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नाले पर बना वाटर ब्रिज धंसा
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सिरौलीगौसपुर (बाराबंकी)। क्षेत्र के संपर्क मार्ग कटका से तवक्लपुर नाले पर बने मार्ग पर पाइप युक्त वाटर ब्रिज की छत टूटकर कई स्थानों पर धंस गई है। इससे लोगों को आवागमन में दिक्कतें आ रही है। वहीं बाढ़ खंड द्वारा मशीन से की जा रही नाले की खुदाई में जमकर अनियमितताएं बरती जा रही हैं।
संपर्क मार्ग कटका वाया तवक्कलपुर नाले पर बाढ़ खंड द्वारा करीब 15 वर्ष पूर्व दो दर्जन पाइप डालकर वाटर ब्रिज का निर्माण किया गया था। इसमें मानक के अनुसार छत की ढलाई न किए जाने के चलते छत जगह-जगह से टूटकर धंस गई है। इस पर बाढ़ खंड ने मात्र मिट्टी डालकर अपना पल्लू झाड़ लिया है। जबकि इसी रास्ते से विद्यालय जाने वाले छात्र-छात्राओं, राहगीरों तथा किसानों को अपने खेतों तक ट्रॉली ट्रैक्टर व अन्य कृषि यंत्रों को लाने ले जाने में परेशानी आ रही हैं।
वहीं विभाग द्वारा नाले की खुदाई में जमकर अनियमितताएं बरती गई हैं। आलम यह है कि नाले की खोदी गई मिट्टी मशीन से पटरी तक न पहुंचाकर अंदर नाले में ही डाल दी गई है। इससे नाले का स्वरूप संकरा हो गया है। इन दोनों कार्यों में मानक का ध्यान नहीं रखने से आसपास के ग्रामीणों में रोष भी व्यक्त किया जा रहा है। संवाद
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संपर्क मार्ग कटका वाया तवक्कलपुर नाले पर बाढ़ खंड द्वारा करीब 15 वर्ष पूर्व दो दर्जन पाइप डालकर वाटर ब्रिज का निर्माण किया गया था। इसमें मानक के अनुसार छत की ढलाई न किए जाने के चलते छत जगह-जगह से टूटकर धंस गई है। इस पर बाढ़ खंड ने मात्र मिट्टी डालकर अपना पल्लू झाड़ लिया है। जबकि इसी रास्ते से विद्यालय जाने वाले छात्र-छात्राओं, राहगीरों तथा किसानों को अपने खेतों तक ट्रॉली ट्रैक्टर व अन्य कृषि यंत्रों को लाने ले जाने में परेशानी आ रही हैं।
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वहीं विभाग द्वारा नाले की खुदाई में जमकर अनियमितताएं बरती गई हैं। आलम यह है कि नाले की खोदी गई मिट्टी मशीन से पटरी तक न पहुंचाकर अंदर नाले में ही डाल दी गई है। इससे नाले का स्वरूप संकरा हो गया है। इन दोनों कार्यों में मानक का ध्यान नहीं रखने से आसपास के ग्रामीणों में रोष भी व्यक्त किया जा रहा है। संवाद
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