{"_id":"616f18af7a90655fce244753","slug":"crime-barabanki-news-lko600778857","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाराबंकी में भी विवादों से घिरा रहा सीओ बघेल का कार्यकाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाराबंकी में भी विवादों से घिरा रहा सीओ बघेल का कार्यकाल
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बाराबंकी। बसपा सांसद अतुल राय पर दर्ज दुष्कर्म के केस में उनकी मदद करने के आरोप में बर्खास्त सीओ अमरेश सिंह बघेल का विवादों से पुराना नाता है। उस समय यहां भाजपा विधायक ने उन पर कई आरोप लगाते हुए उनकी शिकायत सीएम से की थी। जिसके बाद उनका तबादला कर दिया गया था। यहां से उन्हें वाराणसी भेजा गया था।
सांसद अतुल राय के पक्ष में रिपोर्ट लगाने वाले सीओ अमरेश सिंह बघेल को सरकार ने बर्खास्त कर दिया है। इसी मामले में पीड़िता द्वारा आत्मदाह किए जाने के बाद एसआईटी ने जांच में उन्हें दोषी पाया था। अमरेश बघेल को पिछले साल 30 दिसंबर को निलंबित किया गया था। बीते दिनों वाराणसी पुलिस ने अमरेश बघेल को बाराबंकी के हैदरगढ़ स्थित टोल प्लाजा से गिरफ्तार किया था।
वह मौजूदा समय में वाराणसी जेल में बंद हैं। अमरेश बघेल सब इंस्पेक्टर से प्रमोट होकर पहले इंस्पेक्टर और फिर डिप्टी एसपी बने थे। वह वर्ष 2017 में बतौर इंस्पेक्टर बाराबंकी जिले में आए थे। इसके बाद वह लंबे समय तक सर्विलांस सेल और क्राइम ब्रांच के प्रभारी रहे। बाद में उन्हें जैदपुर थाने की कमान सौंपी दी गई। जहां वे करीब डेढ़ साल तक रहे। सीओ के लिए प्रमोशन होने के बाद उनका तबादला हो गया।
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भाजपा विधायक ने लगाए थे गंभीर आरोप
जैदपुर में जब वह इंस्पेक्टर थे तब भाजपा के रामनगर विधायक शरद कुमार अवस्थी ने उन पर आय से अधिक संपत्ति, तस्करों से साठगांठ, अवैध वसूली जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। बघेल के साथ ही जैदपुर में ही तैनात रहे एक अन्य इंस्पेक्टर व सिपाहियों को भी इसमें शामिल किया गया था।
जिसके बाद इन सभी का गैर जिले के लिए तबादला हो गया था। अमरेश सिंह बघेल को जैदपुर से हटा दिया गया इसके कुछ दिन बाद वर्ष 2020 में जब वह सीओ के पद पर प्रमोट हो गए तो उनका तबादला बनारस हो गया। अब बघेल के खिलाफ हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
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सांसद अतुल राय के पक्ष में रिपोर्ट लगाने वाले सीओ अमरेश सिंह बघेल को सरकार ने बर्खास्त कर दिया है। इसी मामले में पीड़िता द्वारा आत्मदाह किए जाने के बाद एसआईटी ने जांच में उन्हें दोषी पाया था। अमरेश बघेल को पिछले साल 30 दिसंबर को निलंबित किया गया था। बीते दिनों वाराणसी पुलिस ने अमरेश बघेल को बाराबंकी के हैदरगढ़ स्थित टोल प्लाजा से गिरफ्तार किया था।
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वह मौजूदा समय में वाराणसी जेल में बंद हैं। अमरेश बघेल सब इंस्पेक्टर से प्रमोट होकर पहले इंस्पेक्टर और फिर डिप्टी एसपी बने थे। वह वर्ष 2017 में बतौर इंस्पेक्टर बाराबंकी जिले में आए थे। इसके बाद वह लंबे समय तक सर्विलांस सेल और क्राइम ब्रांच के प्रभारी रहे। बाद में उन्हें जैदपुर थाने की कमान सौंपी दी गई। जहां वे करीब डेढ़ साल तक रहे। सीओ के लिए प्रमोशन होने के बाद उनका तबादला हो गया।
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भाजपा विधायक ने लगाए थे गंभीर आरोप
जैदपुर में जब वह इंस्पेक्टर थे तब भाजपा के रामनगर विधायक शरद कुमार अवस्थी ने उन पर आय से अधिक संपत्ति, तस्करों से साठगांठ, अवैध वसूली जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। बघेल के साथ ही जैदपुर में ही तैनात रहे एक अन्य इंस्पेक्टर व सिपाहियों को भी इसमें शामिल किया गया था।
जिसके बाद इन सभी का गैर जिले के लिए तबादला हो गया था। अमरेश सिंह बघेल को जैदपुर से हटा दिया गया इसके कुछ दिन बाद वर्ष 2020 में जब वह सीओ के पद पर प्रमोट हो गए तो उनका तबादला बनारस हो गया। अब बघेल के खिलाफ हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में चर्चाओं का बाजार गर्म है।