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राजकीय बालगृह भेजी गई बांग्लादेशी किशोरी
Amarujala Bureau
Updated Tue, 02 Jan 2018 11:46 PM IST
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रेलवे स्टेशन पर मिली
- फोटो : अमर उजाला
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पांच दिन पूर्व देवा मजार पर दर्शन के लिए आई एक 13 वर्षीय बंग्लादेशी किशोरी अपने परिवारीजनों से बिछड़ कर सोमवार को बुढ़वल रेलवे स्टेशन पहुंची। किशोरी को रेलवे पुलिस ने चाइल्ड लाइन के हवाले कर दिया। कांउसलिंग के बाद किशोरी के बताए पते पर संपर्क कर सूचना दी गई। न्यायालय बाल कल्याण समिति द्वारा सरकार की मदद से उसके देश वापस भेजने की तैयारी की जा रही है।
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मालूम हो कि पांच दिन पूर्व मां मालादेवी के साथ देवा मजार पर दर्शन करने आई किशोरी परिवारीजनों से बिछड़ने के बाद इधर-उधर भटक रही थी। सोमवार को जीआरपी बुढ़वल ने किशोरी को लावारिस दशा में बरामद किया और 1098 डायॅल कर चाइल्ड लाइन टीम को सूचना दी। मौके पर पहुंचे चाइल्ड लाइन के जिला समन्व्यक रत्नेश कुमार ने किशोरी को न्यायालय बाल कल्याण समिति पहुंचाया।
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न्यायालय बाल कल्याण समिति की न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम लक्ष्मी श्रीवास्तव ने टीम के साथ उसकी काउंसलिंग की। किशोरी ने अपना नाम अमृता सिंह (13) पुत्री सुरेंद्र प्रताप सिंह निवासी ढाका कुलना बांग्लादेश बताया। उसने बताया कि वह अपनी मां मालादेवी के साथ देवा मजार पर 29 दिसंबर को दर्शन के लिए आई थी। टीम ने ढाका की चाइल्ड चाइन से संपर्क कर मामले की जांच की तो किशोरी द्वारा बताया गया नाम पता सही मिला। न्यायिक मजिस्ट्रेट लक्ष्मी श्रीवास्तव ने बताया कि किशोरी को संरक्षण व देखभाल के लिए राजकीय बालगृह मोतीनगर ऐशबाग लखनऊ भेज दिया गया है। वहीं प्रदेश सरकार से किशोरी को उसके देश भेजने की ीमदद के लिए पत्र भेजा गया है।
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