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कोरोना टीकाकरण महाभियान आज, तैयारियां पूरी
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बाराबंकी। जिला महिला अस्पताल में पुलिस की मौजूदगी में पहुंची वैक्सीन को कोल्ड बाक्स से बाहर निक?
- फोटो : BARABANKI
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बाराबंकी। कोरोना टीकाकरण का महाअभियान शनिवार से शुरू होने जा रहा है। पहले दिन जिले के चार केंद्रों पर चार सौ लाभार्थियों को कोरोना का टीका लगाए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए सभी केंद्रों पर शुक्रवार को भारी सुरक्षा के बीच कोरोना वैक्सीन की डोज सील कर भेज दी गई हैं। वैसे तो अभियान की शुरूआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की जानी है लेकिन इसका समय सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक के लिए निर्धारित किया गया है। कोरोना का पहला टीका जिला प्रतिरक्षण अधिकारी और एसीएमओ डॉ. राजीव सिंह और सतरिख सीएचसी अधीक्षक डॉ. सुनील जायसवाल को लगाया जाएगा।
दोपहर बाद सीएमओ डॉ. बीकेएस चौहान ने एक प्रेसवार्ता में बताया कि कोरोना टीकाकरण अभियान की शुरुआत शनिवार को चार केंद्रों से होने जा रही है। इसको लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कोरोना वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है। इसलिए किसी तरह की अफवाहों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है न ही घबराने की। सीएमओ ने बताया कि वैक्सीन की 110-110 डोज पुलिस सुरक्षा के बीच चारों केंद्रों जिला अस्पताल, हिंद, मेयो और सतरिख सीएचसी पर भेज दी गई है।
वैक्सीन को अस्पतालों में सुरक्षित और निर्धारित 2 से 8 डिग्री के तापमान में रखने के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। वहीं सुरक्षा के लिए पुलिस के जवान तैनात कर सीसीटीवी कैमरे से कक्षों पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक केंद्र पर सौ-सौ लोगों को टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। किस केंद्र पर किसको टीका लगाया जाएगा, इसकी पूरी सूची तैयार कर केंद्रों को भेज दी गई है।
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सीएमओ ने बताया कि टीका लगने वाले व्यक्ति को पूरी तरह से प्रोत्साहित किया जा रहा है। किसी पर टीका लगाने का कोई दबाव नहीं है। यह एक स्वैच्छिक अभियान है। लेकिन प्रयास होगा का जिनके नाम सूची में हैं, उनका पहले टीकाकरण करा दिया जाए। महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. संगीता श्रीवास्तव ने बताया कि वैक्सीन को वैक्सीनेशन कक्ष में रखवा दिया गया है। शनिवार को यह टीकाकरण केंद्र पर भेजी जाएगी।
केंद्रों पर तैनात किए गए नोडल अधिकारी
सीएमओ ने बताया कि चारों केंद्रों पर नोडल अधिकारियों की तैनाती करते हुए उनकी जवाबदेही भी तय कर दी गई है। एसीएमओ डॉ. केएनएम त्रिपाठी को जिला अस्पताल का जिम्मा सौंपा गया है। जबकि हिंद अस्पताल की जिम्मेदार डॉ. आफताब को, सतरिख सीएचसी का जिम्मा डॉ. संजय बाबू को तो मेयो अस्पताल की जिम्मेदारी डॉ. अवधेश मौर्या को सौंपी गई है। इन चिकित्सकों को पूरी तरह से सतर्क रहने के साथ ही किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार रहने के निर्देेश दिए गए हैं।
