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Barabanki News: 57 करोड़ रुपये से आधुनिक बनेगा बाराबंकी का राजकीय पॉलीटेक्निक
Fri, 29 Aug 2025 02:32 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Fri, 29 Aug 2025 02:32 AM IST
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राजकीय पॉलीटेक्निक
बाराबंकी। शहर से करीब तीन किमी दूर स्थित राजकीय पॉलीटेक्निक अब आधुनिक स्वरूप में बदलने जा रहा है। टाटा टेक्नोलॉजी लिमिटेड के सहयोग से यहां जी प्लस टू भवन संरचना के साथ अत्याधुनिक मशीन लैब और हाईटेक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा। परियोजना पर लगभग 57 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसकी मंजूरी सरकार ने दे दी है। परियोजना पर कुल 57.32 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसमें से 87 प्रतिशत राशि टाटा टेक्नोलॉजी लिमिटेड और शेष 13 प्रतिशत खर्च सरकार वहन करेगी।
वर्तमान में जहांगीराबाद रोड पर स्थित इस पॉलीटेक्निक में डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग समेत तीन प्रकार के कोर्स संचालित हो रहे हैं, करीब 350 छात्र पंजीकृत हैं। प्रदेश सरकार की मंशा है कि यहां से निकलने वाले विद्यार्थी उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तकनीकी रूप से दक्ष हों और प्रदेश के औद्योगिक विकास में योगदान दें। परियोजना पर कुल 57.32 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
नई परियोजना के तहत कैंपस में जी प्लस टू भवन बनेगा, साथ ही अत्याधुनिक मशीनों व सॉफ्टवेयर से सुसज्जित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तैयार होगा। यहां छात्रों को न केवल तकनीकी ज्ञान मिलेगा, बल्कि नवाचार और रिसर्च के अवसर भी मिलेंगे। टाटा टेक्नोलॉजी अगले पांच वर्षों तक उपकरणों और सॉफ्टवेयर की देखरेख भी करेगी।
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शिक्षकों को मिलेगा नया प्रशिक्षण
पॉलीटेक्निक में पहले से शिक्षक तैनात हैं, लेकिन नई तकनीक की पढ़ाई विशेषज्ञों की देखरेख में कराई जाएगी। इसके लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से उद्योग जगत के प्रशिक्षक सीधे छात्रों से संवाद करेंगे। साथ ही पहले तीन वर्षों में संकाय सदस्यों को भी नवीन तकनीक का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्लेसमेंट सेल और रोजगार की गारंटी
इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात रोजगार से जुड़ी है। कैंपस में प्लेसमेंट सेल की स्थापना की जाएगी, जो शुरू से ही उद्योगों से संपर्क स्थापित कर छात्रों को नौकरी दिलाने में मदद करेगा। अभी भी पॉलीटेक्निक में रोजगार मेले आयोजित होते रहे हैं, लेकिन अब यह प्रक्रिया और मजबूत व व्यवस्थित होगी।
48 एकड़ में फैला है पॉलीटेक्निक
सरकार ने राजकीय पॉलीटेक्निक को उच्चीकृत करने का निर्णय लिया है। 48 एकड़ में फैला है, इसलिए जमीन की कोई कमी नहीं है। नई परियोजना के बाद यहां नए कोर्स भी संचालित किए जा सकेंगे। इसे लेकर युद्धस्तर पर तैयारी जारी है।
- डॉ. राखी सैनी, प्रधानाचार्य राजकीय पॉलीटेक्निक, बाराबंकी
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वर्तमान में जहांगीराबाद रोड पर स्थित इस पॉलीटेक्निक में डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग समेत तीन प्रकार के कोर्स संचालित हो रहे हैं, करीब 350 छात्र पंजीकृत हैं। प्रदेश सरकार की मंशा है कि यहां से निकलने वाले विद्यार्थी उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तकनीकी रूप से दक्ष हों और प्रदेश के औद्योगिक विकास में योगदान दें। परियोजना पर कुल 57.32 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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नई परियोजना के तहत कैंपस में जी प्लस टू भवन बनेगा, साथ ही अत्याधुनिक मशीनों व सॉफ्टवेयर से सुसज्जित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तैयार होगा। यहां छात्रों को न केवल तकनीकी ज्ञान मिलेगा, बल्कि नवाचार और रिसर्च के अवसर भी मिलेंगे। टाटा टेक्नोलॉजी अगले पांच वर्षों तक उपकरणों और सॉफ्टवेयर की देखरेख भी करेगी।
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शिक्षकों को मिलेगा नया प्रशिक्षण
पॉलीटेक्निक में पहले से शिक्षक तैनात हैं, लेकिन नई तकनीक की पढ़ाई विशेषज्ञों की देखरेख में कराई जाएगी। इसके लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से उद्योग जगत के प्रशिक्षक सीधे छात्रों से संवाद करेंगे। साथ ही पहले तीन वर्षों में संकाय सदस्यों को भी नवीन तकनीक का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्लेसमेंट सेल और रोजगार की गारंटी
इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात रोजगार से जुड़ी है। कैंपस में प्लेसमेंट सेल की स्थापना की जाएगी, जो शुरू से ही उद्योगों से संपर्क स्थापित कर छात्रों को नौकरी दिलाने में मदद करेगा। अभी भी पॉलीटेक्निक में रोजगार मेले आयोजित होते रहे हैं, लेकिन अब यह प्रक्रिया और मजबूत व व्यवस्थित होगी।
48 एकड़ में फैला है पॉलीटेक्निक
सरकार ने राजकीय पॉलीटेक्निक को उच्चीकृत करने का निर्णय लिया है। 48 एकड़ में फैला है, इसलिए जमीन की कोई कमी नहीं है। नई परियोजना के बाद यहां नए कोर्स भी संचालित किए जा सकेंगे। इसे लेकर युद्धस्तर पर तैयारी जारी है।
- डॉ. राखी सैनी, प्रधानाचार्य राजकीय पॉलीटेक्निक, बाराबंकी