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कठुआ कैंप में खूनी संघर्ष : सीआईएसएफ के आरोपी जवान पर हत्या की एफआईआर दर्ज, गिरफ्तारी के साथ राइफल भी जब्त
Thu, 01 Oct 2026 01:02 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, कठुआ
अमर उजाला नेटवर्क, कठुआ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 01 Oct 2026 01:02 AM IST
सार
बेहद संवेदनशील मामले को गंभीरता से लेते हुए सीआईएसएफ ने उच्च स्तरीय विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं।
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प्रतीक चित्र
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले अंतर्गत बसोहली स्थित सेवा-दो जलविद्युत परियोजना स्थित सीआईएसएफ कैंप के अंदर हुए दर्दनाक खूनी संघर्ष के बाद बल के महानिदेशक प्रवीर रंजन बुधवार को माैके पर पहुंचे। उन्होंने घटना स्थल पर पहुंचकर जमीनी स्थिति का बारीकी से आकलन किया। इस बेहद संवेदनशील मामले को गंभीरता से लेते हुए सीआईएसएफ ने उच्च स्तरीय विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं।
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बुधवार को ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) बसोहली के नेतृत्व में गठित डॉक्टरों की विशेष मेडिकल टीम ने एनएचपीसी अस्पताल समलेउ में सभी शवों का पोस्टमार्टम किया। शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। पुलिस ने आरोपी हेड कांस्टेबल के विरुद्ध बीएनएस की धारा 103(1) यानी हत्या के अपराध के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
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मंगलवार शाम करीब 7 बजे की घटना में सहायक कमांडेंट समेत सीआईएसएफ के चार जवानों की जान चली गई थी। मृतकों में अंकित कुमार उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के उदिया गांव के, लक्ष्मण सिंह हिमाचल प्रदेश के सोलन व संजीव जम्मू-कश्मीर के अखनूर एवं रफीक डोडा जिले के गंदोह (भलेसा) तहसील के कंडालो गांव के रहने वाले थे। आरोपी हेड कांस्टेबल अवधेश कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। वारदात में इस्तेमाल की गई सरकारी एके-47 राइफल जब्त कर ली गई है।
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सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक जांच में घटना के पीछे बच्चे को ड्यूटी स्थल पर लाने से जुड़ा पारिवारिक व प्रशासनिक विवाद सामने आया है। वर्ष 2009 बैच के हेड कांस्टेबल अवधेश की पत्नी इसी परियोजना में सीआईएसएफ में लेडी हेड कांस्टेबल हैं। दोनों की अलग-अलग शिफ्ट में ड्यूटी होने के कारण वे बच्चे को एक-दूसरे को सौंपने के लिए कभी-कभार परियोजना स्थल पर ले आते थे। यूनिट प्रशासन ने सुरक्षा नियमों के तहत बच्चे को क्वार्टर गार्ड अथवा कार्यक्षेत्र में लाने से सख्त मना किया गया था। इसको लेकर पूर्व में भी तनाव था।
सूत्राें के अनुसार मंगलवार को इसी बात पर हुई तीखी कहासुनी के बाद आरोपी ने कार्यालय क्षेत्र में मौजूद अधिकारियों और जवानों पर सर्विस हथियार से गोलियां दाग दीं। हालांकि, इसे लेकर सीआईएसएफ के अधिकारियों की ओर से फिलहाल कुछ भी साझा नहीं किया गया है। देर रात करीब एक बजे सीआईएसएफ जम्मू डिवीजन के डीआईजी एमके यादव और बसोहली के एसडीपीओ ओपी प्रकाश भी मौके पर पहुंच गए थे।
परिवार के सदस्यों से मिले
बुधवार सुबह सीआईएसएफ के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने कठुआ की एसएसपी मोहिता शर्मा और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ माश्का में घटनास्थल का मुआयना किया। उन्होंने घटनाक्रम, साक्ष्यों और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की। इसके बाद अस्पताल में पीड़ित परिवारों से मिलकर ढांढस बंधाया और सभी लाभ व हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।
- अस्पताल परिसर में अंतिम सम्मान व श्रद्धांजलि दिए जाने के बाद सभी के पार्थिव शरीर परिजनों को सौंप दिए गए। सुरक्षा एजेंसियों ने आरोपी जवान की पत्नी की सुरक्षा बढ़ा दी है क्योंकि वह भी इसी प्रोजेक्ट पर तैनात हैं।