{"_id":"61be34a48e985966f76941af","slug":"celebrate-sai-name-barabanki-news-lko609576496","type":"story","status":"publish","title_hn":"..प्यार से बुलाओ साईं दौड़े चले आएंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
..प्यार से बुलाओ साईं दौड़े चले आएंगे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाराबंकी। शहर स्थित नागेश्वरनाथ मंदिर से शनिवार को साईं पालकी यात्रा धूमधाम से निकाली गई। बैंडबाजे के साथ भगवान गणेश, भगवान शंकर व हनुमान जी की झांकियों से सुसज्जित शोभायात्रा में शामिल लोग जयकारे लगाते रहे। पालकी यात्रा में साईं के भजनों पर भक्त झूमते-गाते नगरपालिका स्थित कार्यक्रम स्थल पहुंचे। इस दौरान साईं नाथ के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।
शनिवार को नागेश्वरनाथ मंदिर में पूजन अर्चन के साथ साईं बाबा की पालकी यात्रा शुरू हुई। पालकी यात्रा सट्टी बाजार, धनोखर, निबलेट तिराहा होते हुए नगरपालिका परिसर पहुंची।
पालकी यात्रा के गुजरने वाले मार्ग पर भक्तों ने पुष्पवर्षा की। बैंडबाजे व डीजे की धुन पर साईं भजनों पर श्रद्धालु नाचते-गाते पालकी यात्रा में चल रहे थे।
विज्ञापन
साईं नाथ तेरे हजारों हाथ... प्यार से बुलाओ साईं दौड़े चले आएंगे... आदि गीतों पर भक्त झूमते हुए चले जा रहे थे। पीलीभीत के कलाकारों ने राधा-कृष्ण, मयूर नृत्य प्रस्तुत कर समां बांध दिया।
इस दौरान महिलाओं व युवतियों ने साईं भजन पर जमकर नृत्य किया। पालकी यात्रा में श्रद्घालुओं की भारी भीड़ रही। साईं दरबार की झांकी आकर्षण का केंद्र रही।
नगरपालिका परिसर में आयोजित साईं महोत्सव में शनिवार सुबह साईं दरबार के सामने श्रीसाईं सत्य व्रत पूजा हुई। शिरडी से आए शेखर कुलकर्णी के सानिध्य में श्रद्घालुओं ने हवन पूजन किया। हवन पूजन में कई श्रद्घालु परिवार के साथ शामिल हुए। काफी देर चले हवन से वातावरण सुवासित हो उठा। इस दौरान बाबा केे जयकारों से वातावरण गूंज उठा।
दुआ कभी बेअसर नहीं होती..
साईं भजन गायक सुरेंद्र शर्मा में कहा कि हर दुआ असर रखती है, वह कभी बेअसर नहीं होती। कहा कि पश्चिमी संगीत से सुकून नहीं मिलता, यह नींद उड़ाता है। जबकि भजन शांति प्रदान करते हैं। वर्ष 1977 में पहला भजन गाया। तब से लगातार साईं भजन ही गा रहा हूं। साईं जी ने सभी धर्मों को जोड़ा है।
साईं ने बुलाया शिरडी चला आया...
नगरपालिका परिसर में आयोजित साईं महोत्सव में शनिवार की शाम सक्सेना बंधुओं ने एक से बढ़कर एक साईं भजन पेश किए। भजन गायक सुरेंद्र सक्सेना ने साईं भजन की रसधारा बहाकर सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया। अमित सक्सेना के भजनों पर भक्त थिरकते नजर आए। मेरी रक्षा करना साईं.., साईं ने बुलाया तो शिरडी चला आया.. गाया तो उठाकर सभी ने तालियां बजाते हुए जयकारे लगाए।
विज्ञापन
शनिवार को नागेश्वरनाथ मंदिर में पूजन अर्चन के साथ साईं बाबा की पालकी यात्रा शुरू हुई। पालकी यात्रा सट्टी बाजार, धनोखर, निबलेट तिराहा होते हुए नगरपालिका परिसर पहुंची।
विज्ञापन
पालकी यात्रा के गुजरने वाले मार्ग पर भक्तों ने पुष्पवर्षा की। बैंडबाजे व डीजे की धुन पर साईं भजनों पर श्रद्धालु नाचते-गाते पालकी यात्रा में चल रहे थे।
विज्ञापन
साईं नाथ तेरे हजारों हाथ... प्यार से बुलाओ साईं दौड़े चले आएंगे... आदि गीतों पर भक्त झूमते हुए चले जा रहे थे। पीलीभीत के कलाकारों ने राधा-कृष्ण, मयूर नृत्य प्रस्तुत कर समां बांध दिया।
इस दौरान महिलाओं व युवतियों ने साईं भजन पर जमकर नृत्य किया। पालकी यात्रा में श्रद्घालुओं की भारी भीड़ रही। साईं दरबार की झांकी आकर्षण का केंद्र रही।
नगरपालिका परिसर में आयोजित साईं महोत्सव में शनिवार सुबह साईं दरबार के सामने श्रीसाईं सत्य व्रत पूजा हुई। शिरडी से आए शेखर कुलकर्णी के सानिध्य में श्रद्घालुओं ने हवन पूजन किया। हवन पूजन में कई श्रद्घालु परिवार के साथ शामिल हुए। काफी देर चले हवन से वातावरण सुवासित हो उठा। इस दौरान बाबा केे जयकारों से वातावरण गूंज उठा।
दुआ कभी बेअसर नहीं होती..
साईं भजन गायक सुरेंद्र शर्मा में कहा कि हर दुआ असर रखती है, वह कभी बेअसर नहीं होती। कहा कि पश्चिमी संगीत से सुकून नहीं मिलता, यह नींद उड़ाता है। जबकि भजन शांति प्रदान करते हैं। वर्ष 1977 में पहला भजन गाया। तब से लगातार साईं भजन ही गा रहा हूं। साईं जी ने सभी धर्मों को जोड़ा है।
साईं ने बुलाया शिरडी चला आया...
नगरपालिका परिसर में आयोजित साईं महोत्सव में शनिवार की शाम सक्सेना बंधुओं ने एक से बढ़कर एक साईं भजन पेश किए। भजन गायक सुरेंद्र सक्सेना ने साईं भजन की रसधारा बहाकर सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया। अमित सक्सेना के भजनों पर भक्त थिरकते नजर आए। मेरी रक्षा करना साईं.., साईं ने बुलाया तो शिरडी चला आया.. गाया तो उठाकर सभी ने तालियां बजाते हुए जयकारे लगाए।