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Barabanki News: नियमित नहीं चलतीं कक्षाएं, गणित के शिक्षक ही नहीं

Sun, 13 Aug 2023 01:03 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी Updated Sun, 13 Aug 2023 01:03 AM IST
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Classes do not run regularly, not only teachers of mathematics
टिकैतनगर (बाराबंकी)। क्षेत्र स्थित राजकीय महाविद्यालय हसौर में प्रवेश लेने में छात्र-छात्राएं रुचि नहीं ले रहे हैं। हाल यह है कि इस नए सत्र में प्रवेश के लिए 320 सीटों के सापेक्ष मात्र 75 आवेदन आए हैं। इसमें 63 छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिया है।
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राजकीय महाविद्यालय होने के बाद भी छात्र-छात्राएं यहां प्रवेश लेेने में कतराते हैं। प्रति वर्ष सीटें खाली रह जाती हैं। बताते हैं कि छात्र-छात्राओं की संख्या कम होने के कारण नियमित कक्षाएं भी नहीं चलती हैं। हाल यह है कि यहां पर गणित की 80 सीटें हैं, लेकिन गणित का कोई प्रोफेसर नहीं है। इसलिए बीएससी गणित में कोई प्रवेश नहीं लेता और सारी सीटें खाली ही रह जाती हैं। बीकॉम, बीए और बीएससी मिलाकर 320 सीटें हैं। यहां पर वर्तमान में केवल 218 छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। नए शिक्षा सत्र में 63 छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिया है। इसमें बीए में 54, बीएससी में 5 और बीकॉम में 4 छात्र-छात्राएं शामिल हैं।
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ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि पढ़ाई का माहौल कैसा होगा। प्राचार्य इंद्रजीत सिंह राणा ने बताया कि बीए में हिंदी, अंग्रेजी, इतिहास, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, मनोविज्ञान विषय हैं। इसके अलावा बीएससी में गणित व बायो के सभी विषय हैं। महाविद्यालय में प्रवेश के लिए 15 अगस्त तक आवेदन लिए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्र में यह महाविद्यालय है, लेकिन उम्मीद है कि बच्चों की अच्छी संख्या मिलेगी।
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न खुलती लैब, न पुस्तकालय से मिलतीं किताबें
यहां की लैब खुलती ही नहीं है, जिससे बीएससी में प्रयोगात्मक कार्य नहीं कराया जाता। पुस्तकालय बंद रहने से छात्र-छात्राओं को किताबें भी नहीं मिल पाती हैं। इसके अलावा कक्षाओं की सफाई नहीं होती। कई कक्षाएं ऐसी हैं, जिसमें कबूतर आदि पक्षियों का बसेरा है। इससे गंदगी फैली रहती है।
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