले गए। गांव के बाहर ले जाकर सुरेश ने उसके साथ दुष्कर्म किया और हत्या कर लाश बाग के किनारे सरपत के पास फेंक दिया। एक सितंबर 12 को प्राथमिकी के बाद अभियुक्त सुरेश व सुंदर को गिरफ्तार कर लिया गया था।
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सुरेश की निशानदेही पर दुष्कर्म के समय प्रयुक्त बिस्तर बरामद किया गया। जिसके परीक्षण के बाद घटना को सही पाये जाने की पुष्टि हुयी। मामले में कुल नौ साक्षी परीक्षित किये गए। दौरान विचारण सुंदर की मृत्यु हो गई। उभय पक्षों के तर्कों व अपराध की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए न्यायाधीश आरबीएस मौर्या ने अभियुक्त सुरेश को उक्त सजा सुनाई।
दुराचारी को सात साल की कैद
बाराबंकी। दुराचार के एक मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सत्यदेव गुप्ता ने एक आरोपी को सात वर्ष कैद व दस हजार रुपये के अर्थदंड भुगतने की सजा सुनाई है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता मथुरा प्रसाद वर्मा ने बताया कि आठ अप्रैल 2014 को थाना रामनगर क्षेत्र के एक गांव की किशोरी खेत की तरफ गई थी। तभी मुकेश कुमार यादव ने उसे पीछे से पकड़ लिया और उसके साथ दुराचार किया तभी पीड़िता की मां के आ जाने पर मुकेश यादव धमकी देकर भाग गया।
पीड़िता समेत गवाहों के बयान व दोनों पक्षों की बहस सुनने के पश्चात अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी मुकेश कुमार को दुराचार का दोषी पाते हुए सात वर्ष कैद व दस हजार रुपये के अर्थदंड भुगतने की सजा सुनाई है। जिसमें से 75 सौ रुपये पीड़िता को दिए जाएंगे।
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अर्थदंड अदा होने पर मृतका के प्राकृतिक संरक्षक पिता को पचास हजार रुपये प्रतिकर स्वरूप दिए जाएंगे। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अमर सिंह यादव ने बताया कि थाना हैदरगढ़ के एक गांव निवासी नाबालिग 31 अगस्त 12 की रात अपनी बड़ी बहन के साथ अपने घर में सो रही थी।
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करीब आधी रात गांव के सुरेश व उसके पिता सुन्दर नाबालिग को उठा ले गए। गांव के बाहर ले जाकर सुरेश ने उसके साथ दुष्कर्म किया और हत्या कर लाश बाग के किनारे सरपत के पास फेंक दिया। एक सितंबर 12 को प्राथमिकी के बाद अभियुक्त सुरेश व सुंदर को गिरफ्तार कर लिया गया था।
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सुरेश की निशानदेही पर दुष्कर्म के समय प्रयुक्त बिस्तर बरामद किया गया। जिसके परीक्षण के बाद घटना को सही पाये जाने की पुष्टि हुयी। मामले में कुल नौ साक्षी परीक्षित किये गए। दौरान विचारण सुंदर की मृत्यु हो गई। उभय पक्षों के तर्कों व अपराध की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए न्यायाधीश आरबीएस मौर्या ने अभियुक्त सुरेश को उक्त सजा सुनाई।
दुराचारी को सात साल की कैद
बाराबंकी। दुराचार के एक मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सत्यदेव गुप्ता ने एक आरोपी को सात वर्ष कैद व दस हजार रुपये के अर्थदंड भुगतने की सजा सुनाई है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता मथुरा प्रसाद वर्मा ने बताया कि आठ अप्रैल 2014 को थाना रामनगर क्षेत्र के एक गांव की किशोरी खेत की तरफ गई थी। तभी मुकेश कुमार यादव ने उसे पीछे से पकड़ लिया और उसके साथ दुराचार किया तभी पीड़िता की मां के आ जाने पर मुकेश यादव धमकी देकर भाग गया।
पीड़िता समेत गवाहों के बयान व दोनों पक्षों की बहस सुनने के पश्चात अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी मुकेश कुमार को दुराचार का दोषी पाते हुए सात वर्ष कैद व दस हजार रुपये के अर्थदंड भुगतने की सजा सुनाई है। जिसमें से 75 सौ रुपये पीड़िता को दिए जाएंगे।