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बाराबंकी: खाना बनाते वक्त फटा सिलेंडर, मां और दो बेटियों की मौके पर मौत; भारी मात्रा में पुलिस फोर्स मौजूद
Tue, 22 Apr 2025 08:19 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला संवाद, बाराबंकी
अमर उजाला संवाद, बाराबंकी
Published by: रोहित मिश्र
Updated Tue, 22 Apr 2025 08:19 PM IST
सार
Cylinder exploded in Barabanki: बाराबंकी में खाना बनाने वक्त सिलेंडर फटने से तीन लोगों की मौत हो गई। इसमें मां के साथ दो बेटियां शामिल हैं।
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घटना के बाद मौके पर मौजूद पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
बाराबंकी जिले के मसौली थाना क्षेत्र के जबरपुरवा गांव में रविवार शाम एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया। गैस सिलेंडर फटने से लगी आग में मां और उसकी दो मासूम बेटियों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि बचाव के प्रयास में पिता और एक बेटा बुरी तरह झुलस गए। दोनों की हालत नाजुक बनी हुई है और उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गांव निवासी राजमल विश्वकर्मा (37) अत्यंत गरीबी में अपने परिवार के साथ जीवन यापन कर रहे थे। रविवार शाम करीब 6 बजे उनकी पत्नी रिंकी (32) फूस के बने घर में चूल्हे पर खाना पका रही थीं। इसी दौरान गैस सिलेंडर से अचानक चिंगारी निकलने से आग लग गई, जिसने देखते ही देखते पूरे घर को चपेट में ले लिया।
भीषण आग और घने धुएं के कारण घर में मौजूद 9 माह की मासूम महक, 8 साल की बेटी शिवानी और मां रिंकी को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला और तीनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
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अपनी पत्नी और बच्चों को आग में फंसा देख राजमल ने जान की परवाह किए बिना घर में घुसकर किसी तरह अपने तीन वर्षीय बेटे अनमोल को बाहर निकाला। हालांकि इस दौरान राजमल खुद भी गंभीर रूप से झुलस गए और उनके दोनों हाथ बुरी तरह जल गए।
इस हृदयविदारक हादसे से पूरे गांव में मातम का माहौल है। गांव के लोग स्तब्ध हैं और प्रशासन से पीड़ित परिवार को सहायता प्रदान करने की मांग कर रहे हैं। उप जिलाअधिकारी पवन कुमार, सीओ गरिमा पंत मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा ले रहे हैं।
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गांव निवासी राजमल विश्वकर्मा (37) अत्यंत गरीबी में अपने परिवार के साथ जीवन यापन कर रहे थे। रविवार शाम करीब 6 बजे उनकी पत्नी रिंकी (32) फूस के बने घर में चूल्हे पर खाना पका रही थीं। इसी दौरान गैस सिलेंडर से अचानक चिंगारी निकलने से आग लग गई, जिसने देखते ही देखते पूरे घर को चपेट में ले लिया।
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भीषण आग और घने धुएं के कारण घर में मौजूद 9 माह की मासूम महक, 8 साल की बेटी शिवानी और मां रिंकी को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला और तीनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
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अपनी पत्नी और बच्चों को आग में फंसा देख राजमल ने जान की परवाह किए बिना घर में घुसकर किसी तरह अपने तीन वर्षीय बेटे अनमोल को बाहर निकाला। हालांकि इस दौरान राजमल खुद भी गंभीर रूप से झुलस गए और उनके दोनों हाथ बुरी तरह जल गए।
इस हृदयविदारक हादसे से पूरे गांव में मातम का माहौल है। गांव के लोग स्तब्ध हैं और प्रशासन से पीड़ित परिवार को सहायता प्रदान करने की मांग कर रहे हैं। उप जिलाअधिकारी पवन कुमार, सीओ गरिमा पंत मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा ले रहे हैं।