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Barabanki News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का श्रीलोधेश्वर धाम से विशेष लगाव
Mon, 20 Jul 2026 01:55 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Mon, 20 Jul 2026 01:55 AM IST
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मुकेश शुक्ला
रामनगर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पौराणिक श्रीलोधेश्वर महादेव धाम (महादेवा) से गहरा आध्यात्मिक जुड़ाव है। मुख्यमंत्री बनने के बाद से उन्होंने रामनगर क्षेत्र को अपनी शीर्ष प्राथमिकताओं में रखा है। आगामी प्रस्तावित दौरा रामनगर क्षेत्र में उनका पांचवां होगा, जबकि श्री लोधेश्वर महादेव मंदिर में वह चौथी बार शीश नवाएंगे। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जिला प्रशासन और भाजपा संगठन तैयारियों में जुटा है।
स्थानीय जनता में भारी उत्साह है, क्योंकि मुख्यमंत्री के हर आगमन पर क्षेत्र को विकास की सौगात मिली है। इस जुड़ाव की शुरुआत 14 अगस्त 2017 को हुई थी, जब उन्होंने हेतमापुर में बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की थी। 18 फरवरी 2018 को बुढ़वल चीनी मिल की जनसभा में उन्होंने महादेवा को 24 घंटे बिजली देने की घोषणा की। छह जुलाई 2018 को उन्होंने लोधेश्वर धाम में वन महोत्सव का शुभारंभ किया। 24 अगस्त 2018 को वह दोबारा महादेवा ऑडिटोरियम पहुंचे और बाढ़ प्रभावितों की मदद की। 30 अगस्त 2023 को उन्होंने श्री लोधेश्वर महादेव कॉरिडोर परियोजना की सौगात दी, जिससे धाम वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित होगा।
देवा बनाम महादेवा बयान का प्रभाव
18 फरवरी 2018 को बुढ़वल चीनी मिल मैदान से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक ऐतिहासिक बयान दिया था। उन्होंने सवाल उठाया था कि अगर देवा शरीफ को 24 घंटे बिजली मिल सकती है, तो महादेवा को क्यों नहीं। इस बयान के बाद शासन स्तर पर नीति बदली और पौराणिक लोधेश्वर धाम चौबीसों घंटे बिजली से जगमगा उठा। इसी इच्छाशक्ति का परिणाम है कि आज महादेवा धाम एक भव्य कॉरिडोर के रूप में विकसित हो रहा है। इससे स्थानीय रोजगार और पर्यटन दोनों को नई ताकत मिली है।
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रामनगर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पौराणिक श्रीलोधेश्वर महादेव धाम (महादेवा) से गहरा आध्यात्मिक जुड़ाव है। मुख्यमंत्री बनने के बाद से उन्होंने रामनगर क्षेत्र को अपनी शीर्ष प्राथमिकताओं में रखा है। आगामी प्रस्तावित दौरा रामनगर क्षेत्र में उनका पांचवां होगा, जबकि श्री लोधेश्वर महादेव मंदिर में वह चौथी बार शीश नवाएंगे। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जिला प्रशासन और भाजपा संगठन तैयारियों में जुटा है।
स्थानीय जनता में भारी उत्साह है, क्योंकि मुख्यमंत्री के हर आगमन पर क्षेत्र को विकास की सौगात मिली है। इस जुड़ाव की शुरुआत 14 अगस्त 2017 को हुई थी, जब उन्होंने हेतमापुर में बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की थी। 18 फरवरी 2018 को बुढ़वल चीनी मिल की जनसभा में उन्होंने महादेवा को 24 घंटे बिजली देने की घोषणा की। छह जुलाई 2018 को उन्होंने लोधेश्वर धाम में वन महोत्सव का शुभारंभ किया। 24 अगस्त 2018 को वह दोबारा महादेवा ऑडिटोरियम पहुंचे और बाढ़ प्रभावितों की मदद की। 30 अगस्त 2023 को उन्होंने श्री लोधेश्वर महादेव कॉरिडोर परियोजना की सौगात दी, जिससे धाम वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित होगा।
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देवा बनाम महादेवा बयान का प्रभाव
18 फरवरी 2018 को बुढ़वल चीनी मिल मैदान से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक ऐतिहासिक बयान दिया था। उन्होंने सवाल उठाया था कि अगर देवा शरीफ को 24 घंटे बिजली मिल सकती है, तो महादेवा को क्यों नहीं। इस बयान के बाद शासन स्तर पर नीति बदली और पौराणिक लोधेश्वर धाम चौबीसों घंटे बिजली से जगमगा उठा। इसी इच्छाशक्ति का परिणाम है कि आज महादेवा धाम एक भव्य कॉरिडोर के रूप में विकसित हो रहा है। इससे स्थानीय रोजगार और पर्यटन दोनों को नई ताकत मिली है।
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