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खूबसूरती की छटा बिखेरेंगे शहर के चौराहे
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Thu, 23 Mar 2017 11:54 PM IST
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चौराहों का होगा सौंदर्यीकरण
- फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश की राजधानी से सटे शहर बाराबंकी को उसकी संस्कृति और खूबसूरती से पहचान कराने के लिए शहर के पांच चौराहों को जगमगाने के लिए जिलाधिकारी डॉ. रोशन जैकब का ड्रीम प्रोजेक्ट तैयार हो गया है। आर्किटेक्ट की तैयार डिजाइन पर मुहर लग गई है। करीब 90 लाख की लागत से चौराहों का सौंदर्यीकरण होगा।
शहर के छाया चौराहा, लायंस क्लब, रेलवे स्टेशन चौराहा, पटेल तिराहा व रामनगर तिराहे को खूबसूरत और शहर की पहचान देने के लिए सौंदर्यीकरण का एक प्रोजेक्ट तैयार किया गया। इस प्रोजेक्ट में करीब 90 लाख का खर्च आना है।
इसका इस्टीमेट पीडब्लूडी विभाग ने बना लिया है। मशहूर आर्किटेक्ट संजीव गुप्ता बताते हैं कि डिजाइन बन कर तैयार हो गई है। चौराहों की खूबसूरती के लिए गोल पत्थर का प्रयोग किया जाएगा। स्टैंडर्ड स्टील, ग्रेनाइट से तैयार चौराहों पर सोलर पैनल और एलईडी लाइट लगाई जाएंगी।
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इसके तैयार होने के बाद मेंटीनेंस पर कोई खर्च नही आएगा। धुलाई और सफाई करते ही चमक उठेंगे। उन्होंने बताया कि सुंदरीकरण के लिए 18 डिजाइन तैयार किए थे जिनमें सर्वोत्तम पांच का चुनाव जिलाधिकारी द्वारा किया गया है।
बाराबंकी की सभ्यता व सभी धर्मो को आत्मसात करने के प्रतीकों को ध्यान में रखकर डिजाइन को मूर्तरूप दिया गया है। एडीएम अनिल सिंह ने बताया कि शहर में जहां बाहर से लोगों का आना-जाना रहता है। ऐसे प्रमुख चौराहों को सुंदर और संदेश देने वाला बनाने के लिए डीएम के निर्देशन में जल्द ही अंतिम रूप दे दिया जाएगा। यातायात प्रभावित न हो सिर्फ इसी बिंदु पर पीडब्लूडी की रिपोर्ट आनी है।
रेलवे स्टेशन के निकट शहर कलेक्ट्रेट व रोडवेज बस अड्डे को जोड़ने वाले चौराहे के सौंदर्यीकरण की जो डिजाइन तैयार की गई है वह बाराबंकी की जो रब है वही राम है, की सभ्यता का उदाहरण पेश करती है।
पटेल तिराहा लखनऊ-फैजाबाद, बहराइच, गोंडा से लेकर देवा मजार की तरफ जाने का प्रमुख तिराहा है। यहां लगी पटेल की मूर्ति को यथावत रखने के साथ ही उसकी खूबसूरती के लिए एक डिजाइन बनाकर रोशनी से जगमगाने की तैयारी को अंतिम रूप दे दिया गया है।
लायन्स क्लब चौराहा पुलिस लाइंस के पास स्थित है यह चौराहा शहर, रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस अड्डा होते हुए लखनऊ जाने वाले मार्ग को जोड़ता है। यहां तैयार किया जा रहा प्रतीक हमें यह संदेश देता है कि वैज्ञानिकों के अथक प्रयास के बावजूद हमें ढूंढ़ा नहीं जा सका है। हमें इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी की आवश्यकता है।
शहर का सबसे प्रमुख व मशहूर छाया चौराहे की डिजाइन हमें शांति और ऊंचाइयों को छूने की प्रेरणा देगा। जो हम सभी के लिए एक विकसित और शांतिपूर्ण सभ्यता का द्योतक है।
