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मलबा हटाते समय धारूपुर में फिर हुआ विस्फोट, हड़कंप
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रामसनेहीघाट कोतवाली क्षेत्र के धारूपुर गांव में शनिवार को एक बार फिर एक के बाद एक तीन बार विस्फोट हो गया। सुबह के समय जेसीबी से मलबा हटाया जा रहा था तभी धमाका होने से हड़कंप मच गया। इसमें जहां जेसीबी क्षतिग्रस्त हो गई वहीं उसके चालक को मामूली चोट पहुंची है जबकि दोपहर के समय फिर विस्फोट हो गया।
एसडीएम व सीओ धमाके की बात से इंकार कर रही हैं। गांव में दहशत को देखते हुए पुलिस फोर्स तैनात है। धमाकों के चलते धारूपुर गांव में दहशत का माहौल शांत नहीं हो रहा है। शनिवार को मलबा हटाते समय हुए धमाके से जेसीबी का शीशा चकनाचूर हो गया तो वहीं जेसीबी चालक अमन वर्मा को हल्की चोटें आई हैं।
धमाका इतना तेज था कि अमन डरकर जेसीबी छोड़कर गांव के बाहर भाग गया। वहां मौजूद पुलिसकर्मी उसे लेकर आए लेकिन उसने जेसीबी चलाने से इंकार कर दिया। प्रशासन द्वारा जेसीबी के मालिक को फोन कर दूसरा चालक लाने को कहा गया। विस्फोट के करीब एक घंटे बाद जेसीबी मालिक दूसरे ड्राइवर को लेकर घटनास्थल पर पहुंचा तो मलबा हटाने का कार्य शुरू हो सका।
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इसके बाद दो बार और विस्फोट से लोग परेशान हो उठे। बताते चलें कि धारूपुर गांव निवासी हसीब के पास आतिशबाजी बनाने का लाइसेंस है। बताया जा रहा है कि कारखाना गांव के बाहर है, आतिशबाजी घर पर तैयार करता था। 25 दिसंबर को उसका बेटा आबादी के बीच स्थित अपने घर में आतिशबाजी तैयार कर रहा था।
उसी दौरान विस्फोट के चलते बड़ा हादसा हुआ था। वहीं अगले दिन 26 दिसंबर को गांव के बाहर जंगल में बने सर्किल कारखाने में जबरदस्त विस्फोट हुआ। घटना में गांव का ही एक युवक राहुल घायल हो गया था। तब से यहां विस्फोट होने का सिलसिला कम नहीं हो रहा है।
विस्फोट की घटना के पांच दिन बीतने के बाद भी पुलिस घटना के छह आरोपियों में से एक को भी गिरफ्तार नहीं कर सकी है जिससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। एसपी डॉ. सतीश कुमार का कहना है कि पुलिस टीम आरोपियों का पता लगा रही है।
धमाके के बाद उपजिलाधिकारी लवकुमार सिंह व क्षेत्राधिकारी उमाशंकर सिंह सहित पुलिसकर्मियों व हिंदू युवा वाहिनी के जिलाध्यक्ष नरेंद्र सिंह द्वारा मलबे को ट्रॉली में भरने का कार्य शुरू किया गया। इसे देख ग्रामीण भी आगे बढ़े और मलबा हटाने में सहयोग किया। एसडीएम व सीओ का कहना है कि धमाका नहीं हुआ है बल्कि पटाखा दग गया है। किसी नुकसान की बात से भी इंकार किया है।
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एसडीएम व सीओ धमाके की बात से इंकार कर रही हैं। गांव में दहशत को देखते हुए पुलिस फोर्स तैनात है। धमाकों के चलते धारूपुर गांव में दहशत का माहौल शांत नहीं हो रहा है। शनिवार को मलबा हटाते समय हुए धमाके से जेसीबी का शीशा चकनाचूर हो गया तो वहीं जेसीबी चालक अमन वर्मा को हल्की चोटें आई हैं।
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धमाका इतना तेज था कि अमन डरकर जेसीबी छोड़कर गांव के बाहर भाग गया। वहां मौजूद पुलिसकर्मी उसे लेकर आए लेकिन उसने जेसीबी चलाने से इंकार कर दिया। प्रशासन द्वारा जेसीबी के मालिक को फोन कर दूसरा चालक लाने को कहा गया। विस्फोट के करीब एक घंटे बाद जेसीबी मालिक दूसरे ड्राइवर को लेकर घटनास्थल पर पहुंचा तो मलबा हटाने का कार्य शुरू हो सका।
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इसके बाद दो बार और विस्फोट से लोग परेशान हो उठे। बताते चलें कि धारूपुर गांव निवासी हसीब के पास आतिशबाजी बनाने का लाइसेंस है। बताया जा रहा है कि कारखाना गांव के बाहर है, आतिशबाजी घर पर तैयार करता था। 25 दिसंबर को उसका बेटा आबादी के बीच स्थित अपने घर में आतिशबाजी तैयार कर रहा था।
उसी दौरान विस्फोट के चलते बड़ा हादसा हुआ था। वहीं अगले दिन 26 दिसंबर को गांव के बाहर जंगल में बने सर्किल कारखाने में जबरदस्त विस्फोट हुआ। घटना में गांव का ही एक युवक राहुल घायल हो गया था। तब से यहां विस्फोट होने का सिलसिला कम नहीं हो रहा है।
विस्फोट की घटना के पांच दिन बीतने के बाद भी पुलिस घटना के छह आरोपियों में से एक को भी गिरफ्तार नहीं कर सकी है जिससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। एसपी डॉ. सतीश कुमार का कहना है कि पुलिस टीम आरोपियों का पता लगा रही है।
धमाके के बाद उपजिलाधिकारी लवकुमार सिंह व क्षेत्राधिकारी उमाशंकर सिंह सहित पुलिसकर्मियों व हिंदू युवा वाहिनी के जिलाध्यक्ष नरेंद्र सिंह द्वारा मलबे को ट्रॉली में भरने का कार्य शुरू किया गया। इसे देख ग्रामीण भी आगे बढ़े और मलबा हटाने में सहयोग किया। एसडीएम व सीओ का कहना है कि धमाका नहीं हुआ है बल्कि पटाखा दग गया है। किसी नुकसान की बात से भी इंकार किया है।