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Barabanki News: मयूर मोटल्स, हुंडई एजेंसी व छह स्कूलों पर चलेगा बुलडोजर
Tue, 25 Jun 2024 05:20 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 25 Jun 2024 05:20 AM IST
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बाराबंकी। शहर से गुजरे जमुरिया नाले के किनारे बने अवैध निर्माण ढहाए की कार्रवाई के साथ ही प्रशासन अब रेठ नदी के किनारे हुए अवैध कब्जों पर बुलडोजर चलवाने की तैयारी में जुटा है। एसडीएम की अगुवाई में गठित टीम ने जमुरिया के साथ नगर पालिका क्षेत्र की सीमा से गुजरी रेठ नदी के किनारे बने अवैध निर्माण ढहाने की सूची भी तैयार कर ली है। इसके घेरे में मयूर मोटल्स, हुंडई एजेंसी व छह प्रमुख स्कूलों द्वारा किए गए अवैध निर्माण पर भी बुलडोजर चलाने की तैयारी है।
प्रशासन के अनुसार नापजोख में लखपेड़ाबाग का महारानी प्ले वर्ड एकेडमी, महारानी लक्ष्मी बाई इंटर कॉलेज, श्री साई इंटर कॉलेज, आनंद विहार इंटर कॉलेज, पायनियर डिग्री कॉलेज, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज का आंशिक निर्माण भी अतिक्रमण के घेरे में आया है। इसके बाद ही स्कूल संचालकों को तीन से आठ मीटर तक का हिस्सा जमुरिया नाले की जमीन में बना होने का पता चला है। इससे सभी में हड़कंप है। वहीं, रेठ नदी के किनारे हुए अवैध निर्माण की जांच भी पूरी हो चुकी है।
एसडीएम सदर विजय कुमार त्रिवेदी ने बताया कि टीम द्वारा की गई जांच के दायरे में लखनऊ रोड पर स्थित मयूर विहार कॉलोनी में बना मयूर मोटल्स का तीन मीटर का निर्माण भी नाले की जमीन पर पाया गया है। इसी प्रकार मयूर विहार ओबरी में स्थित हुंडई शोरूम का पांच मीटर, ट्रैक्टर एजेंसी का पांच मीटर तक का निर्माण भी रेठ नदी की जमीन पर पाया गया है। इन पर बुलडोजर चला कर ढहाने की कार्रवाई जल्दी शुरू होगी। एसडीएम ने बताया कि मंगलवार से अतिक्रमण हटाने के अभियान में पोकलैंड व जेसीबी मशीनों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।
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शहर की जलनिकासी को लेकर जमुरिया नाले पर हुए अवैध निर्माण को हटवाने का अभियान सोमवार को कमरियाबाग से घोसियाना पुल के बीच चला। इस दौरान प्रशासनिक टीम पुलिस फोर्स के साथ जेसीबी से अवैध निर्माण ढहाने में मुस्तैद दिखी। हालांकि जेसीबी से आंशिक निर्माण ही ढहाया गया है। प्रशासनिक कार्रवाई से घबराए लोग अब खुद ही अतिक्रमण को तोड़ने में जुटे दिखने लगे हैं। प्रशासनिक टीम द्वारा अब तक नाले की जमीन पर बने कुल 171 अवैध निर्माण चिह्नित किए गए हैं। इनमें से करीब 40 मकान व निर्माण गिराने का कार्य भी हो चुका है। अब घोसियाना के पास ध्वस्तीकरण व सफाई का काम जारी है।
जमुरिया नाले की जमीन पर हुए निर्माण ढहाने के साथ ही इससे प्रभावित लोगों के पुनर्वास के इंतजाम भी प्रशासन मुहैया करा रहा है। इसके तहत ही अब तक विस्थापित हुए 29 लोगों को कांशीराम आवास आवंटित किया गया है। प्रशासन ने 43 लोगों को आवास देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। डूडा की तरफ से पात्रता के आधार पर आवास की चाबी दी जा रही हैं।
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प्रशासन के अनुसार नापजोख में लखपेड़ाबाग का महारानी प्ले वर्ड एकेडमी, महारानी लक्ष्मी बाई इंटर कॉलेज, श्री साई इंटर कॉलेज, आनंद विहार इंटर कॉलेज, पायनियर डिग्री कॉलेज, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज का आंशिक निर्माण भी अतिक्रमण के घेरे में आया है। इसके बाद ही स्कूल संचालकों को तीन से आठ मीटर तक का हिस्सा जमुरिया नाले की जमीन में बना होने का पता चला है। इससे सभी में हड़कंप है। वहीं, रेठ नदी के किनारे हुए अवैध निर्माण की जांच भी पूरी हो चुकी है।
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एसडीएम सदर विजय कुमार त्रिवेदी ने बताया कि टीम द्वारा की गई जांच के दायरे में लखनऊ रोड पर स्थित मयूर विहार कॉलोनी में बना मयूर मोटल्स का तीन मीटर का निर्माण भी नाले की जमीन पर पाया गया है। इसी प्रकार मयूर विहार ओबरी में स्थित हुंडई शोरूम का पांच मीटर, ट्रैक्टर एजेंसी का पांच मीटर तक का निर्माण भी रेठ नदी की जमीन पर पाया गया है। इन पर बुलडोजर चला कर ढहाने की कार्रवाई जल्दी शुरू होगी। एसडीएम ने बताया कि मंगलवार से अतिक्रमण हटाने के अभियान में पोकलैंड व जेसीबी मशीनों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।
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शहर की जलनिकासी को लेकर जमुरिया नाले पर हुए अवैध निर्माण को हटवाने का अभियान सोमवार को कमरियाबाग से घोसियाना पुल के बीच चला। इस दौरान प्रशासनिक टीम पुलिस फोर्स के साथ जेसीबी से अवैध निर्माण ढहाने में मुस्तैद दिखी। हालांकि जेसीबी से आंशिक निर्माण ही ढहाया गया है। प्रशासनिक कार्रवाई से घबराए लोग अब खुद ही अतिक्रमण को तोड़ने में जुटे दिखने लगे हैं। प्रशासनिक टीम द्वारा अब तक नाले की जमीन पर बने कुल 171 अवैध निर्माण चिह्नित किए गए हैं। इनमें से करीब 40 मकान व निर्माण गिराने का कार्य भी हो चुका है। अब घोसियाना के पास ध्वस्तीकरण व सफाई का काम जारी है।
जमुरिया नाले की जमीन पर हुए निर्माण ढहाने के साथ ही इससे प्रभावित लोगों के पुनर्वास के इंतजाम भी प्रशासन मुहैया करा रहा है। इसके तहत ही अब तक विस्थापित हुए 29 लोगों को कांशीराम आवास आवंटित किया गया है। प्रशासन ने 43 लोगों को आवास देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। डूडा की तरफ से पात्रता के आधार पर आवास की चाबी दी जा रही हैं।