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आठ हत्यारों को आजीवन कारावास
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Mon, 06 Mar 2017 11:31 PM IST
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चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
- फोटो : file photo
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अपर सत्र न्यायाधीश सत्यदेव गुप्ता ने हत्या और हत्या के प्रयास के मामले में नामजद आठ अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही पांच-पांच हजार रुपये आर्थिक दंड अदा करने का आदेश दिया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार फतेहपुर थाना क्षेत्र के शेखपुर अलीपुर गांव निवासिनी राजकुमारी पत्नी राजू सिंह ने तहरीर दी थी कि घर के सहन के सामने मोटर साइकिल निकालने पर मना करने पर 19 फरवरी 2008 की शाम सात बजे गांव के ही चंद्रिका बक्स सिंह अपने भाई हौसिला बक्स सिंह, अंबिका सिंह व भतीजे विजय सिंह, रेशमा सिंह, सरोजनी सिंह व ज्योती सिंह असलहा व लाठी डंडों से लैस होकर मेरे घर पर आए और हमला बोल दिया।
वादिनी के पति राजू सिंह पर ताबड़तोड़ तमंचा व बंदूक से कई फायर कर दिए। जिससे वह चिल्लाकर वहीं मौके पर गिर पड़े।
राजू सिंह का भाई मोनू सिंह व मां शांति सिंह बचाव में दौड़े तो हमलावरों ने उन पर भी लाठी डंडों से हमला बोल दिया। जिसमें तीनों लोगों को गोली और गंभीर चोटें आई थी। हालत बिगड़ते देखकर राजू सिंह को ट्रॉमा भेजा गया। जहां उसी रात इलाज के दौरान राजू सिंह की मौत हो गई। सरकारी अधिवक्ता मथुरा प्रसाद ने बताया कि उक्त मामले में अभियोजन पक्ष की तरफ से मुकदमे में 15 गवाह प्रस्तुत किए गए।
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दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सभी अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास तथा पांच-पांच हजार रुपये नगद धनराशि अदा करने का आदेश दिया। आठों अभियुक्तों में तीन सगे भाई व तीन महिलाओं समेत सभी एक ही परिवार के सदस्य शामिल हैं।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार फतेहपुर थाना क्षेत्र के शेखपुर अलीपुर गांव निवासिनी राजकुमारी पत्नी राजू सिंह ने तहरीर दी थी कि घर के सहन के सामने मोटर साइकिल निकालने पर मना करने पर 19 फरवरी 2008 की शाम सात बजे गांव के ही चंद्रिका बक्स सिंह अपने भाई हौसिला बक्स सिंह, अंबिका सिंह व भतीजे विजय सिंह, रेशमा सिंह, सरोजनी सिंह व ज्योती सिंह असलहा व लाठी डंडों से लैस होकर मेरे घर पर आए और हमला बोल दिया।
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वादिनी के पति राजू सिंह पर ताबड़तोड़ तमंचा व बंदूक से कई फायर कर दिए। जिससे वह चिल्लाकर वहीं मौके पर गिर पड़े।
राजू सिंह का भाई मोनू सिंह व मां शांति सिंह बचाव में दौड़े तो हमलावरों ने उन पर भी लाठी डंडों से हमला बोल दिया। जिसमें तीनों लोगों को गोली और गंभीर चोटें आई थी। हालत बिगड़ते देखकर राजू सिंह को ट्रॉमा भेजा गया। जहां उसी रात इलाज के दौरान राजू सिंह की मौत हो गई। सरकारी अधिवक्ता मथुरा प्रसाद ने बताया कि उक्त मामले में अभियोजन पक्ष की तरफ से मुकदमे में 15 गवाह प्रस्तुत किए गए।
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दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सभी अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास तथा पांच-पांच हजार रुपये नगद धनराशि अदा करने का आदेश दिया। आठों अभियुक्तों में तीन सगे भाई व तीन महिलाओं समेत सभी एक ही परिवार के सदस्य शामिल हैं।