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Barabanki News: बैंक सखी ने खेती बनाया आमदनी का जरिया
Sat, 07 Jun 2025 12:25 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sat, 07 Jun 2025 12:25 AM IST
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हरख (बाराबंकी)। पहले समूह की सदस्य फिर बैंक सखी बनी संगीता ने फल एवं सब्जियों की खेती को अपने परिवार की आमदनी का जरिया बना कर मिसाल कायम की है। अपने साथ ही वह समूह की अन्य महिलाओं को भी दूसरों की नौकरी करने से ज्यादा खुद फल एवं सब्जी की खेती कर आय का साधन बनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
हरख ब्लॉक की ग्राम पंचायत झालिया मजरे पड़रा गांव निवासी संगीता देवी राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत गठित सीता स्वयं सहायता समूह की सक्रिय सदस्य हैं। बैंक सखी बनने के बाद वह स्वरोजगार के लिए इच्छुक महिलाओं को ऋण दिलाने में मदद करती हैं। संगीता कहना है कि वह बैंक सखी के रूप में काम करने के बाद खेती किसानी का काम भी करती हैं। वह टमाटर, शिमला मिर्च, तरबूज व खरबूजा के साथ ही लौकी तरोई, कद्दू आदि की खेती करती हैं। इससे उनकी आमदनी दो गुना हो गई है। मौजूदा समय टमाटर की फसल खेत में लगी है। बताया कि खेत से ही टमाटर टूटने के बाद बिक जाता है। एक बीघा में अच्छा भाव मिलने पर एक लाख तक की आय हो जाती है। (संवाद)
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हरख ब्लॉक की ग्राम पंचायत झालिया मजरे पड़रा गांव निवासी संगीता देवी राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत गठित सीता स्वयं सहायता समूह की सक्रिय सदस्य हैं। बैंक सखी बनने के बाद वह स्वरोजगार के लिए इच्छुक महिलाओं को ऋण दिलाने में मदद करती हैं। संगीता कहना है कि वह बैंक सखी के रूप में काम करने के बाद खेती किसानी का काम भी करती हैं। वह टमाटर, शिमला मिर्च, तरबूज व खरबूजा के साथ ही लौकी तरोई, कद्दू आदि की खेती करती हैं। इससे उनकी आमदनी दो गुना हो गई है। मौजूदा समय टमाटर की फसल खेत में लगी है। बताया कि खेत से ही टमाटर टूटने के बाद बिक जाता है। एक बीघा में अच्छा भाव मिलने पर एक लाख तक की आय हो जाती है। (संवाद)
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