जोखिम भरी मानव रहित रेल क्रासिंग
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बाराबंकी। रेलवे लाइनों पर बनी मानव रहित कई क्रासिंग आज भी हादसों को दावत दे रही हैं। पूर्व में कई हादसे भी हो चुके हैं। कुछ में रेलवे के अधिकारी तो चेते पर कुछ को भूल गए। जिसका खामियाजा कभी भी लोगों को भुगतना पड़ सकता है। जनपद से लखनऊ-सुल्तानपुर, लखनऊ से फैजाबाद, बुढ़वल-सीतापुर व लखनऊ से गोंडा रेलवे लाइन गुजरती है। इन तीनों रेलवे क्रासिगों में पिछले करीब चार सालों में कई बड़े हादसे भी हुए। हादसों के बाद वहां पर गेटमैन की तैनाती भी की गई। लेकिन अभी भी चारों रेल खंडों पर 23 मानव रहित रेलवे क्रासिंगें है जो हादसों को दावत दे रही हैं। लेकिन विभाग के अधिकारी ऐसी रेलवे क्रासिंगों पर कर्मचारियों की तैनाती व गेट बनवाने को लेकर गंभीर नहीं है।
केस एक- लखनऊ-सुल्तानपुर रेल खंड के बीच वर्ष 2010 में अंतिम संस्कार से लौट रहे लोगों की कार मानव रहित क्रासिंग बारागांव पर ट्रेन से टकरा गई थी। दुर्घटना में कार सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि चार लोग घायल हो गए थे। बाद में यहां पर गेट लगवाकर कर्मचारी की तैनाती कर दी गई।
केस दो- वर्ष 2010 में लखनऊ-सुल्तानपुर रेल खंड के बीच ग्राम गुरुदयालपुरवा के पास मानव रहित क्रासिंग पार करने के दौरान ट्रैक्टर ट्रेन से टकरा गया। दुर्घटना में चालक की मौत हो गई। यहां पर भी बाद में गेट लगाकर गेटमैन की तैनाती कर दी गई।
केस तीन- लखनऊ-गोंडा रेलखंड के बीच में अनमैंड गेट नैनामऊ में वर्ष 2012 में एक मैजिक मालगाड़ी से टकरा गई थी। दुर्घटना में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। यहां भी हादसे के बाद गेट मैन की तैनाती कर दी गई।
केस चार- बाराबंकी-फैजाबाद रेलखंड के बीच में नवंबर 2011 में अनमैंड गेट 153 सी ग्राम पतुलकी के पास ट्रैक्टर-ट्राली से गेट पार करने के दौरान ट्रैक्टर फैजाबाद-लखनऊ पैसेंजर ट्रेन से टकरा गई। इसमें चालक अरविंद तो बच गया लेकिन उसका बेटा घायल हो गया था। यहां भी गेट लग गया और गेट मेन की तैनाती कर दी गई है।
केस पांच- रेलवे स्टेशन पैंतेपुर के पास मानव रहित रेलवे क्रासिंग पर 9 जनवरी 2015 को दोपहर में क्रासिंग पार कर रही ट्रैक्टर-ट्राली की ट्राली से जनसाधारण एक्सप्रेस ट्रेन टकरा गई। दुर्घटना में ट्राली करीब चालीस फिट की दूरी पर गिरी। हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ।
मानव रहित रेलवे क्रासिंग में और भी हुए हादसे
लखनऊ-सुल्तानपुर रेलखंड पर अभी भी ग्राम बीरमखेड़ा, गौरिया का पुरवा व लकई का पुरवा के पास मानव रहित रेलवे क्रासिंग हैं। वर्ष 2012 में बीरमखेड़ा रेलवे क्रासिंग पर एक वृद्ध चरवाहे की ट्रेन की चपेट में आकर मौत हो चुकी है। वर्ष 2014 में लकई का पुरवा के पास एक टैंपो ट्रेन की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गया था। यात्रियों ने भाग कर जान बचाई थी। लखनऊ-फैजाबाद रेलखंड पर पटरंगा से रौजागांव के बीच गेट संख्या 148 सी व पटरंगा से दरियाबाद के बीच 152 सी व 155 सी गेट मानव रहित है। लखनऊ-गोंडा रेलखंड के बीच में ग्राम नचना के पास गेट 302 पर वर्ष 2009 में एक रोलर गरीब रथ से टकरा गया था, लेकिन जानमाल की कोई क्षति नहीं हुई थी। हादसे के बाद भी यहां पर गेट नहीं लगा है। गेट नंबर 285 व 294 के पास रेलवे लाइन के नीचे से पुल बनाया गया है जिससे इस गेट का उपयोग खत्म हो गया है। बुढ़वल-सीतापुर रेलवे लाइन पर ग्राम बरियारपुर के पास 1 सी व 2 सी, 4 सी, बिलखिया (5सी), नहलवल (6सी), सरदारगंज (7सी), मोहारी (10सी), गुलरामऊ (12सी), साढ़ेमऊ (13सी), कसियापुर, मदनपुर, रसूलपुर, रसूलपनाह, पैंतेपुर रेलवे क्रासिंग मानव रहित हैं।
दो घंटे प्रभावित रही ट्रेनें
ट्रक व ट्रेन की दुर्घटना के बाद कई ट्रेनें डेढ़ से दो घंटे तक प्रभावित रही। जिससे यात्रियों का खासी परेशानी उठानी पड़ी। दुर्घटना के चलते डाउन लाइन की चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस, आनंद विहार-छपरा एक्सप्रेस व अप लाइन में ग्वालियर-छपरा एक्सप्रेस, गोरखपुर-लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस व बरौनी लखनऊ एक्सप्रेस ट्रेनें बाराबंकी, सफेदाबाद, जहांगीराबाद आदि स्टेशनों पर खड़ी रही। अप ट्रैक क्लीयर होने पर सभी ट्रेेनों को कॉसन देकर गुजारा गया। इस दौरान यात्री भूख, प्यास व गर्मी से हलकान रहे।
भीषण गर्मी के बचाव को लिया पेड़ का सहारा
दुर्घटना के बाद ट्रेन यात्री हलकान रहे। घटना स्थल के पास पेयजल व्यवस्था नहीं होने से रेल यात्री भीषण गर्मी में परेशान थेे। ट्रेन से यात्री निकल कर दूर पेड़ की छांव में खड़े रहे। ग्रामीणाें ने रेल यात्रियों की काफी मदद की। उन्हें पानी पिलवाया जिस पर यात्रियों ने राहत की सांस ली।
ट्रक चालक पर मुकदमा
नहामऊ रेलवे क्रासिंग पर हुई ट्रक-ट्रेन दुर्घटना में आरपीएफ बुढ़वल में ट्रक चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। आरपीएफ बुढ़वल के प्रभारी इंस्पेक्टर हरेंद्र कुमार ने बताया कि ट्रक के चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का मामले का दर्ज किया जाएगा। इसके बाद मामले की जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डीआरएम एनईआर ने भी लिया जायजा
दुर्घटना के बाद मौकेे पर डीआरएम एनईआर अनूप कुमार भी पहुंचे। उन्होंने पूरे घटना क्रम की जानकारी ली। उनके साथ रेलवे के कई अधिकारी मौजूद रहे। डीआरएम ने कार्रवाई के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।