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मासूम की हत्या
अमर उजाला ब्यूरो/ बाराबंकी
Updated Fri, 10 Jul 2015 11:12 PM IST
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मासूम के शरीर पर कपड़े नहीं थे। उसके हाथ व गले पर चोट के निशान थे। गर्दन की हड्डी टूटी पाई गई। बच्चे की हत्या से लोगों में सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों से उसकी पहचान भी नहीं हो पाई।
शहर के मालगोदाम रोड के किनारे नाले में शुक्रवार सुबह करीब तीन वर्षीय बच्चे का शव मिलने से हड़कंप मच गया। जानकारी होते ही मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने छानबीन की। बच्चे के दोनों हाथों व गले पर चोट के निशान हैं। गर्दन पीछे की ओर लटक रही थी।
माना जा रहा है कि बच्चे की गला दबाकर हत्या करने के बाद उसकी गर्दन मरोड़ दी गई जिससे गले की हड्डी टूट गई। बच्चे के शरीर पर कोई कपड़ा भी नहीं था।
पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की लेकिन कोई भी बच्चे के शव की शिनाख्त नहीं कर सका। स्थानीय लोगों के मुताबिक 25 दिन पहले कुछ ही दूरी पर एक और बच्चे का शव मिला था। उस बच्चे की भी गर्दन टूटी पायी गई थी।
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उसकी भी आज तक शिनाख्त नहीं हो पायी है। कोतवाल सदर शशिकांत मिश्र का कहना है कि शव की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं। रेलवे व पुलिस कंट्रेल से किसी बच्चे के गुम होने की सूचना के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की वजह स्पष्ट होगी। उसके आधार पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
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शहर के मालगोदाम रोड के किनारे नाले में शुक्रवार सुबह करीब तीन वर्षीय बच्चे का शव मिलने से हड़कंप मच गया। जानकारी होते ही मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
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स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने छानबीन की। बच्चे के दोनों हाथों व गले पर चोट के निशान हैं। गर्दन पीछे की ओर लटक रही थी।
माना जा रहा है कि बच्चे की गला दबाकर हत्या करने के बाद उसकी गर्दन मरोड़ दी गई जिससे गले की हड्डी टूट गई। बच्चे के शरीर पर कोई कपड़ा भी नहीं था।
पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की लेकिन कोई भी बच्चे के शव की शिनाख्त नहीं कर सका। स्थानीय लोगों के मुताबिक 25 दिन पहले कुछ ही दूरी पर एक और बच्चे का शव मिला था। उस बच्चे की भी गर्दन टूटी पायी गई थी।
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उसकी भी आज तक शिनाख्त नहीं हो पायी है। कोतवाल सदर शशिकांत मिश्र का कहना है कि शव की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं। रेलवे व पुलिस कंट्रेल से किसी बच्चे के गुम होने की सूचना के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की वजह स्पष्ट होगी। उसके आधार पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।