ऑब्जर्वेशन कक्ष पर रहेगी टीम की नजर
टीका लगाए जाने के बाद जिस ऑब्जर्वेशन कक्ष में आधा घंटे के लिए व्यक्ति को रखा जाएगा वहां पर एडवर्स, इवेंट, फलोइंग इमुनाजेशन (एईएफआई) की टीम मौजूद रहेगी। यह टीम किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से निपटने में पूरी तरह से सक्षम हैं। यदि टीका लगने के बाद लाभार्थी को कोई दिक्कत होती है तो यह टीम स्थिति को संभालते हुए मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को देगी। इसके अलावा ऑब्जर्वेशन कक्ष में ऑक्सीजन सिलेंडर, एम्बू बैग (आर्टीफिशियल मैनुअल ब्रीथिंग बैग) के साथ ही सभी प्रकार की दवाएं उपलब्ध रहेंगीं।
टीका लगने के बाद आधे घंटे रुकना होगा
सीएमओ ने बताया कि प्रत्येक केंद्र पर टीकाकरण के लिए 6 कर्मियों की एक टीम बनाई गई है इस टीम में प्रशिक्षित कर्मियों को शामिल किया गया है। इसके अलावा टीम के साथ चिकित्सकों की एक टीम को भी तैनात किया गया है। टीका लगने के बाद व्यक्ति को आधा घंटे के लिए ऑब्जर्वेशन कक्ष में रखा जाएगा। पूरे अभियान पर डीएम और एसपी की नजर रहेगी और वह इन केंद्रों का सीएमओ के साथ मौके पर पहुंच जायजा भी लेंगे। वहीं जिन कर्मियों और चिकित्सकों की ड्यूटी इस कार्य में लगाई गई है उन्हें पूरी तरह से सतर्क रहने के आदेश दिए गए हैं। इसमें किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
टीका पूरी तरह से स्वदेशी है और सुरक्षित भी
कोरोना का पहला टीका लगवाने जा रहे जिला प्रतिरक्षण अधिकारी और एसीएमओ डॉ. राजीव सिंह ने बताया कि वह कोरोना का टीका लगाने को लेकर पूरी तरह से तैयार हैं। कोरोना का पहला टीका लगवाकर हम यह संदेश देना चाहते हैं कि इसे लेकर व्यक्तियों में किसी प्रकार का कोई भ्रम न रहे क्योंकि यह टीका पूरी तरह से स्वदेशी है और सुरक्षित है। इसलिए इसकी गुणवत्ता पर संदेह करने का कोई सवाल ही नहीं उठता है।
सतरिख सीएचसी अधीक्षक डॉ. सुनील जायसवाल ने बताया कि देश के वैज्ञानिकों पर हमें गर्व हैं जिन्होंने इतने कम समय में कोरोना जैसी महामारी का टीका बनाकर हम लोगों के बीच ला दिया। टीके की गुणवत्ता पर किसी प्रकार का संदेह इसलिए नहीं किया जा सकता है क्योंकि यह पूरी तरह से स्वदेशी है। हम टीका लगाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं और अन्य साथियों को भी टीका लगवाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।
सचल प्रदर्शनी रथ को किया रवाना
डीएम डॉ. आदर्श सिंह और एसपी यमुना प्रसाद ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट से कोविड-19 और स्वच्छता जागरूकता सचल प्रदर्शनी रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान डीएम ने दस दिवसीय अभियान में लगाए जाने वाले पोस्टर बैनर और पंफलेट का लोकार्पण भी किया। डीएम ने कहा कि जब तक सभी लोगों को कोरोना की वैक्सीन न लग जाए तब तक दवाई भी और कड़ाई भी के मंत्र का पालन सभी को गंभीरता से करना चाहिए।
कहा कि कोविड की वजह से बीता वर्ष चुनौतियों भरा रहा लेकिन 2021 में कोविड से बचाव के लिए वैक्सीन आ गई है। सरकार इसके लिए युद्ध स्तर पर कार्य कर रही ताकि जल्द से जल्द वैक्सीन दी जा सके। उन्होंने कहा कि जागरूकता रथ भी लोगों के आचार व्यवहार में परिवर्तन लाने के लिए प्रभावी रहेगा। इस मौके पर एडीएम संदीप गुप्ता आदि मौजूद रहे।
