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Barabanki News: नेताओं की रार बनी भाजपा की हार
Mon, 15 May 2023 12:59 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Mon, 15 May 2023 12:59 AM IST
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- अंतर्कलह के घाव नहीं भर सका मान-मनौव्वल का मलहम, झेला खामियाजा
बाराबंकी। टिकट वितरण में केवल चहेतों की पैरवी, नेताओं की आपसी तकरार, एक दूसरे को नीचा दिखाने की कोशिश और जमकर हुई भितरघात ने भाजपा को निकाय चुनाव में आइना दिखा दिया है। पिछली बार तो तीन सीटें थी मगर इस बार नगर पालिका भी हाथ से चली गई। यह अंतर्कलह व नेताओं की रार मतगणना के बाद खुलकर सामने आ चुकी है। जिन दो नगर पंचायतों में कार्यकर्ता व नेता एकजुट रहे वहां भाजपा की नैया बड़ी आसानी से पार हुई।
नगर पालिका नवाबगंज में अध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ने के लिए आधा दर्जन लोगों ने प्रमुखता से दावेदारी की थी। टिकट फाइनल होने के बाद अंतर्कलह ऐसी हुई कि प्रदेेश नेतृत्व को हस्तक्षेप करना पड़ान। तीन दिन तक मंत्री, सांसद, जिला प्रभारी व अन्य नेता असंतुष्ट दावेदारों को मनाने में लगे रहे। घर तक गए। आठ मई को मुख्यमंत्री की जनसभा से पहले डैमेज कंट्रोल का प्रयास तो हुआ मगर अंतर्कलह चलती रही। इस रार के कारण असंतुष्ट नेता चुनाव प्रचार करने भी कम ही निकले। नेताओं ने साफ कह दिया था कि जब उन्हें अयोग्य समझा गया तो टिकट किस से मुंह से मांगने जाये। हैदरगढ़ में भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ पार्टी के ही चार बागी चुनाव लड़ गए। इन बागियों को पूर्व सांसद से लेकर माननीयों तक ने हवा दी। नतीजा प्रत्याशी पूजा दीक्षित हार गई। सुुबेहा में तो भाजपा नेताओं की रार टिकट वितरण के बाद ही खुलकर सामने आई। सुबेहा में अपने दावेदार का टिकट कटने के आहत भाजपा पदाधिकारी रणवीर सिंह प्रदेश अध्यक्ष के सामने रो पड़े। इस रार को समाप्त करने के लिए खूब मान मनौव्वल हुई मगर परिणाम पक्ष में नहीं आया। रामसनेहीघाट में चार लोग भाजपा से टिकट मांग रहे थे। काफी जोर आजमाइश के बाद जवाहर वर्मा की पत्नी कुसुमलता वर्मा को टिकट मिला। पार्टी का एक गुट इनका विरोध कर रहा था। आखिरकार निचले स्तर के नेता व कार्यकर्ता बंट गए। विधानसभा में भाजपा को बंपर वोट करने वालों ने निर्दलीय ज्ञान प्रकाश यादव का साथ पकड़ लिया और जीत भी दिला दी। रामनगर में तो भाजपा को पार्टी को प्रत्याशी ही नहीं मिल रहा था। अंतिम समय में पूर्व चेयरमैन बद्री विशाल को टिकट देने के बाद टिकट कटने से नाराज कई नेता व तमाम जमीनी कार्यकर्ता बागी हुए रामशरण पाठक के पक्ष में चले गए। नतीजा छह वोटों से भाजपा प्रत्याशी हार गए। बेलहरा में पार्टी के खिलाफ बागी होकर पत्नी का नामांकन कराने वाले सुनील सोनी से नामांकन वापस करवाया गया। विधायक साकेंद्र वर्मा की अथक कोशिशों के बाद भी रार नहीं थमी। बंकी में भाजपा प्रत्याशी से पांच गुना ज्यादा वोट निर्दलीय अर्चना को मिले। सतरिख व बंकी में भाजपा कार्यकर्ता दो गुटों में बंटे नजर आए। लेकिन सिद्घौर व टिकैतनगर में भाजपा के कार्यकर्ता एकजुट दिखे तो दोनों जगह इतिहास रच गया। टिकैतनगर में जगदीश गुप्ता दोबारा अध्यक्ष बने तो सिद्घौर में पहली बार भाजपा की रंपता देवी चुनाव जीत गई। (संवाद)
62 दावेदार, 14 को टिकट, पांच को मिली थी नोटिस
रामनगर, जैदपुर, सिद्घौर व टिकैतनगर को छोड़कर बाकी 10 निकायों में अध्यक्ष पद के लिए करीब 62 लोगों ने टिकट के लिए दावेदारी की थी। नगर पालिका नवाबगंज, हैदरगढ़, बेलहरा, सुबेहा, रामसनेहीघाट में खूब जोर आजमाइश हुई। टिकट तो 14 लोगों को ही मिला मगर बाकी करीब 48 दावेदारों को मनाया गया। पांच को तो अनसुशासन हीनता के आरोप में नोटिस जारी की गई।
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वर्जन-
