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मुफ्त बोरिंग योजना में खेल, जांच शुरु
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रामनगर (बाराबंकी)। मुफ्त बोरिंग योजना में धांधली का मामला उजागर हुआ है। किसानों को बोरिंग चार्ज नहीं दिया गया। योजना का लाभ देने के लिए उनसे वसूली अलग से की गई। किसानों की शिकायत पर जांच की जा रही है।
लघु सिंचाई विभाग द्वारा मुफ्त बोरिंग योजना संचालित की जाती है। इसके तहत किसानों को सिंचाई के लिए सब्सिडी पर बोरिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके तहत सौ मीटर तक बोरिंग कराने वाले किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। लेकिन विभाग के अधिकारी ही योजना में पलीता लगा रहे हैं।
रामनगर व सूरतगंज ब्लॉक में किसानों को निशुल्क बोरिंग तो दे दी गई लेकिन आज तक उनको बोरिंग चार्ज नहीं दिया गया। इससे किसान इधर-उधर भटक रहे हैं। सामान्य वर्ग के किसानों को बोरिंग के लिए पांच हजार से सात हजार रुपये और अनुसूचित जाति व जनजाति के किसानों को 10 हजार रुपये तक की राशि अनुदान के रूप में प्रदान की जाती है।
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इसके अलावा सरकार की ओर से गहरी बोरिंग योजना शुरू की गई है। लघु सिंचाई विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, गहरी बोरिंग योजना के तहत किसान सौ मीटर तक गहरी बोरिंग करा सकते हैं। बोरिंग कराने में आने वाले खर्च का 50 प्रतिशत अनुदान मिलता है।
चंद सिहाली गांव के किसान राम सिंह बताया कि मई में बोरिंग तो करा दी गई लेकिन बोरिंग चार्ज 10 हजार रुपये अभी तक नहीं दिया गया। बरैया गांव के किसान मनोज कुमार ने बताया कि ब्लॉक के अधिकारी बोरिंग चार्ज का रुपया दूसरों के खाते में भेजकर निकलवा लेते हैं। इस पूरे मामले को लेकर सहायक अभियंता संदीप कुमार का कहना है कि शिकायत की जांच की जा रही है। संवाद
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लघु सिंचाई विभाग द्वारा मुफ्त बोरिंग योजना संचालित की जाती है। इसके तहत किसानों को सिंचाई के लिए सब्सिडी पर बोरिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके तहत सौ मीटर तक बोरिंग कराने वाले किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। लेकिन विभाग के अधिकारी ही योजना में पलीता लगा रहे हैं।
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रामनगर व सूरतगंज ब्लॉक में किसानों को निशुल्क बोरिंग तो दे दी गई लेकिन आज तक उनको बोरिंग चार्ज नहीं दिया गया। इससे किसान इधर-उधर भटक रहे हैं। सामान्य वर्ग के किसानों को बोरिंग के लिए पांच हजार से सात हजार रुपये और अनुसूचित जाति व जनजाति के किसानों को 10 हजार रुपये तक की राशि अनुदान के रूप में प्रदान की जाती है।
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इसके अलावा सरकार की ओर से गहरी बोरिंग योजना शुरू की गई है। लघु सिंचाई विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, गहरी बोरिंग योजना के तहत किसान सौ मीटर तक गहरी बोरिंग करा सकते हैं। बोरिंग कराने में आने वाले खर्च का 50 प्रतिशत अनुदान मिलता है।
चंद सिहाली गांव के किसान राम सिंह बताया कि मई में बोरिंग तो करा दी गई लेकिन बोरिंग चार्ज 10 हजार रुपये अभी तक नहीं दिया गया। बरैया गांव के किसान मनोज कुमार ने बताया कि ब्लॉक के अधिकारी बोरिंग चार्ज का रुपया दूसरों के खाते में भेजकर निकलवा लेते हैं। इस पूरे मामले को लेकर सहायक अभियंता संदीप कुमार का कहना है कि शिकायत की जांच की जा रही है। संवाद