{"_id":"60e74a9d8ebc3e6e1e726909","slug":"corona-barabanki-news-lko5860811187","type":"story","status":"publish","title_hn":"कागजों पर चल रही कोरोना से निपटने की तैयारियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कागजों पर चल रही कोरोना से निपटने की तैयारियां
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाराबंकी। कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने की तैयारियां कागजों पर ही चल रही है। विभाग तीसरी लहर से निपटने के लिए कितना सतर्क है, इसका अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि किसी भी अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट नहीं लग सका। यहीं नहीं मुख्यालय पर 40 बेड का पीकू वार्ड बनाने का जो दावा किया गया था, वह भी हवा हवाई ही साबित हुआ है। मुख्यालय पर एक भी पीकू वार्ड नहीं बनाया जा सका है। ऐसे में स्वास्थ्य महकमा एक बार फिर निजी अस्पतालों के सहारे ही है। ऐसे में गर तीसरी लहर आती है तो विभाग इससे कैसे निपटेगा, इसका जवाब किसी भी अधिकारी के पास नहीं है।
विशेषज्ञों के अनुसार कोरोना की संभावित तीसरी लहर अगस्त में आ सकती है, क्योंकि कोरोना के डेल्टा वेरियंट मरीजों के मिलने की शुरूआत हो चुकी है। इस वेरियंट को सबसे खतरनाक माना जा रहा है। विभाग का दावा है कि उसने कोरोना से निपटने के लिए सभी इंतजाम कर लिए हैं। पर हकीकत इससे इतर है विभाग की सभी तैयारियां सिर्फ और सिर्फ कागजों पर ही चल रही हैं। अभी तक किसी भी अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट तक नहीं लगाया जा सका है। ऐसे में यदि तीसरी लहर आती है तो विभाग के पास सिर्फ पुुरानी व्यवस्था के अलावा कुछ नहीं है।
एक बार फिर उसे निजी अस्पतालों पर ही निर्भर रहना पड़ेगा। जिला अस्पताल को छोड़ दिया जाए तो किसी भी अस्पताल में कोरोना से निपटने के पर्याप्त संसाधन नहीं है। मामले में सीएमओ डॉ. बीकेएस चौहान ने बताया कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए विभाग पूरी तरह से तैयार हैं। इसको लेकर जिला अस्पताल के अलावा चार सीएचसी को पूरी तरह से तैयार कर लिया गया है। यहां पर सभी प्रकार की व्यवस्थाएं जुटा ली गई हैं। चारों अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाने का काम तेज गति से चल रहा है। उम्मीद है माह के अंत तक ये लगकर पूरी तरह से तैयार हो जाएंगे।
विज्ञापन
40 बेड के पीकू वार्ड तैयार
विभाग के मुताबिक सिद्वौर, त्रिवेदीगंज, फतेहपुर और संयुक्त चिकित्सालय सिरौलीगौसपुर में 10-10 बेड के पीकू वार्ड पूरी तरह से बनकर तैयार हो गए हैं। यहां पर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के अलावा डी और बी टाइप के ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध करा दिए गए हैं। दावा किया जा रहा है कि पर्याप्त मात्रा में रेमडेसिविर इंजेक्शन के अलावा अन्य प्रकार की दवाएं भी उपलब्ध हैं।
विज्ञापन
विशेषज्ञों के अनुसार कोरोना की संभावित तीसरी लहर अगस्त में आ सकती है, क्योंकि कोरोना के डेल्टा वेरियंट मरीजों के मिलने की शुरूआत हो चुकी है। इस वेरियंट को सबसे खतरनाक माना जा रहा है। विभाग का दावा है कि उसने कोरोना से निपटने के लिए सभी इंतजाम कर लिए हैं। पर हकीकत इससे इतर है विभाग की सभी तैयारियां सिर्फ और सिर्फ कागजों पर ही चल रही हैं। अभी तक किसी भी अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट तक नहीं लगाया जा सका है। ऐसे में यदि तीसरी लहर आती है तो विभाग के पास सिर्फ पुुरानी व्यवस्था के अलावा कुछ नहीं है।
विज्ञापन
एक बार फिर उसे निजी अस्पतालों पर ही निर्भर रहना पड़ेगा। जिला अस्पताल को छोड़ दिया जाए तो किसी भी अस्पताल में कोरोना से निपटने के पर्याप्त संसाधन नहीं है। मामले में सीएमओ डॉ. बीकेएस चौहान ने बताया कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए विभाग पूरी तरह से तैयार हैं। इसको लेकर जिला अस्पताल के अलावा चार सीएचसी को पूरी तरह से तैयार कर लिया गया है। यहां पर सभी प्रकार की व्यवस्थाएं जुटा ली गई हैं। चारों अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाने का काम तेज गति से चल रहा है। उम्मीद है माह के अंत तक ये लगकर पूरी तरह से तैयार हो जाएंगे।
विज्ञापन
40 बेड के पीकू वार्ड तैयार
विभाग के मुताबिक सिद्वौर, त्रिवेदीगंज, फतेहपुर और संयुक्त चिकित्सालय सिरौलीगौसपुर में 10-10 बेड के पीकू वार्ड पूरी तरह से बनकर तैयार हो गए हैं। यहां पर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के अलावा डी और बी टाइप के ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध करा दिए गए हैं। दावा किया जा रहा है कि पर्याप्त मात्रा में रेमडेसिविर इंजेक्शन के अलावा अन्य प्रकार की दवाएं भी उपलब्ध हैं।