आरोप प्रत्यारोप पर कोई टिप्पणी नहीं करुंगा। पार्टी नेतृत्व के सामने पूरी बात रखी जाएगी। एक एक बिंदु की समीक्षा होगी।
- शशांक कुसमेश, जिलाध्यक्ष भाजपा
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बाराबंकी। टिकट वितरण में केवल चहेतों की पैरवी, नेताओं की आपसी तकरार, एक दूसरे को नीचा दिखाने की कोशिश और जमकर हुई भितरघात ने भाजपा को निकाय चुनाव में आइना दिखा दिया है। पिछली बार तो तीन सीटें थी मगर इस बार नगर पालिका भी हाथ से चली गई। यह अंतर्कलह व नेताओं की रार मतगणना के बाद खुलकर सामने आ चुकी है। जिन दो नगर पंचायतों में कार्यकर्ता व नेता एकजुट रहे वहां भाजपा की नैया बड़ी आसानी से पार हुई।
नगर पालिका नवाबगंज में अध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ने के लिए आधा दर्जन लोगों ने प्रमुखता से दावेदारी की थी। टिकट फाइनल होने के बाद अंतर्कलह ऐसी हुई कि प्रदेेश नेतृत्व को हस्तक्षेप करना पड़ान। तीन दिन तक मंत्री, सांसद, जिला प्रभारी व अन्य नेता असंतुष्ट दावेदारों को मनाने में लगे रहे। घर तक गए। आठ मई को मुख्यमंत्री की जनसभा से पहले डैमेज कंट्रोल का प्रयास तो हुआ मगर अंतर्कलह चलती रही। इस रार के कारण असंतुष्ट नेता चुनाव प्रचार करने भी कम ही निकले। नेताओं ने साफ कह दिया था कि जब उन्हें अयोग्य समझा गया तो टिकट किस से मुंह से मांगने जाये। हैदरगढ़ में भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ पार्टी के ही चार बागी चुनाव लड़ गए। इन बागियों को पूर्व सांसद से लेकर माननीयों तक ने हवा दी। नतीजा प्रत्याशी पूजा दीक्षित हार गई। सुुबेहा में तो भाजपा नेताओं की रार टिकट वितरण के बाद ही खुलकर सामने आई। सुबेहा में अपने दावेदार का टिकट कटने के आहत भाजपा पदाधिकारी रणवीर सिंह प्रदेश अध्यक्ष के सामने रो पड़े। इस रार को समाप्त करने के लिए खूब मान मनौव्वल हुई मगर परिणाम पक्ष में नहीं आया। रामसनेहीघाट में चार लोग भाजपा से टिकट मांग रहे थे। काफी जोर आजमाइश के बाद जवाहर वर्मा की पत्नी कुसुमलता वर्मा को टिकट मिला। पार्टी का एक गुट इनका विरोध कर रहा था। आखिरकार निचले स्तर के नेता व कार्यकर्ता बंट गए। विधानसभा में भाजपा को बंपर वोट करने वालों ने निर्दलीय ज्ञान प्रकाश यादव का साथ पकड़ लिया और जीत भी दिला दी। रामनगर में तो भाजपा को पार्टी को प्रत्याशी ही नहीं मिल रहा था। अंतिम समय में पूर्व चेयरमैन बद्री विशाल को टिकट देने के बाद टिकट कटने से नाराज कई नेता व तमाम जमीनी कार्यकर्ता बागी हुए रामशरण पाठक के पक्ष में चले गए। नतीजा छह वोटों से भाजपा प्रत्याशी हार गए। बेलहरा में पार्टी के खिलाफ बागी होकर पत्नी का नामांकन कराने वाले सुनील सोनी से नामांकन वापस करवाया गया। विधायक साकेंद्र वर्मा की अथक कोशिशों के बाद भी रार नहीं थमी। बंकी में भाजपा प्रत्याशी से पांच गुना ज्यादा वोट निर्दलीय अर्चना को मिले। सतरिख व बंकी में भाजपा कार्यकर्ता दो गुटों में बंटे नजर आए। लेकिन सिद्घौर व टिकैतनगर में भाजपा के कार्यकर्ता एकजुट दिखे तो दोनों जगह इतिहास रच गया। टिकैतनगर में जगदीश गुप्ता दोबारा अध्यक्ष बने तो सिद्घौर में पहली बार भाजपा की रंपता देवी चुनाव जीत गई। (संवाद)
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62 दावेदार, 14 को टिकट, पांच को मिली थी नोटिस
रामनगर, जैदपुर, सिद्घौर व टिकैतनगर को छोड़कर बाकी 10 निकायों में अध्यक्ष पद के लिए करीब 62 लोगों ने टिकट के लिए दावेदारी की थी। नगर पालिका नवाबगंज, हैदरगढ़, बेलहरा, सुबेहा, रामसनेहीघाट में खूब जोर आजमाइश हुई। टिकट तो 14 लोगों को ही मिला मगर बाकी करीब 48 दावेदारों को मनाया गया। पांच को तो अनसुशासन हीनता के आरोप में नोटिस जारी की गई।
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आरोप प्रत्यारोप पर कोई टिप्पणी नहीं करुंगा। पार्टी नेतृत्व के सामने पूरी बात रखी जाएगी। एक एक बिंदु की समीक्षा होगी।
- शशांक कुसमेश, जिलाध्यक्ष भाजपा