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Barabanki News: अब 25 विधाओं के कारीगरों को मिलेगा प्रशिक्षण
Tue, 08 Sep 2026 12:56 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 08 Sep 2026 12:56 AM IST
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बाराबंकी। जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्थानीय दस्तकारों, शिल्पकारों और बेरोजगार युवाओं को हुनरमंद बनाकर स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 का नया प्रारूप जारी कर दिया है।
शासन की ओर से योजना में व्यापक संशोधन करते हुए इसका दायरा काफी बढ़ा दिया गया है। पहले से संचालित 11 पारंपरिक ट्रेडों के साथ-साथ अब 14 नए आधुनिक व पारंपरिक ट्रेडों को शामिल किया गया है।
योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक विधाओं से जुड़े कारीगरों के जीवन स्तर को उन्नत बनाना और नए जमाने की मांग के अनुसार युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है। चयनित लाभार्थियों को 10 दिनों का गैर-आवासीय विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
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मानदेय में बढ़ोतरी व टूलकिट की व्यवस्था : प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षार्थियों के लिए पूर्व निर्धारित 450 रुपये प्रतिदिन के मानदेय को बढ़ाकर अब 500 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है।
10 दिवसीय प्रशिक्षण पूर्ण होने पर डीबीटी के माध्यम से कुल 5,000 रुपये सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी। इसके अलावा खान-पान के लिए प्रतिदिन 300 रुपये तक तथा संस्था शुल्क के लिए 500 रुपये प्रतिदिन की दर से व्यवस्था की गई है।
प्रशिक्षण के उपरांत कारीगरों को उनकी कार्यक्षमता और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए 15,000 रुपये की सीमा तक निशुल्क उन्नत टूल किट उपलब्ध कराई जाएगी।
स्वरोजगार के लिए 10 लाख तक का ब्याजमुक्त ऋण : विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 के अंतर्गत प्रशिक्षित कारीगरों को अपनी इकाई की स्थापना, विस्तारीकरण, तकनीकी उन्नयन या पैकेजिंग आदि के लिए 10 लाख तक ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इस ऋण पर 15 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाएगी तथा यह ऋण बिना किसी गारंटी और बिना ब्याज के उपलब्ध रहेगा।
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शासन की ओर से योजना में व्यापक संशोधन करते हुए इसका दायरा काफी बढ़ा दिया गया है। पहले से संचालित 11 पारंपरिक ट्रेडों के साथ-साथ अब 14 नए आधुनिक व पारंपरिक ट्रेडों को शामिल किया गया है।
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योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक विधाओं से जुड़े कारीगरों के जीवन स्तर को उन्नत बनाना और नए जमाने की मांग के अनुसार युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है। चयनित लाभार्थियों को 10 दिनों का गैर-आवासीय विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
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मानदेय में बढ़ोतरी व टूलकिट की व्यवस्था : प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षार्थियों के लिए पूर्व निर्धारित 450 रुपये प्रतिदिन के मानदेय को बढ़ाकर अब 500 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है।
10 दिवसीय प्रशिक्षण पूर्ण होने पर डीबीटी के माध्यम से कुल 5,000 रुपये सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी। इसके अलावा खान-पान के लिए प्रतिदिन 300 रुपये तक तथा संस्था शुल्क के लिए 500 रुपये प्रतिदिन की दर से व्यवस्था की गई है।
प्रशिक्षण के उपरांत कारीगरों को उनकी कार्यक्षमता और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए 15,000 रुपये की सीमा तक निशुल्क उन्नत टूल किट उपलब्ध कराई जाएगी।
स्वरोजगार के लिए 10 लाख तक का ब्याजमुक्त ