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पूर्व चेयरमैन की जमानत अर्जी खारिज
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बाराबंकी। यूपी कोऑपरेटिव बैंक के पूर्व चेयरमैन धीरेंद्र कुमार वर्मा की जमानत अर्जी विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट ने सुनवाई के बाद खारिज कर दी।
विशेष शासकीय अधिवक्ता वरुण कुमार मिश्रा ने बताया कि शहर के जलालपुर निवासी पूर्व चेयरमैन धीरेंद्र वर्मा राजनीति में सक्रिय होने से पूर्व पेशे से सरकारी स्कूल में अध्यापक थे और वर्ष 2006 में उन्होंने वहां के प्रधान मुइनुद्दीन के साथ मिलकर संयुक्त रूप से पूर्व माध्यमिक विद्यालय सरायंमिही के भवन का निर्माण कराया था।
जांच के बाद बीएसए ने थाना सतरिख में धोखाधड़ी व कूटरचना के तहत प्रधान मुइनुद्दीन व अध्यापक धीरेंद्र वर्मा के विरुद्ध केस दर्ज कराया था। पुलिस ने विवेचना के बाद दोनों को दोषी पाकर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
प्रधान ने तो बीच में कोर्ट पर हाजिर होकर जेल जाकर अपनी जमानत करा ली थी लेकिन सक्रिय राजनीति में होने के कारण धीरेंद्र वर्मा ने जमानत नहीं कराई। न ही कभी अदालत में हाजिर हुए। कोर्ट ने कुर्की सहित वारंट जारी किया था। इसके बाद एसपी ने सख्ती दिखाते हुए धीरेंद्र वर्मा को चार दिन पूर्व गिरफ्तार करवाकर जेल भेजा था। संवाद
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विशेष शासकीय अधिवक्ता वरुण कुमार मिश्रा ने बताया कि शहर के जलालपुर निवासी पूर्व चेयरमैन धीरेंद्र वर्मा राजनीति में सक्रिय होने से पूर्व पेशे से सरकारी स्कूल में अध्यापक थे और वर्ष 2006 में उन्होंने वहां के प्रधान मुइनुद्दीन के साथ मिलकर संयुक्त रूप से पूर्व माध्यमिक विद्यालय सरायंमिही के भवन का निर्माण कराया था।
जांच के बाद बीएसए ने थाना सतरिख में धोखाधड़ी व कूटरचना के तहत प्रधान मुइनुद्दीन व अध्यापक धीरेंद्र वर्मा के विरुद्ध केस दर्ज कराया था। पुलिस ने विवेचना के बाद दोनों को दोषी पाकर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
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प्रधान ने तो बीच में कोर्ट पर हाजिर होकर जेल जाकर अपनी जमानत करा ली थी लेकिन सक्रिय राजनीति में होने के कारण धीरेंद्र वर्मा ने जमानत नहीं कराई। न ही कभी अदालत में हाजिर हुए। कोर्ट ने कुर्की सहित वारंट जारी किया था। इसके बाद एसपी ने सख्ती दिखाते हुए धीरेंद्र वर्मा को चार दिन पूर्व गिरफ्तार करवाकर जेल भेजा था। संवाद
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