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39 नामजद, 150 अज्ञात पर केस, 22 आरोपी भेजे गए जेल
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रामसनेहीघाट (बाराबंकी)। तहसील मुख्यालय पर शुक्रवार की शाम तहसील परिसर स्थित विवादित भवन को लेकर पुलिस पर किए गए पथराव मामले में 39 लोगों को नामजद करते हुए 150 अज्ञात लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने इनमें से 22 लोगों को गिरफ्तार कर शनिवार को जेल भेज दिया।
अयोध्या रेंज के आईजी डॉ. संजीव गुप्ता एवं पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दिव्यांशु पटेल के साथ घटनास्थल का दौरा किया। इस विवाद में तीन पुलिस व एक राजस्वकर्मी घायल हुए हैं, जिनका इलाज कराया जा रहा है। पुलिस अराजतत्वों पर नजर रखने के लिऐ ड्रोन से निगरानी कर रही है।
रामसनेहीघाट तहसील परिसर में एसडीएम आवास के ठीक सामने बने विवादित परिसर में नमाज अदा करने को लेकर पिछले कई दिनों से विवाद की स्थिति बनी हुई थी। यह स्थिति तब और गंभीर हो गई जब ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दिव्यांशु पटेल ने तहसील परिसर में सुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से परिसर में जाने वाले शॉर्टकट रास्ते को बंद करा दिया।
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शुक्रवार को जुमे की नमाज अदा न कर पाने से कस्बे के लोग आक्रोशित हुए। जिन्हें दिन में पुलिस ने समझा-बुझाकर वापस कर दिया था। लेकिन शुक्रवार की देर शाम वर्ग विशेष की भीड़ ने मौके पर ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए इस हमले से पुलिस भी सकते में आ गई, लेकिन थोड़ी ही देर में पुलिस बल और अधिक आ जाने पर भीड़ को कंट्रोल करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए।
इसके अलावा रबड़ की गोलियां चलाकर भीड़ को भगाया गया। उच्चाधिकारियों को सूचित करते हुए जिले से भारी संख्या में पुलिस फोर्स एवं पीएसी के जवानों को बुला लिया गया। जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह एवं पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद भी मौके पर पहुंच गए। देर रात तक चले पुलिस के सर्च अभियान में 22 लोगों को हिरासत में लिया गया। शनिवार को पुलिस ने इस घटनाक्रम में मुकदमा दर्ज करते हुए 39 लोगों को नामजद किया है।
जबकि डेढ़ सौ अज्ञात लोगों पर भी मुकदमा किया गया है। हिरासत में लिए गए 22 लोगों को पुलिस ने शनिवार को जेल भेज दिया है। शनिवार को पुलिस महानिरीक्षक संजीव गुप्ता, पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने घटनास्थल का दौरा किया, स्थिति की समीक्षा करते हुए पुलिस को अपराधियों से निपटने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। पुलिस ने देर शाम सुरक्षा के लिहाज से कस्बे की ड्रोन कैमरे से निगरानी शुरू करा दी है।
इस मामले में पहले हुई प्रशासन से बात न बनने पर भले ही एक विशेष पक्ष ने बवाल किया हो। लेकिन अब जब पुलिस ने कार्रवाई शुरू की है तो दूसरे पक्ष का कोई भी व्यक्ति अपनी बात रखने के लिए सामने नहीं आ रहा है। वहीं जिला प्रशासन ने विवादित भूमि को तहसील की होने का दावा किया है, कोर्ट के आदेश का पालन कराने की बात कही है।
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अयोध्या रेंज के आईजी डॉ. संजीव गुप्ता एवं पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दिव्यांशु पटेल के साथ घटनास्थल का दौरा किया। इस विवाद में तीन पुलिस व एक राजस्वकर्मी घायल हुए हैं, जिनका इलाज कराया जा रहा है। पुलिस अराजतत्वों पर नजर रखने के लिऐ ड्रोन से निगरानी कर रही है।
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रामसनेहीघाट तहसील परिसर में एसडीएम आवास के ठीक सामने बने विवादित परिसर में नमाज अदा करने को लेकर पिछले कई दिनों से विवाद की स्थिति बनी हुई थी। यह स्थिति तब और गंभीर हो गई जब ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दिव्यांशु पटेल ने तहसील परिसर में सुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से परिसर में जाने वाले शॉर्टकट रास्ते को बंद करा दिया।
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शुक्रवार को जुमे की नमाज अदा न कर पाने से कस्बे के लोग आक्रोशित हुए। जिन्हें दिन में पुलिस ने समझा-बुझाकर वापस कर दिया था। लेकिन शुक्रवार की देर शाम वर्ग विशेष की भीड़ ने मौके पर ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए इस हमले से पुलिस भी सकते में आ गई, लेकिन थोड़ी ही देर में पुलिस बल और अधिक आ जाने पर भीड़ को कंट्रोल करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए।
इसके अलावा रबड़ की गोलियां चलाकर भीड़ को भगाया गया। उच्चाधिकारियों को सूचित करते हुए जिले से भारी संख्या में पुलिस फोर्स एवं पीएसी के जवानों को बुला लिया गया। जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह एवं पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद भी मौके पर पहुंच गए। देर रात तक चले पुलिस के सर्च अभियान में 22 लोगों को हिरासत में लिया गया। शनिवार को पुलिस ने इस घटनाक्रम में मुकदमा दर्ज करते हुए 39 लोगों को नामजद किया है।
जबकि डेढ़ सौ अज्ञात लोगों पर भी मुकदमा किया गया है। हिरासत में लिए गए 22 लोगों को पुलिस ने शनिवार को जेल भेज दिया है। शनिवार को पुलिस महानिरीक्षक संजीव गुप्ता, पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने घटनास्थल का दौरा किया, स्थिति की समीक्षा करते हुए पुलिस को अपराधियों से निपटने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। पुलिस ने देर शाम सुरक्षा के लिहाज से कस्बे की ड्रोन कैमरे से निगरानी शुरू करा दी है।
इस मामले में पहले हुई प्रशासन से बात न बनने पर भले ही एक विशेष पक्ष ने बवाल किया हो। लेकिन अब जब पुलिस ने कार्रवाई शुरू की है तो दूसरे पक्ष का कोई भी व्यक्ति अपनी बात रखने के लिए सामने नहीं आ रहा है। वहीं जिला प्रशासन ने विवादित भूमि को तहसील की होने का दावा किया है, कोर्ट के आदेश का पालन कराने की बात कही है।