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बूंदी खाकर सौ बीमार
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 04 Aug 2015 10:51 PM IST
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भंडारे की बूंदी खाकर सौ से अधिक लोग बीमार हो गए। मंगलवार सुबह सभी का उल्टी दस्त शुरू हुई तो गांव में कोहराम मच गया। ग्रामीणों ने पूरे मामले की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को देने के साथ ही पीड़ितों को उपचार के लिए निजी चिकित्सकों के यहां भेजा। जानकारी पर स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई और पीड़ितों का उपचार शुरू किया। एक बालिका की हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया है। पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराई जा रही है।
सआदतगंज कस्बे के पास भोहरा खुर्द गांव में बने मां के मंदिर पर सोमवार को प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी भक्तों द्वारा भंडारे का आयोजन किया गया था। भंडारे में पूड़ी सब्जी के अलावा बूंदी का वितरण किया गया। भंडारा देर शाम तक चलता रहा है, लेकिन भंडारे की बूंदी खाकर मंगलवार सुबह चार बजे लोगों की हालत बिगड़ने लगी। महिलाओं, बच्चों और बड़ों को उल्टी दस्त शुरू हो गए। इतनी बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने से गांव में हड़कंप मच गया। परिवारीजन पीड़ितों का उपचार कराने के लिए निजी चिकित्सकों के पास लेकर भागे। उधर पूरे मामले की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दी गई। सीएचसी सआदतगंज संदीप तिवारी के मुताबिक, भंडारे की बूंदी खाने से आरती (11), काजल (10), विजय (11), अजय (5), बिटाना (55), रेनू (25), सुशीला (45), अनुष्का (41), विनोद (37), कल्लू (47) समेत करीब सौ से ज्यादा लोग फूड पायजनिंग के शिकार हुए हैं। वहीं, रिंकी की हालत गंभीर होने पर उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। ग्रामीणों ने बताया कि जानकारी मिलने के कुछ देर बाद सीएचसी रामनगर और सीएचसी सआदतगंज से चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंच गई और पीड़ितों का उपचार शुरू कर दिया।
सीएमओ डॉ.रविंद्र कुमार ने बताया कि सआदतगंज कस्बे के निकट एक गांव में भंडारे का प्रसाद खाने से करीब सौ से अधिक लोग फूड पायजनिंग का शिकार हुए। पीड़ितों का उपचार के लिए एसीएमओ आरएस गौतम के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम को उपचार के लिए भेजा गया था। उपचार के बाद सभी की हालत में सुधार हुआ है।
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चौकी इंचार्ज ने छुपा ली घटना
घटना की जानकारी मौके पर मौजूद पुलिस चौकी इंचार्ज विजय सिंह गौड को हो गई थी, लेकिन इन्होंने इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को देना मुनासिब नहीं समझा। लोगों का कहना है कि यदि चौकी इंचार्ज ने समय से अधिकारियों या फिर स्वास्थ्य विभाग की टीम को सूचना दे दी होती तो पीड़ितों को और समय से उपचार मिल सकता था।
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सआदतगंज कस्बे के पास भोहरा खुर्द गांव में बने मां के मंदिर पर सोमवार को प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी भक्तों द्वारा भंडारे का आयोजन किया गया था। भंडारे में पूड़ी सब्जी के अलावा बूंदी का वितरण किया गया। भंडारा देर शाम तक चलता रहा है, लेकिन भंडारे की बूंदी खाकर मंगलवार सुबह चार बजे लोगों की हालत बिगड़ने लगी। महिलाओं, बच्चों और बड़ों को उल्टी दस्त शुरू हो गए। इतनी बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने से गांव में हड़कंप मच गया। परिवारीजन पीड़ितों का उपचार कराने के लिए निजी चिकित्सकों के पास लेकर भागे। उधर पूरे मामले की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दी गई। सीएचसी सआदतगंज संदीप तिवारी के मुताबिक, भंडारे की बूंदी खाने से आरती (11), काजल (10), विजय (11), अजय (5), बिटाना (55), रेनू (25), सुशीला (45), अनुष्का (41), विनोद (37), कल्लू (47) समेत करीब सौ से ज्यादा लोग फूड पायजनिंग के शिकार हुए हैं। वहीं, रिंकी की हालत गंभीर होने पर उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। ग्रामीणों ने बताया कि जानकारी मिलने के कुछ देर बाद सीएचसी रामनगर और सीएचसी सआदतगंज से चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंच गई और पीड़ितों का उपचार शुरू कर दिया।
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सीएमओ डॉ.रविंद्र कुमार ने बताया कि सआदतगंज कस्बे के निकट एक गांव में भंडारे का प्रसाद खाने से करीब सौ से अधिक लोग फूड पायजनिंग का शिकार हुए। पीड़ितों का उपचार के लिए एसीएमओ आरएस गौतम के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम को उपचार के लिए भेजा गया था। उपचार के बाद सभी की हालत में सुधार हुआ है।
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चौकी इंचार्ज ने छुपा ली घटना
घटना की जानकारी मौके पर मौजूद पुलिस चौकी इंचार्ज विजय सिंह गौड को हो गई थी, लेकिन इन्होंने इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को देना मुनासिब नहीं समझा। लोगों का कहना है कि यदि चौकी इंचार्ज ने समय से अधिकारियों या फिर स्वास्थ्य विभाग की टीम को सूचना दे दी होती तो पीड़ितों को और समय से उपचार मिल सकता था।