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Barabanki News: गली-मोहल्ले में कैश प्वाइंट, जनसेवा केंद्रों से लाखों का गोरखधंधा
Sat, 08 Nov 2025 12:22 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sat, 08 Nov 2025 12:22 AM IST
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बाराबंकी। आधार कार्ड और फिंगरप्रिंट के जरिये पैसे निकालने की सुविधा, आधार सक्षम भुगतान प्रणाली अब ठगों के लिए कमाई का नया जरिया बन गया है। जिले में बड़ी संख्या में ऐसे जनसेवा केंद्र हैं जो बैंक से अधिकृत न होते हुए भी मनमानी कर रहे हैं। इन केंद्रों पर लोग सिर्फ अपने ही नहीं बल्कि दूसरों के खातों से भी रकम मंगा और भेज रहे हैं। इसकी एवज में वे प्रति हजार रुपये पर दस से बीस रुपये तक का कमीशन ले रहे हैं। कई मामले प्रकाश में आने के बाद साइबर सेल ने जांच शुरू कर दी है।
नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने यह सुविधा इसलिए शुरू की थी ताकि लोग बिना एटीएम कार्ड के सिर्फ आधार कार्ड और फिंगरप्रिंट से बैंकिंग सेवाओं का लाभ ले सकें। अब यही सुविधा ठगों के लिए हथियार बन गई है। जिले में 2,600 जनसेवा केंद्र हैं। कई जगहों पर तो लोग दूसरों के खाते से पैसा निकालकर उसे भेजने या मंगवाने का काम भी कर रहे हैं। जबकि नियम केवल स्वयं के खाते से नकदी निकालने की अनुमति देता है। जिले में पिछले कुछ दिनों में कई संदिग्ध लेनदेन के मामले सामने आए हैं।
जांच में पाया गया कि कुछ केंद्रों से एक ही फिंगरप्रिंट डिवाइस का इस्तेमाल बार-बार किया गया, जिससे धोखाधड़ी का अंदेशा और गहरा गया है। साइबर थाने के प्रभारी निरीक्षक संजय यादव बताते हैं कि जांच जारी है। जो भी केंद्र ऐसा करते मिलेंगे, उन पर कार्रवाई होगी।
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एक्सिस बैंक के फर्जीवाड़े में भी जनसेवा केंद्र संचालक
14 अक्तूबर को एक्सिस बैंक के फील्ड ऑफिसर सच्चिदानंद शुक्ला ने बैंक के दो कर्मचारियों व देवा क्षेत्र के एक जनसेवा केंद्र संचालक पर 78 लोगों से 10 लाख 18 हजार रुपये की ठगी का केस दर्ज कराया है। बताया कि देवा क्षेत्र के जनसेवा केंद्र संचालक सचिन के साथ मिलकर आरोपियों ने सभी ऋणधारकों के खाते इंडियन ओवरसीज बैंक की देवा शाखा में खुलवाएं और सभी लाभार्थियों को एक्सिस बैंक बुलाकर बायोमेट्रिक करवाकर धनराशि देवा के ही इंडियन ओवरसीज बैंक के खातों में ट्रांसफर करवा दी।
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नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने यह सुविधा इसलिए शुरू की थी ताकि लोग बिना एटीएम कार्ड के सिर्फ आधार कार्ड और फिंगरप्रिंट से बैंकिंग सेवाओं का लाभ ले सकें। अब यही सुविधा ठगों के लिए हथियार बन गई है। जिले में 2,600 जनसेवा केंद्र हैं। कई जगहों पर तो लोग दूसरों के खाते से पैसा निकालकर उसे भेजने या मंगवाने का काम भी कर रहे हैं। जबकि नियम केवल स्वयं के खाते से नकदी निकालने की अनुमति देता है। जिले में पिछले कुछ दिनों में कई संदिग्ध लेनदेन के मामले सामने आए हैं।
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जांच में पाया गया कि कुछ केंद्रों से एक ही फिंगरप्रिंट डिवाइस का इस्तेमाल बार-बार किया गया, जिससे धोखाधड़ी का अंदेशा और गहरा गया है। साइबर थाने के प्रभारी निरीक्षक संजय यादव बताते हैं कि जांच जारी है। जो भी केंद्र ऐसा करते मिलेंगे, उन पर कार्रवाई होगी।
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एक्सिस बैंक के फर्जीवाड़े में भी जनसेवा केंद्र संचालक
14 अक्तूबर को एक्सिस बैंक के फील्ड ऑफिसर सच्चिदानंद शुक्ला ने बैंक के दो कर्मचारियों व देवा क्षेत्र के एक जनसेवा केंद्र संचालक पर 78 लोगों से 10 लाख 18 हजार रुपये की ठगी का केस दर्ज कराया है। बताया कि देवा क्षेत्र के जनसेवा केंद्र संचालक सचिन के साथ मिलकर आरोपियों ने सभी ऋणधारकों के खाते इंडियन ओवरसीज बैंक की देवा शाखा में खुलवाएं और सभी लाभार्थियों को एक्सिस बैंक बुलाकर बायोमेट्रिक करवाकर धनराशि देवा के ही इंडियन ओवरसीज बैंक के खातों में ट्रांसफर करवा दी।