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दुराचार के आरोपी को 20 साल की कैद
अमर उजाला/बाराबंकी
Updated Tue, 29 Aug 2017 12:00 AM IST
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विशेष अपर सत्र न्यायाधीश पाक्सो एक्ट जयशंकर मिश्र नाबालिग से सामूहिक दुुुराचार के एक मामले में एक आरोपी को 20 वर्ष की कैद व 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दो आरोपियों को संदेह के लाभ में दोषमुक्त करार दिया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता राजकुमार वर्मा ने बताया कि थाना बड्डूपुर के एक ग्राम की किशोरी को गांव के ही प्रभू वर्मा ने शादी का झांसा देकर दुराचार किया जिससे वह गर्भवती हो गई। प्रभू वर्मा पूर्व से ही विवाहित था।
2 मई 2013 को प्रभू केे साथी राकेश व अशोक ने भी पीड़िता के साथ दुराचार किया। आरोपी प्रभु ने उसकी कमरे में बंद कर पिटाई की जिससे उसका गर्भपात हो गया। कहीं शिकायत करने पर उसने पीड़िता को जान से मारने की धमकी भी दी।
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घटना की रिपोर्ट पीड़िता के पिता ने थाना बड्डूपुुर में प्रभु, राकेश व अशोक के खिलाफ दर्ज कराई थी। न्यायालय में सुनवाई क दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 6 गवाह पेश किए गए। गवाहों के बयान व दोनों पक्षों की बहस सुनने के पश्चात अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी प्रभु को दोषी पाते हुए 20 वर्ष की कैद व 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। कोर्ट ने आरोपी राकेश व अशोक को संदेह का लाभ में दोषमुक्त किया है। जुर्माने की पूरी धनराशि जमा होने पर पीड़िता को दी जाएगी।
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सहायक शासकीय अधिवक्ता राजकुमार वर्मा ने बताया कि थाना बड्डूपुर के एक ग्राम की किशोरी को गांव के ही प्रभू वर्मा ने शादी का झांसा देकर दुराचार किया जिससे वह गर्भवती हो गई। प्रभू वर्मा पूर्व से ही विवाहित था।
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2 मई 2013 को प्रभू केे साथी राकेश व अशोक ने भी पीड़िता के साथ दुराचार किया। आरोपी प्रभु ने उसकी कमरे में बंद कर पिटाई की जिससे उसका गर्भपात हो गया। कहीं शिकायत करने पर उसने पीड़िता को जान से मारने की धमकी भी दी।
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घटना की रिपोर्ट पीड़िता के पिता ने थाना बड्डूपुुर में प्रभु, राकेश व अशोक के खिलाफ दर्ज कराई थी। न्यायालय में सुनवाई क दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 6 गवाह पेश किए गए। गवाहों के बयान व दोनों पक्षों की बहस सुनने के पश्चात अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी प्रभु को दोषी पाते हुए 20 वर्ष की कैद व 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। कोर्ट ने आरोपी राकेश व अशोक को संदेह का लाभ में दोषमुक्त किया है। जुर्माने की पूरी धनराशि जमा होने पर पीड़िता को दी जाएगी।