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Barabanki News: इंफ्लूएंजा से बचाव के लिए बरतें सतर्कता, पहनें मास्क
Mon, 13 Mar 2023 01:16 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Mon, 13 Mar 2023 01:16 AM IST
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बाराबंकी। कोरोना के बाद इंफ्लूएंजा संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इससे ग्रसित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इससे बचाव का सबसे आसान तरीका सतर्कता है। यदि कोई व्यक्ति इस संक्रमण की चपेट में है तो उससे दूरी बनाए रहें और घर से बाहर निकलें तो मास्क का प्रयोग जरूर करें। यदि भीड़भाड़ वाले इलाके में जाएं तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन अवश्य करें।
मौसम में आए बदलाव के चलते इंफ्लूएंजा (एच3एन2) संक्रमण के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। मौजूदा समय में अस्पतालों सबसे ज्यादा मरीज इसी रोग सर्दी, जुकाम, बुखार और खासी से पीड़ित आ रहे हैं। यदि कोई व्यक्ति इस रोग से पीड़ित है और किसी के सामने छींकता या खांसता है तो सामने वाला भी संक्रमण की चपेट में आ सकता है। जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी तक इस रोग के मरीजों की संख्या बढ़ी है।
सीएचसी पर तैनात चिकित्सकों का कहना है कि पहले सर्दी, जुकाम, बुखार और खासी के औसतन 50 से 60 मरीज रोज आते थे, वहीं अब इनकी संख्या 100 से 120 तक पहुंच गई है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी एसीएमओ डॉ. राजीव सिंह बताते हैं कि मौसम में बदलाव के साथ सर्दी, जुकाम, बुखार और खासी के मरीजों की संख्या बढ़ती है। लेकिन मौजूदा समय में इंफ्लूएंजा (एच3एन2) लोगों में तेजी से फैल रहा है। इससे बचाव के लिए मास्क पहनें, यदि कोई रोग से ग्रसित है तो दूरी बनाकर रखें और भीड़भाड़ वाले इलाके में जाएं तो सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी तरह से पालन करें।
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इंफ्लूएंजा (एच3एन2) एक नए प्रकार का वैरिएंट है, लेकिन यह कोरोना की तरह घातक नहीं है, इसलिए इससे परेशान होने की जरूरत नहीं है। अस्पतालों में इस रोग से निपटने की सभी दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। यदि रोग से ग्रसित हैं तो चिकित्सक की सलाह लें और बताए गए नियमों का पालन करें।
अवधेश कुमार यादव, सीएमओ
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मौसम में आए बदलाव के चलते इंफ्लूएंजा (एच3एन2) संक्रमण के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। मौजूदा समय में अस्पतालों सबसे ज्यादा मरीज इसी रोग सर्दी, जुकाम, बुखार और खासी से पीड़ित आ रहे हैं। यदि कोई व्यक्ति इस रोग से पीड़ित है और किसी के सामने छींकता या खांसता है तो सामने वाला भी संक्रमण की चपेट में आ सकता है। जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी तक इस रोग के मरीजों की संख्या बढ़ी है।
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सीएचसी पर तैनात चिकित्सकों का कहना है कि पहले सर्दी, जुकाम, बुखार और खासी के औसतन 50 से 60 मरीज रोज आते थे, वहीं अब इनकी संख्या 100 से 120 तक पहुंच गई है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी एसीएमओ डॉ. राजीव सिंह बताते हैं कि मौसम में बदलाव के साथ सर्दी, जुकाम, बुखार और खासी के मरीजों की संख्या बढ़ती है। लेकिन मौजूदा समय में इंफ्लूएंजा (एच3एन2) लोगों में तेजी से फैल रहा है। इससे बचाव के लिए मास्क पहनें, यदि कोई रोग से ग्रसित है तो दूरी बनाकर रखें और भीड़भाड़ वाले इलाके में जाएं तो सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी तरह से पालन करें।
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इंफ्लूएंजा (एच3एन2) एक नए प्रकार का वैरिएंट है, लेकिन यह कोरोना की तरह घातक नहीं है, इसलिए इससे परेशान होने की जरूरत नहीं है। अस्पतालों में इस रोग से निपटने की सभी दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। यदि रोग से ग्रसित हैं तो चिकित्सक की सलाह लें और बताए गए नियमों का पालन करें।
अवधेश कुमार यादव, सीएमओ