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मुर्दों के नाम जारी कर दिए चेक
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jul 2015 10:33 PM IST
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फसल नुकसानी का सर्वे करने में किस हद तक लापरवाही बरती गई है इसका धीरे-धीरे खुलासा हो गया। सर्वे कार्य में लगाए गए लेखपालों ने घर बैठे ही सूची बना डाली। लेखपालों ने ऐसे लोगों का नाम सूची में शामिल कर लिया गया जिनकी कई साल पहले मौत हो चुकी है। इस मामले में एक लेखपाल को निलंबित भी किया जा चुका है। इसके बाद भी मृतकों के नाम चेक जारी करने का सिलसिला बदस्तूर जारी है।
रामसनेहीघाट क्षेत्र के सिकरी जीवल में तैनात लेखपाल राममिलन ने मृतकों के नाम फसल नुकसानी का चेक बना कर बांट दिया। ग्रामीणों का कहना है कि रामशंकर पुत्र भवनेश्वरी, लतीफ पुत्र मो. हसन, बाबादीन पुत्र शिवदत्त और रामकोमल पुत्र रामदेव की कई वर्ष पहले मौत हो चुकी है, लेकिन हल्का लेखपाल ने इनके नाम फसल नुकसानी की चेक जारी कर दी। इसके अलावा कई अन्य लोगों के नाम फसल नुकसानी का चेक जारी किया गया है जिनकी मौत हो चुकी है। इससे साफ होता है कि जिस समय फसल नुकसानी का सर्वे कराया जा रहा था उस दौरान लेखपालों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। यदि सही तरीके से सर्वे किया गया होता तो फसल नुकसानी के जो वास्तविक हकदार हैं वह चेक पाने से वंचित न रहते। वहीं हकीकत में जिनकी फसल बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि की भेंट चढ़ी है उन्हें अभी तक चेक नहीं मिल सके हैं। जिससे इन किसानों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गांव के लोगों ने इसकी शिकायत एसडीएम से करते हुए लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
फसल नुकसानी के मामले में इससे पहले भी लेखपाल मृतकों के नाम चेक जारी कर चुके हैं। उदाहरण के तौर पर हरख ब्लॉक के नींदनपुर मजरे मवैया और बड्डूपुर क्षेत्र के गंगचौली में मृतकों के नाम फसल नुकसानी के चेक जारी किए गए। फतेहपुर एसडीएम ने इसकी जांच कराई तो मामला सही पाए जाने पर एक लेखपाल को निलंबित भी किया गया था। इसके बाद भी कायशैली में सुधार नहीं हो रहा है।
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प्रशासन की नाक के नीचे बसे वादीनगर सहेलिया गांव के किसानों को आज तक फसल नुकसानी के चेक नहीं मिल सकी है। किसानों ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी से भी की। लेकिन तहसील प्रशासन इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है। हल्का लेखपाल का कहना है कि जब पैसा आएगा तब चेक जारी किए जाएंगे। जबकि अन्य कई गांवों में चेक का वितरण किया जा चुका है।
एसडीएम रामसनेहीघाट प्रभाकांत अवस्थी ने बताया कि फसल नुकसानी के मामले में मृतकों के नाम चेक जारी करने का मामला संज्ञान में आया है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही हैं जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित लेखपाल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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रामसनेहीघाट क्षेत्र के सिकरी जीवल में तैनात लेखपाल राममिलन ने मृतकों के नाम फसल नुकसानी का चेक बना कर बांट दिया। ग्रामीणों का कहना है कि रामशंकर पुत्र भवनेश्वरी, लतीफ पुत्र मो. हसन, बाबादीन पुत्र शिवदत्त और रामकोमल पुत्र रामदेव की कई वर्ष पहले मौत हो चुकी है, लेकिन हल्का लेखपाल ने इनके नाम फसल नुकसानी की चेक जारी कर दी। इसके अलावा कई अन्य लोगों के नाम फसल नुकसानी का चेक जारी किया गया है जिनकी मौत हो चुकी है। इससे साफ होता है कि जिस समय फसल नुकसानी का सर्वे कराया जा रहा था उस दौरान लेखपालों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। यदि सही तरीके से सर्वे किया गया होता तो फसल नुकसानी के जो वास्तविक हकदार हैं वह चेक पाने से वंचित न रहते। वहीं हकीकत में जिनकी फसल बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि की भेंट चढ़ी है उन्हें अभी तक चेक नहीं मिल सके हैं। जिससे इन किसानों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गांव के लोगों ने इसकी शिकायत एसडीएम से करते हुए लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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फसल नुकसानी के मामले में इससे पहले भी लेखपाल मृतकों के नाम चेक जारी कर चुके हैं। उदाहरण के तौर पर हरख ब्लॉक के नींदनपुर मजरे मवैया और बड्डूपुर क्षेत्र के गंगचौली में मृतकों के नाम फसल नुकसानी के चेक जारी किए गए। फतेहपुर एसडीएम ने इसकी जांच कराई तो मामला सही पाए जाने पर एक लेखपाल को निलंबित भी किया गया था। इसके बाद भी कायशैली में सुधार नहीं हो रहा है।
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प्रशासन की नाक के नीचे बसे वादीनगर सहेलिया गांव के किसानों को आज तक फसल नुकसानी के चेक नहीं मिल सकी है। किसानों ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी से भी की। लेकिन तहसील प्रशासन इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है। हल्का लेखपाल का कहना है कि जब पैसा आएगा तब चेक जारी किए जाएंगे। जबकि अन्य कई गांवों में चेक का वितरण किया जा चुका है।
एसडीएम रामसनेहीघाट प्रभाकांत अवस्थी ने बताया कि फसल नुकसानी के मामले में मृतकों के नाम चेक जारी करने का मामला संज्ञान में आया है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही हैं जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित लेखपाल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।