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सीएमओ आफिस पर सीबीआई का छापा
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 31 Jul 2015 10:57 PM IST
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इस दौरान सीबीआई इंस्पेक्टर ने योजना से जुड़े अभिलेखों की जांच पड़ताल की बाद में जरूरी अभिलेखों को वह साथ लेकर चले गए।
सीबीआई इंस्पेक्टर अजय सिंह गहलोत ने शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय पर छापा मारा। सीबीआई इंस्पेक्टर ने एनआरएचएम योजना के घोटाले से जुड़े अभिलेखों की जांच पड़ताल की और जरूरी कागजात वह साथ भी ले गए। सीबीआई इंस्पेक्टर ने बताया कि योजना से जुड़े अभिलेखों की जांच पड़ताल की जा रही है जो आवश्यक कागजात है उन्हें साथ ले जाया जा रहा है। जांच पड़ताल के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
सीबीआई के सीएमओ कार्यालय पहुंचने की जानकारी से सीएमओ कार्यालय में हड़कंप मच गया। सीबीआई इंस्पेक्टर को सामने देख योजना का कार्य देखने वाले बाबू को पसीना छूट गया। हालांकि इंस्पेक्टर ने जो अभिलेख मांग वह अभिलेख उसे उपलब्ध कराए गए।
सीएमओ डॉ. रविंद्र कुमार ने बताया कि सीबीआई के इंस्पेक्टर ने एनआरएचएम से जुड़े कुछ अभिलेख मांगे थे जिसे उन्हें उपलब्ध करा दिया गया है। वर्ष 2011 में एनआरएचएम के धन का जमकर बंदरबांट किया गया। जननी सुरक्षा योजना से लेकर उपकरण की खरीद फरोख्त तक में खूब फर्जीवाड़ा हुआ। करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई। इस बहती गंगा में अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों तक ने खूब हाथ धोए।
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सीएचसी पीएचसी पर तैनात चिकित्सकों और बाबू की तो चांदी रही। जिन महिलाओं के प्रसव घर पर हुए उन्हें भी सीएचसी पर प्रसव होना दिखा धन निकला लिया गया। यही नहीं ऐसी प्रसव पीड़िताओं के नाम चेक काट दिए गए थे जिनका कोई अता पता नहीं था और जो क्षेत्र में रहती तक नहीं थी।
जांच पड़ताल के बाद दो चिकित्सकों का निलंबित भी किया गया था। इसके अलावा उपकरणों की खरीद में करोड़ों का घोटाला हुआ जिसकी जांच अब सीबीआई कर रही है।
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सीबीआई इंस्पेक्टर अजय सिंह गहलोत ने शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय पर छापा मारा। सीबीआई इंस्पेक्टर ने एनआरएचएम योजना के घोटाले से जुड़े अभिलेखों की जांच पड़ताल की और जरूरी कागजात वह साथ भी ले गए। सीबीआई इंस्पेक्टर ने बताया कि योजना से जुड़े अभिलेखों की जांच पड़ताल की जा रही है जो आवश्यक कागजात है उन्हें साथ ले जाया जा रहा है। जांच पड़ताल के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
सीबीआई के सीएमओ कार्यालय पहुंचने की जानकारी से सीएमओ कार्यालय में हड़कंप मच गया। सीबीआई इंस्पेक्टर को सामने देख योजना का कार्य देखने वाले बाबू को पसीना छूट गया। हालांकि इंस्पेक्टर ने जो अभिलेख मांग वह अभिलेख उसे उपलब्ध कराए गए।
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सीएमओ डॉ. रविंद्र कुमार ने बताया कि सीबीआई के इंस्पेक्टर ने एनआरएचएम से जुड़े कुछ अभिलेख मांगे थे जिसे उन्हें उपलब्ध करा दिया गया है। वर्ष 2011 में एनआरएचएम के धन का जमकर बंदरबांट किया गया। जननी सुरक्षा योजना से लेकर उपकरण की खरीद फरोख्त तक में खूब फर्जीवाड़ा हुआ। करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई। इस बहती गंगा में अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों तक ने खूब हाथ धोए।
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सीएचसी पीएचसी पर तैनात चिकित्सकों और बाबू की तो चांदी रही। जिन महिलाओं के प्रसव घर पर हुए उन्हें भी सीएचसी पर प्रसव होना दिखा धन निकला लिया गया। यही नहीं ऐसी प्रसव पीड़िताओं के नाम चेक काट दिए गए थे जिनका कोई अता पता नहीं था और जो क्षेत्र में रहती तक नहीं थी।
जांच पड़ताल के बाद दो चिकित्सकों का निलंबित भी किया गया था। इसके अलावा उपकरणों की खरीद में करोड़ों का घोटाला हुआ जिसकी जांच अब सीबीआई कर रही है।