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फर्जी प्रोन्नति निरस्त बाबू से फिर बने चपरासी
Updated Mon, 09 Jul 2018 12:33 AM IST
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प्रोन्नति निरस्त, बाबू
से फिर बने चपरासी
क्रासर
- सासंद की शिकायत पर डिप्टी सीएम ने दिए जांच के आदेश
- जिले के छह चपरासी प्रमोशन पाकर बन गए थे बाबू
कवेंद्र नाथ पांडेय
बाराबंकी। तीन माह पूर्व फर्जी प्रोन्नति पाकर बाबू बने राजकीय कॉलेज के कर्मचारी फिर चपरासी बना दिए गए। सांसद की शिकायत पर डिप्टी सीएम के आदेश के बाद हुई इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है। मगर, आदेश ऐसा कि इसके खिलाफ बाबू बने कर्मचारी कोर्ट भी नहीं जा सकते। ऐसे में लाखों खर्च कर प्रमोशन पाने वाले कर्मचारी अब अपने का ठगा महसूस कर रहे हैं।
राजकीय इंटर कॉलेज के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को प्रोन्नति देने के लिए ज्वाइंट डायरेक्टर फैजाबाद ने फरवरी में आवेदन लिए थे। उसके बाद मंडल के 10 कर्मचारियों को प्रोन्नति देकर बाबू बना दिया जिसमें बाराबंकी के छह कर्मचारी है। जबकि आवेदन करने वाले कई योग्य कर्मचारी इस रेस से बाहर कर दिए गए। इसकी जानकारी सांसद प्रियंका रावत को होने के बाद उन्होंने मामले से डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा को अवगत कराया। डिप्टी सीएम ने गंभीरता से लेते हुए पूूरी प्रकिया निरस्त कर मामले की जांच कराने के आदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के निदेशक को दे दिए। डायरेक्टर ने जेडी को आदेश भेजकर प्रोन्नति की प्रक्रिया स्थगित करने के आदेश दिए। साथ ही चर्तुथ श्रेणी कर्मचारियों के नए सिरे से प्रमोशन प्रक्रिया कराने के लिए अपर निदेशक के नेतृत्व में तीन सदस्सीय कमेटी गठित कर दी। इस आदेश के आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। इन कर्मचारियों में जय कुमार, मोहित कुमार, शिवविजय, अमित रत्न त्रिपाठी, सुनील कश्यप और लल्लू प्रसाद शामिल हैं।
बाक्स
मार्च माह में मंडल के राजकीय कॉलेज के 10 चपरासियों को प्रोन्नति देकर बाबू बनाया गया था। जिसमें बाराबंकी के छह कर्मचारी थे। आवेदन लेने के बाद राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य की निगरानी में परीक्षा कराई गई । उसके बाद आईटीआई के विशेषज्ञों की देखरेख में टाइप टेस्ट हुआ जिसमें 25 शब्द प्रति मिनट की स्पीड होने वालों का इंटरव्यू लिया गया। जिसमें मेरे अलावा डीडीआर व वरिष्ठ डीआईओएस फैजाबाद मौजूद रहे। मगर, अनियमितता की शिकायत डिप्टी सीएम से होने के बाद पूरी प्रक्रिया स्थगित कर दी गई है। अब अपर निदेशक की कमेटी नए सिरे से प्रमोशन प्रक्रिया कराएंगी। ऐसे में प्रमोशन पाने वाले कर्मचारियों के लिए क्या किया जाना है। इस बारे में कोई आदेश अभी नहीं मिला है।
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ओम प्रकाश द्विवेदी
ज्वाइंट डायरेक्टर फैजाबाद
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से फिर बने चपरासी
क्रासर
- सासंद की शिकायत पर डिप्टी सीएम ने दिए जांच के आदेश
- जिले के छह चपरासी प्रमोशन पाकर बन गए थे बाबू
कवेंद्र नाथ पांडेय
बाराबंकी। तीन माह पूर्व फर्जी प्रोन्नति पाकर बाबू बने राजकीय कॉलेज के कर्मचारी फिर चपरासी बना दिए गए। सांसद की शिकायत पर डिप्टी सीएम के आदेश के बाद हुई इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है। मगर, आदेश ऐसा कि इसके खिलाफ बाबू बने कर्मचारी कोर्ट भी नहीं जा सकते। ऐसे में लाखों खर्च कर प्रमोशन पाने वाले कर्मचारी अब अपने का ठगा महसूस कर रहे हैं।
राजकीय इंटर कॉलेज के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को प्रोन्नति देने के लिए ज्वाइंट डायरेक्टर फैजाबाद ने फरवरी में आवेदन लिए थे। उसके बाद मंडल के 10 कर्मचारियों को प्रोन्नति देकर बाबू बना दिया जिसमें बाराबंकी के छह कर्मचारी है। जबकि आवेदन करने वाले कई योग्य कर्मचारी इस रेस से बाहर कर दिए गए। इसकी जानकारी सांसद प्रियंका रावत को होने के बाद उन्होंने मामले से डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा को अवगत कराया। डिप्टी सीएम ने गंभीरता से लेते हुए पूूरी प्रकिया निरस्त कर मामले की जांच कराने के आदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के निदेशक को दे दिए। डायरेक्टर ने जेडी को आदेश भेजकर प्रोन्नति की प्रक्रिया स्थगित करने के आदेश दिए। साथ ही चर्तुथ श्रेणी कर्मचारियों के नए सिरे से प्रमोशन प्रक्रिया कराने के लिए अपर निदेशक के नेतृत्व में तीन सदस्सीय कमेटी गठित कर दी। इस आदेश के आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। इन कर्मचारियों में जय कुमार, मोहित कुमार, शिवविजय, अमित रत्न त्रिपाठी, सुनील कश्यप और लल्लू प्रसाद शामिल हैं।
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बाक्स
मार्च माह में मंडल के राजकीय कॉलेज के 10 चपरासियों को प्रोन्नति देकर बाबू बनाया गया था। जिसमें बाराबंकी के छह कर्मचारी थे। आवेदन लेने के बाद राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य की निगरानी में परीक्षा कराई गई । उसके बाद आईटीआई के विशेषज्ञों की देखरेख में टाइप टेस्ट हुआ जिसमें 25 शब्द प्रति मिनट की स्पीड होने वालों का इंटरव्यू लिया गया। जिसमें मेरे अलावा डीडीआर व वरिष्ठ डीआईओएस फैजाबाद मौजूद रहे। मगर, अनियमितता की शिकायत डिप्टी सीएम से होने के बाद पूरी प्रक्रिया स्थगित कर दी गई है। अब अपर निदेशक की कमेटी नए सिरे से प्रमोशन प्रक्रिया कराएंगी। ऐसे में प्रमोशन पाने वाले कर्मचारियों के लिए क्या किया जाना है। इस बारे में कोई आदेश अभी नहीं मिला है।
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ओम प्रकाश द्विवेदी
ज्वाइंट डायरेक्टर फैजाबाद