स्वास्थ्य कर्मियों का टीकाकरण शनिवार से शुरू हो रहा है। यह सचमुच बहुत हर्ष का विषय है, क्योंकि कोरोना जैसी महामारी से हम पिछले एक साल से जूझ रहे हैं। इस महामारी में सबसे ज्यादा जोखिम स्वास्थ्य कर्मियों ने ही उठाया है। इसलिए इनका टीकाकरण बहुत जरूरी है। क्योंकि कोविड अभी समाप्त नहीं हुआ है। इससे बचाव का सबसे सटीक तरीका टीकाकरण ही है। इसलिए जिनका नाम सूची में है वह बेझिझक अपना टीकाकरण जरूर कराएं।
-डॉ. आदर्श सिंह, जिलाधिकारी
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दोपहर बाद सीएमओ डॉ. बीकेएस चौहान ने एक प्रेसवार्ता में बताया कि कोरोना टीकाकरण अभियान की शुरुआत शनिवार को चार केंद्रों से होने जा रही है। इसको लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कोरोना वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है। इसलिए किसी तरह की अफवाहों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है न ही घबराने की। सीएमओ ने बताया कि वैक्सीन की 110-110 डोज पुलिस सुरक्षा के बीच चारों केंद्रों जिला अस्पताल, हिंद, मेयो और सतरिख सीएचसी पर भेज दी गई है।
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वैक्सीन को अस्पतालों में सुरक्षित और निर्धारित 2 से 8 डिग्री के तापमान में रखने के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। वहीं सुरक्षा के लिए पुलिस के जवान तैनात कर सीसीटीवी कैमरे से कक्षों पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक केंद्र पर सौ-सौ लोगों को टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। किस केंद्र पर किसको टीका लगाया जाएगा, इसकी पूरी सूची तैयार कर केंद्रों को भेज दी गई है।
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सीएमओ ने बताया कि टीका लगने वाले व्यक्ति को पूरी तरह से प्रोत्साहित किया जा रहा है। किसी पर टीका लगाने का कोई दबाव नहीं है। यह एक स्वैच्छिक अभियान है। लेकिन प्रयास होगा का जिनके नाम सूची में हैं, उनका पहले टीकाकरण करा दिया जाए। महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. संगीता श्रीवास्तव ने बताया कि वैक्सीन को वैक्सीनेशन कक्ष में रखवा दिया गया है। शनिवार को यह टीकाकरण केंद्र पर भेजी जाएगी।
केंद्रों पर तैनात किए गए नोडल अधिकारी
सीएमओ ने बताया कि चारों केंद्रों पर नोडल अधिकारियों की तैनाती करते हुए उनकी जवाबदेही भी तय कर दी गई है। एसीएमओ डॉ. केएनएम त्रिपाठी को जिला अस्पताल का जिम्मा सौंपा गया है। जबकि हिंद अस्पताल की जिम्मेदार डॉ. आफताब को, सतरिख सीएचसी का जिम्मा डॉ. संजय बाबू को तो मेयो अस्पताल की जिम्मेदारी डॉ. अवधेश मौर्या को सौंपी गई है। इन चिकित्सकों को पूरी तरह से सतर्क रहने के साथ ही किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार रहने के निर्देेश दिए गए हैं।
ऑब्जर्वेशन कक्ष पर रहेगी टीम की नजर
टीका लगाए जाने के बाद जिस ऑब्जर्वेशन कक्ष में आधा घंटे के लिए व्यक्ति को रखा जाएगा वहां पर एडवर्स, इवेंट, फलोइंग इमुनाजेशन (एईएफआई) की टीम मौजूद रहेगी। यह टीम किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से निपटने में पूरी तरह से सक्षम हैं। यदि टीका लगने के बाद लाभार्थी को कोई दिक्कत होती है तो यह टीम स्थिति को संभालते हुए मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को देगी। इसके अलावा ऑब्जर्वेशन कक्ष में ऑक्सीजन सिलेंडर, एम्बू बैग (आर्टीफिशियल मैनुअल ब्रीथिंग बैग) के साथ ही सभी प्रकार की दवाएं उपलब्ध रहेंगीं।
