{"_id":"683cb0d76f3f405f8b050b75","slug":"childrens-creative-talent-shines-through-barabanki-news-c-315-1-brp1005-140695-2025-06-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: निखरी बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: निखरी बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा
Mon, 02 Jun 2025 01:28 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Mon, 02 Jun 2025 01:28 AM IST
विज्ञापन
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज फतेहपुर में बालिकाओं द्वारा बनाया गया भाषा वृक्ष। स्रोत- सूचना विभाग
बाराबंकी। समग्र शिक्षा अभियान के तहत संचालित समर कैंप में रविवार को विद्यालयों में रचनात्मक लेखन, भाषाई कौशल और कल्पनाशक्ति से जुड़ीं गतिविधियां कराई गईं। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ इसमें भाग लिया और अपनी सृजनात्मक प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
हर दिन की तरह रविवार को भी कार्यक्रम की शुरुआत योग और व्यायाम सत्र से हुई। इसके बाद विद्यार्थियों ने अपने भीतर की कल्पनाओं को कागज पर उतारा। किसी ने प्रेरणादायक कहानी गढ़ी तो किसी ने अपनी डायरी में दिल की बातों को उकेरा।
एक विशेष गतिविधि भाषा वृक्ष के तहत छात्र-छात्राओं ने शब्द, वाक्य, भाव व मुहावरे आदि को प्रतीकों के रूप में दर्शाते हुए एक रचनात्मक भाषाई चित्र का निर्माण किया। इस प्रयास ने भाषा को केवल अध्ययन का विषय ही नहीं बल्कि सृजन और अभिव्यक्ति का माध्यम भी बना दिया।
विज्ञापन
सैदनपुर में शिक्षकों ने कहा कि शिक्षा हमें समाज में सम्मान और नैतिकता की भाषा सिखाती है। बच्चों ने पेड़-पौधों के चित्र बनाए। डीआईओएस ओपी त्रिपाठी ने बच्चों के कार्यों को देखा और उनकी सराहना करते हुए कहा कि भाषा केवल संप्रेषण का माध्यम नहीं, यह आत्मविश्वास और रचनात्मकता का सेतु है। छात्रों की यह ऊर्जा व उत्साह भविष्य में उन्हें सशक्त बनाएगा।
रचनात्मकता को मिला मंच
परिषदीय विद्यालय के बच्चे हों या माध्यमिक विद्यालय के, समर कैंप के माध्यम से छात्र-छात्राओं की रचनात्मक अभिव्यक्ति को नया मंच मिला है। बच्चों के मन की बात अब शब्दों और चित्रों के माध्यम से सामने आ रही है जो उनके सर्वांगीण विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है।
विज्ञापन
हर दिन की तरह रविवार को भी कार्यक्रम की शुरुआत योग और व्यायाम सत्र से हुई। इसके बाद विद्यार्थियों ने अपने भीतर की कल्पनाओं को कागज पर उतारा। किसी ने प्रेरणादायक कहानी गढ़ी तो किसी ने अपनी डायरी में दिल की बातों को उकेरा।
विज्ञापन
एक विशेष गतिविधि भाषा वृक्ष के तहत छात्र-छात्राओं ने शब्द, वाक्य, भाव व मुहावरे आदि को प्रतीकों के रूप में दर्शाते हुए एक रचनात्मक भाषाई चित्र का निर्माण किया। इस प्रयास ने भाषा को केवल अध्ययन का विषय ही नहीं बल्कि सृजन और अभिव्यक्ति का माध्यम भी बना दिया।
विज्ञापन
सैदनपुर में शिक्षकों ने कहा कि शिक्षा हमें समाज में सम्मान और नैतिकता की भाषा सिखाती है। बच्चों ने पेड़-पौधों के चित्र बनाए। डीआईओएस ओपी त्रिपाठी ने बच्चों के कार्यों को देखा और उनकी सराहना करते हुए कहा कि भाषा केवल संप्रेषण का माध्यम नहीं, यह आत्मविश्वास और रचनात्मकता का सेतु है। छात्रों की यह ऊर्जा व उत्साह भविष्य में उन्हें सशक्त बनाएगा।
रचनात्मकता को मिला मंच
परिषदीय विद्यालय के बच्चे हों या माध्यमिक विद्यालय के, समर कैंप के माध्यम से छात्र-छात्राओं की रचनात्मक अभिव्यक्ति को नया मंच मिला है। बच्चों के मन की बात अब शब्दों और चित्रों के माध्यम से सामने आ रही है जो उनके सर्वांगीण विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है।