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अशोक का डीडीसी अध्यक्ष चुना जाना तय
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 01 Jan 2016 11:19 PM IST
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कैबिनेट मंत्री अरविंद सिंह गोप के बड़े भाई अशोक सिंह का निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष बनना तय हो गया है। शुक्रवार को उनके अलावा किसी दूसरे सदस्य ने नामांकन नहीं किया। अशोक दोपहर करीब दो बजे भारी समर्थकों के साथ एडीएम कोर्ट पहुंचे और चार सेट में अपना परचा दाखिल किया। जांच में उनका नामांकन पत्र सही पाया गया है। अब चार तारीख को नामांकन वापसी की तारीख के बाद उनके निर्वाचन की औपचारिक घोषणा की जाएगी।
जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए सपा द्वारा उम्मीदवार घोषित किए गए कैबिनेट मंत्री अरविंद सिंह गोप के भाई अशोक सिंह हैदरगढ़ तृतीय से जिला पंचायत सदस्य हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए अधिसूचना जारी होने के बाद से ही कैबिनेट मंत्री इस पद को हथियाने के लिए पूरी तरह से सक्रिय हो गए थे। वह नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों से सीधे बात करते और इस बार अशोक सिंह को जिताने की अपील करते थे। शुरूआती दौर से बसपा की ओर से शीला सिंह और सपा की ओर से अशोक सिंह को दावेदार माना जा रहा था लेकिन शीला सिंह ने चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया। बृहस्पतिवार को नामांकन पत्रों की बिक्री के दौरान हैदरगढ़ प्रथम से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीती रानी कन्नौजिया ने भी नामांकन पत्र खरीद कर दावेदारी ठोंक दी थी। तो बसपा से चुनाव जीत विक्रम गौतम ने नामांकन पत्र खरीदकर दावेदारी जताई।
लेकिन शुक्रवार को जब नामांकन की प्रक्रिया शुरू हुई तो इनमें से अशोक सिंह को छोड़ कर किसी ने भी नामांकन पत्र दाखिल नहीं किया। सपा उम्मीदवार अशोक सिंह प्रस्ताव और समर्थकों के साथ करीब सवा दो बजे जिलाधिकारी की कोर्ट पर पहुंचे और चार सेटों में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इसके अलावा निर्धारित समय तीन बजे तक किसी भी सदस्य ने अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी जताते हुए नामांकन नहीं किया। किसी के द्वारा नामांकन पत्र दाखिल न किए जाने से अब अशोक सिंह निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष घोषित किया जाना महज एक औपचारिकता मात्र रह गया है।
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जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए सपा द्वारा उम्मीदवार घोषित किए गए कैबिनेट मंत्री अरविंद सिंह गोप के भाई अशोक सिंह हैदरगढ़ तृतीय से जिला पंचायत सदस्य हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए अधिसूचना जारी होने के बाद से ही कैबिनेट मंत्री इस पद को हथियाने के लिए पूरी तरह से सक्रिय हो गए थे। वह नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों से सीधे बात करते और इस बार अशोक सिंह को जिताने की अपील करते थे। शुरूआती दौर से बसपा की ओर से शीला सिंह और सपा की ओर से अशोक सिंह को दावेदार माना जा रहा था लेकिन शीला सिंह ने चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया। बृहस्पतिवार को नामांकन पत्रों की बिक्री के दौरान हैदरगढ़ प्रथम से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीती रानी कन्नौजिया ने भी नामांकन पत्र खरीद कर दावेदारी ठोंक दी थी। तो बसपा से चुनाव जीत विक्रम गौतम ने नामांकन पत्र खरीदकर दावेदारी जताई।
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लेकिन शुक्रवार को जब नामांकन की प्रक्रिया शुरू हुई तो इनमें से अशोक सिंह को छोड़ कर किसी ने भी नामांकन पत्र दाखिल नहीं किया। सपा उम्मीदवार अशोक सिंह प्रस्ताव और समर्थकों के साथ करीब सवा दो बजे जिलाधिकारी की कोर्ट पर पहुंचे और चार सेटों में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इसके अलावा निर्धारित समय तीन बजे तक किसी भी सदस्य ने अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी जताते हुए नामांकन नहीं किया। किसी के द्वारा नामांकन पत्र दाखिल न किए जाने से अब अशोक सिंह निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष घोषित किया जाना महज एक औपचारिकता मात्र रह गया है।
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