शहर का प्रवेश द्वारा कहा जाने वाला यह तिराहा पूर्वांचल को जोड़ने के साथ ही नेपाल तक आने-जाने वालों को जोड़ता है। लोधेश्वर महादेवा और अयोध्या आने-जाने वाले पर्यटकों को मिलन केंद्र कहा जाता है। यहां की तैयार की गई डिजाइन प्राकृतिक संपदा के साथ विज्ञान और प्रौद्योगिकी का समन्वय है। जो मानव समाज को जागृत करने और हमारे वजूद को नष्ट होने से बचाने व जागरूक रहने का संदेश देता है।
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शहर के छाया चौराहा, लायंस क्लब, रेलवे स्टेशन चौराहा, पटेल तिराहा व रामनगर तिराहे को खूबसूरत और शहर की पहचान देने के लिए सौंदर्यीकरण का एक प्रोजेक्ट तैयार किया गया। इस प्रोजेक्ट में करीब 90 लाख का खर्च आना है।
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इसका इस्टीमेट पीडब्लूडी विभाग ने बना लिया है। मशहूर आर्किटेक्ट संजीव गुप्ता बताते हैं कि डिजाइन बन कर तैयार हो गई है। चौराहों की खूबसूरती के लिए गोल पत्थर का प्रयोग किया जाएगा। स्टैंडर्ड स्टील, ग्रेनाइट से तैयार चौराहों पर सोलर पैनल और एलईडी लाइट लगाई जाएंगी।
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इसके तैयार होने के बाद मेंटीनेंस पर कोई खर्च नही आएगा। धुलाई और सफाई करते ही चमक उठेंगे। उन्होंने बताया कि सुंदरीकरण के लिए 18 डिजाइन तैयार किए थे जिनमें सर्वोत्तम पांच का चुनाव जिलाधिकारी द्वारा किया गया है।
बाराबंकी की सभ्यता व सभी धर्मो को आत्मसात करने के प्रतीकों को ध्यान में रखकर डिजाइन को मूर्तरूप दिया गया है। एडीएम अनिल सिंह ने बताया कि शहर में जहां बाहर से लोगों का आना-जाना रहता है। ऐसे प्रमुख चौराहों को सुंदर और संदेश देने वाला बनाने के लिए डीएम के निर्देशन में जल्द ही अंतिम रूप दे दिया जाएगा। यातायात प्रभावित न हो सिर्फ इसी बिंदु पर पीडब्लूडी की रिपोर्ट आनी है।
रेलवे स्टेशन के निकट शहर कलेक्ट्रेट व रोडवेज बस अड्डे को जोड़ने वाले चौराहे के सौंदर्यीकरण की जो डिजाइन तैयार की गई है वह बाराबंकी की जो रब है वही राम है, की सभ्यता का उदाहरण पेश करती है।
पटेल तिराहा लखनऊ-फैजाबाद, बहराइच, गोंडा से लेकर देवा मजार की तरफ जाने का प्रमुख तिराहा है। यहां लगी पटेल की मूर्ति को यथावत रखने के साथ ही उसकी खूबसूरती के लिए एक डिजाइन बनाकर रोशनी से जगमगाने की तैयारी को अंतिम रूप दे दिया गया है।
लायन्स क्लब चौराहा पुलिस लाइंस के पास स्थित है यह चौराहा शहर, रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस अड्डा होते हुए लखनऊ जाने वाले मार्ग को जोड़ता है। यहां तैयार किया जा रहा प्रतीक हमें यह संदेश देता है कि वैज्ञानिकों के अथक प्रयास के बावजूद हमें ढूंढ़ा नहीं जा सका है। हमें इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी की आवश्यकता है।
शहर का सबसे प्रमुख व मशहूर छाया चौराहे की डिजाइन हमें शांति और ऊंचाइयों को छूने की प्रेरणा देगा। जो हम सभी के लिए एक विकसित और शांतिपूर्ण सभ्यता का द्योतक है।
शहर का प्रवेश द्वारा कहा जाने वाला यह तिराहा पूर्वांचल को जोड़ने के साथ ही नेपाल तक आने-जाने वालों को जोड़ता है। लोधेश्वर महादेवा और अयोध्या आने-जाने वाले पर्यटकों को मिलन केंद्र कहा जाता है। यहां की तैयार की गई डिजाइन प्राकृतिक संपदा के साथ विज्ञान और प्रौद्योगिकी का समन्वय है। जो मानव समाज को जागृत करने और हमारे वजूद को नष्ट होने से बचाने व जागरूक रहने का संदेश देता है।