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मुख्तार अंसारी एंबुलेंस मामला: मऊ की डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज, पुलिस ने शुरू की जांच
Fri, 02 Apr 2021 01:48 PM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला नेटवर्क, बाराबंकी
अमर उजाला नेटवर्क, बाराबंकी
Published by: प्राची प्रियम
Updated Fri, 02 Apr 2021 01:48 PM IST
सार
- मऊ की रहने वाली हैं डॉ. अलका राय।
- अस्पताल ने नाम से कोई पंजीकरण नहीं।
- न एंबुलेंस का फिटनेस और न ही इंश्योरेंस कराया गया।
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मुख्तार अंसारी
- फोटो : amar ujala
विस्तार
पंजाब के रोपड़ जेल से पेशी के लिए जाते समय इस्तेमाल की गई एंबुलेंस मामले में मऊ जिले की चिकित्सक डॉक्टर अलका राय के खिलाफ शहर कोतवाली में केस दर्ज किया गया है। यह एंबुलेंस माफिया मुख्तार अंसारी इस्तेमाल कर रहा था। मामला सुर्खियों में आने के बात सक्रिय होने के बाद जब पुलिस प्रशासन ने जांच शुरू की तो जिस पते पर एंबुलेंस का पंजीकरण था वहां और यहां पर संचालित अस्पताल सब फर्जी निकला।
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इसके बाद एआरटीओ प्रशासन पंकज सिंह ने इस मामले में केस दर्ज करने के लिए शहर कोतवाली में तहरीर दी। सीओ सिटी सीमा यादव ने बताया कि एंबुलेंस मामले में मऊ जिले की चिकित्सक डॉ. अलका राय समेत कुछ अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी।
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मालूम हो कि मऊ जिले का रहने वाला माफिया डॉन मुख्तार अंसारी काफी दिनों से पंजाब के रोपड़ जेल में बंद है। प्रदेश सरकार उसे वापस लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक का दरवाजा खटखटा चुकी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मुख्तार को लेने यूपी की पुलिस पंजाब गई थी। वहीं से पेशी पर पहुंचे मुख्तार ने बाराबंकी जिले की पंजीकृत निजी एंबुलेंस (यूपी 41 एटी 7171) का प्रयोग किया था।
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इसकी भनक लगने के बाद सरकारी अमला बाराबंकी में सतर्क हो गया था। गुरुवार को मीडिया में समाचार प्रकाशित होने के बाद हलचल तेज हो गई। एआरटीओ कार्यालय में एंबुलेंस का पता डॉ. अलका राय, 56, श्याम सन अस्पताल, रफीनगर, बाराबंकी के नाम से दर्ज था, जो हकीकत में कई वर्षों से है ही नहीं।
पुलिस ने इस पते पर पहुंचकर जांच की लेकिन कोई भी सुराग हाथ नहीं लगा। पूरे दिन सरकारी अमला गुपचुप तरीके से मुख्तार के इस कनेक्शन की तलाश में जुटा रहा।
उधर, एआरटीओ कार्यालय में इनके कागजात निकालकर छानबीन की गई जिसमें पाया गया कि इसका पंजीकरण 13 दिसंबर 2013 को हुआ था और एक फरवरी 2016 से एंबुलेंस का फिटनेस नहीं है और जनवरी 2017 से इसका इंश्योरेंस भी नहीं कराया गया है।
वहीं एंबुलेंस की मालकिन डॉ. अलका राय मऊ जिले की निवासी बताई गई हैं। 20 जनवरी 2020 को इसका नोटिस एआरटीओ द्वारा डॉ. अलका राय को भेजा गया था। वहीं सीएमओ कार्यालय में इस नाम के किसी भी अस्पताल का पंजीकरण नहीं पाया गया है।