टीका लगने के बाद आधे घंटे रुकना होगा
सीएमओ ने बताया कि प्रत्येक केंद्र पर टीकाकरण के लिए 6 कर्मियों की एक टीम बनाई गई है इस टीम में प्रशिक्षित कर्मियों को शामिल किया गया है। इसके अलावा टीम के साथ चिकित्सकों की एक टीम को भी तैनात किया गया है। टीका लगने के बाद व्यक्ति को आधा घंटे के लिए ऑब्जर्वेशन कक्ष में रखा जाएगा। पूरे अभियान पर डीएम और एसपी की नजर रहेगी और वह इन केंद्रों का सीएमओ के साथ मौके पर पहुंच जायजा भी लेंगे। वहीं जिन कर्मियों और चिकित्सकों की ड्यूटी इस कार्य में लगाई गई है उन्हें पूरी तरह से सतर्क रहने के आदेश दिए गए हैं। इसमें किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
टीका पूरी तरह से स्वदेशी है और सुरक्षित भी
कोरोना का पहला टीका लगवाने जा रहे जिला प्रतिरक्षण अधिकारी और एसीएमओ डॉ. राजीव सिंह ने बताया कि वह कोरोना का टीका लगाने को लेकर पूरी तरह से तैयार हैं। कोरोना का पहला टीका लगवाकर हम यह संदेश देना चाहते हैं कि इसे लेकर व्यक्तियों में किसी प्रकार का कोई भ्रम न रहे क्योंकि यह टीका पूरी तरह से स्वदेशी है और सुरक्षित है। इसलिए इसकी गुणवत्ता पर संदेह करने का कोई सवाल ही नहीं उठता है।
सतरिख सीएचसी अधीक्षक डॉ. सुनील जायसवाल ने बताया कि देश के वैज्ञानिकों पर हमें गर्व हैं जिन्होंने इतने कम समय में कोरोना जैसी महामारी का टीका बनाकर हम लोगों के बीच ला दिया। टीके की गुणवत्ता पर किसी प्रकार का संदेह इसलिए नहीं किया जा सकता है क्योंकि यह पूरी तरह से स्वदेशी है। हम टीका लगाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं और अन्य साथियों को भी टीका लगवाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।
सचल प्रदर्शनी रथ को किया रवाना
डीएम डॉ. आदर्श सिंह और एसपी यमुना प्रसाद ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट से कोविड-19 और स्वच्छता जागरूकता सचल प्रदर्शनी रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान डीएम ने दस दिवसीय अभियान में लगाए जाने वाले पोस्टर बैनर और पंफलेट का लोकार्पण भी किया। डीएम ने कहा कि जब तक सभी लोगों को कोरोना की वैक्सीन न लग जाए तब तक दवाई भी और कड़ाई भी के मंत्र का पालन सभी को गंभीरता से करना चाहिए।
कहा कि कोविड की वजह से बीता वर्ष चुनौतियों भरा रहा लेकिन 2021 में कोविड से बचाव के लिए वैक्सीन आ गई है। सरकार इसके लिए युद्ध स्तर पर कार्य कर रही ताकि जल्द से जल्द वैक्सीन दी जा सके। उन्होंने कहा कि जागरूकता रथ भी लोगों के आचार व्यवहार में परिवर्तन लाने के लिए प्रभावी रहेगा। इस मौके पर एडीएम संदीप गुप्ता आदि मौजूद रहे।
स्वास्थ्य कर्मियों का टीकाकरण शनिवार से शुरू हो रहा है। यह सचमुच बहुत हर्ष का विषय है, क्योंकि कोरोना जैसी महामारी से हम पिछले एक साल से जूझ रहे हैं। इस महामारी में सबसे ज्यादा जोखिम स्वास्थ्य कर्मियों ने ही उठाया है। इसलिए इनका टीकाकरण बहुत जरूरी है। क्योंकि कोविड अभी समाप्त नहीं हुआ है। इससे बचाव का सबसे सटीक तरीका टीकाकरण ही है। इसलिए जिनका नाम सूची में है वह बेझिझक अपना टीकाकरण जरूर कराएं।
-डॉ. आदर्श सिंह, जिलाधिकारी