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Barabanki News: भाजपाई एक-दूसरे पर फोड़ रहे हार का ठीकरा
Wed, 17 May 2023 01:02 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Wed, 17 May 2023 01:02 AM IST
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बाराबंकी। अनुशासन के लिए अपनी अलग पहचान रखने वाली भाजपा में अनुशासन ही तार-तार दिख रहा है। निकाय चुनाव में टिकट से लेकर शुरू हुई गुटबाजी परिणाम आने के बाद खुलकर सामने आने लगी है। पराजित प्रत्याशियों को मोहरा बनाकर उनके बयान और चिट्ठियों से एक-दूसरे को घेरने की कवायद तेज हो गई है। संगठन और सरकार में शामिल पार्टी के दिग्गजों की लापरवाही के कारण ही पार्टी के दो बागी चुनाव जीत गए। हालांकि देर सबेर उन्हें पार्टी में आना तय माना जा रहा है। पर इस समय जिस तरह खेल-खेला जा रहा है उसमें एक दूसरे से खुन्नस निकालने के लिए पार्टी के लिए रीति-नीति के खिलाफ आचरण सोशल मीडिया और जारी चिट्ठियों में साफ सुना और पढ़ा जा सकता है।
बाराबंकी के निकाय चुनाव परिणाम में नगरपालिका की हार के बाद आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गया है। टिकट को लेकर दावेदारों पर ठीकरा फोड़ते हुए भाजपा प्रत्याशी के पति पूर्व चेयरमैन रंजीत बहादुर श्रीवास्तव सोशल मीडिया और प्रत्याशी पत्र भेजकर जिस तरह आरोप लगा रहे हैं पार्टी में ऐसी घटनाएं बहुत कम हुई हैं। यही नही पंचायतों में हार को लेकर भी एक दूसरे के खिलाफ साजिश अब खुलकर सामने दिखने लगी है। हैदरगढ़ और रामनगर नगर पंचायत में चार और छह के मामूली मतों से भाजपा जिनसे हारी वह भी पार्टी के बागी उम्मीदवार थे। यहां पर भी हार के पीछे भी गुटबाजी और कुछ बड़े नेताओं की बदजुबानी को माना जा रहा है। जिले के तीन विधायक उनमें एक मंत्री के क्षेत्र में वोट प्रतिशत तो बढ़े पर एक सीट कम हो गई। किंतु दो बागी जीत गए अगर गुणा-भाग किया जाए तो नगरपालिका की हार को छोड़कर पार्टी ने पांच प्रतिशत से अधिक वोटों का इजाफा हुआ है।
फिर भी इस चुनाव में जिस तरह शुरूआती दौर से ही अपने चहेतों को टिकट दिलाना या जिस नेता से नही पटती है, उसके चहेतों का विरोध करना मुख्य कारण बना। शहर में भाजपा जिलाध्यक्ष,खाद्य एवं रसद मंत्री सतीश चंद्र शर्मा,जिला प्रभारी के साथ क्षेत्रीय अध्यक्ष टिकट मांगने वालों के घर-घर गए वो माने भी प्रचार में शामिल हुए और पीछे से क्या किया यह कहना जल्दबाजी होगी। क्यो कि हार की समीक्षा सिर्फ कुछ लोगों के सिर फोड़ देने से नही हो जाती।
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शहर में पार्टी के नीति निर्धारक माने जाने वाले माननीय और पार्टी के जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग अपना वार्ड और बूथ तक पार्टी को नहीं जिता पाए। किंतु हार के बाद जिस तरह अनुशासनहीनता पार्टी में दिख रही है। उससे सिर्फ यही कहा जा सकता है कि हार से पस्त भाजपाई अपनी साख बचाने के लिए दूसरों पर ठीकरा फोड़कर बचना चाहते हैं। रणनीति कुछ भी हो किंतु जिस राजनीतिक दल का इतिहास अनुशासन के रूप में जाना जाता था वह बयानवीरों के आगे तार-तार होता नजर आ रहा है।
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बाराबंकी के निकाय चुनाव परिणाम में नगरपालिका की हार के बाद आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गया है। टिकट को लेकर दावेदारों पर ठीकरा फोड़ते हुए भाजपा प्रत्याशी के पति पूर्व चेयरमैन रंजीत बहादुर श्रीवास्तव सोशल मीडिया और प्रत्याशी पत्र भेजकर जिस तरह आरोप लगा रहे हैं पार्टी में ऐसी घटनाएं बहुत कम हुई हैं। यही नही पंचायतों में हार को लेकर भी एक दूसरे के खिलाफ साजिश अब खुलकर सामने दिखने लगी है। हैदरगढ़ और रामनगर नगर पंचायत में चार और छह के मामूली मतों से भाजपा जिनसे हारी वह भी पार्टी के बागी उम्मीदवार थे। यहां पर भी हार के पीछे भी गुटबाजी और कुछ बड़े नेताओं की बदजुबानी को माना जा रहा है। जिले के तीन विधायक उनमें एक मंत्री के क्षेत्र में वोट प्रतिशत तो बढ़े पर एक सीट कम हो गई। किंतु दो बागी जीत गए अगर गुणा-भाग किया जाए तो नगरपालिका की हार को छोड़कर पार्टी ने पांच प्रतिशत से अधिक वोटों का इजाफा हुआ है।
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फिर भी इस चुनाव में जिस तरह शुरूआती दौर से ही अपने चहेतों को टिकट दिलाना या जिस नेता से नही पटती है, उसके चहेतों का विरोध करना मुख्य कारण बना। शहर में भाजपा जिलाध्यक्ष,खाद्य एवं रसद मंत्री सतीश चंद्र शर्मा,जिला प्रभारी के साथ क्षेत्रीय अध्यक्ष टिकट मांगने वालों के घर-घर गए वो माने भी प्रचार में शामिल हुए और पीछे से क्या किया यह कहना जल्दबाजी होगी। क्यो कि हार की समीक्षा सिर्फ कुछ लोगों के सिर फोड़ देने से नही हो जाती।
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शहर में पार्टी के नीति निर्धारक माने जाने वाले माननीय और पार्टी के जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग अपना वार्ड और बूथ तक पार्टी को नहीं जिता पाए। किंतु हार के बाद जिस तरह अनुशासनहीनता पार्टी में दिख रही है। उससे सिर्फ यही कहा जा सकता है कि हार से पस्त भाजपाई अपनी साख बचाने के लिए दूसरों पर ठीकरा फोड़कर बचना चाहते हैं। रणनीति कुछ भी हो किंतु जिस राजनीतिक दल का इतिहास अनुशासन के रूप में जाना जाता था वह बयानवीरों के आगे तार-तार होता नजर आ रहा है।