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इलाज में लापरवाही पर गई युवक की जान, परिवारीजनों ने काटा हंगामा
Updated Sun, 23 Sep 2018 11:18 PM IST
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अस्पताल में युवक की मौत
परिवारीजनों ने काटा हंगामा
- इलाज में लापरवाही का जड़ा आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी। शहर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान युवक की जान चली गई। परिवारीजनों ने उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल गेट पर शव रख हंगामा शुरू कर दिया। जानकारी पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने आक्रोशित परिवारीजनों को किसी प्रकार समझा बुझाकर शांत कराया।
जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के गोपालपुर निवासी जितेन्द्र (30) को एक सप्ताह पहले पेट में दर्द उठा था। मृतक के चाचा उमेश का आरोप है कि दर्द होने पर उन्होंने पीड़ित को उपचार के लिए घोसियाना स्थित मिशन हॉस्पिटल में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने पेट में पथरी होने की बात कह आपरेशन करने के लिए तीस हजार रुपये जमा कराए। इसके बाद चार दिनों तक टालते रहे और आपरेशन करने में लापरवाही बरती। इसके बाद फिर तीस हजार रुपये जमा कराए। शनिवार की देर रात करीब नौ बजे आपरेशन शुरू किया और 11 बजे यह कहते हुए रेफर कर दिया कि मरीज गंभीर है, ट्रॉमा ले जाइऐ। परिवारीजन एंबुलेंस से लेकर जा रहे थे कि बस स्टेशन के पास ही पहुंचे थे तब तक जितेंद्र ने दम तोड़ दिया। परिवारीजन शव लेकर वापस अस्पताल पहुंचे और गेट पर शव रखकर हंगामा शुरू कर दिया। मामले की जानकारी कोतवाली पुलिस को हुई तो सिविल चौकी इंचार्ज सुरेश चन्द्र मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए और लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया। इसी बीच मौके देख अस्पताल के कर्मचारी भाग खड़े हुए। चौकी इंचार्ज ने बताया कि मृतक की पथरी का आपरेशन चिकित्सकों द्वारा किया गया था। मौत की जानकारी पर परिवारीजनों ने हंगामा शुरू कर दिया जिस पर सभी को किसी समझा बुझाकर शांत कराते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिवारीजनों ने अभी तक कोई तहरीर नहीं दी है।
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परिवारीजनों ने काटा हंगामा
- इलाज में लापरवाही का जड़ा आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी। शहर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान युवक की जान चली गई। परिवारीजनों ने उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल गेट पर शव रख हंगामा शुरू कर दिया। जानकारी पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने आक्रोशित परिवारीजनों को किसी प्रकार समझा बुझाकर शांत कराया।
जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के गोपालपुर निवासी जितेन्द्र (30) को एक सप्ताह पहले पेट में दर्द उठा था। मृतक के चाचा उमेश का आरोप है कि दर्द होने पर उन्होंने पीड़ित को उपचार के लिए घोसियाना स्थित मिशन हॉस्पिटल में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने पेट में पथरी होने की बात कह आपरेशन करने के लिए तीस हजार रुपये जमा कराए। इसके बाद चार दिनों तक टालते रहे और आपरेशन करने में लापरवाही बरती। इसके बाद फिर तीस हजार रुपये जमा कराए। शनिवार की देर रात करीब नौ बजे आपरेशन शुरू किया और 11 बजे यह कहते हुए रेफर कर दिया कि मरीज गंभीर है, ट्रॉमा ले जाइऐ। परिवारीजन एंबुलेंस से लेकर जा रहे थे कि बस स्टेशन के पास ही पहुंचे थे तब तक जितेंद्र ने दम तोड़ दिया। परिवारीजन शव लेकर वापस अस्पताल पहुंचे और गेट पर शव रखकर हंगामा शुरू कर दिया। मामले की जानकारी कोतवाली पुलिस को हुई तो सिविल चौकी इंचार्ज सुरेश चन्द्र मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए और लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया। इसी बीच मौके देख अस्पताल के कर्मचारी भाग खड़े हुए। चौकी इंचार्ज ने बताया कि मृतक की पथरी का आपरेशन चिकित्सकों द्वारा किया गया था। मौत की जानकारी पर परिवारीजनों ने हंगामा शुरू कर दिया जिस पर सभी को किसी समझा बुझाकर शांत कराते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिवारीजनों ने अभी तक कोई तहरीर नहीं दी है।
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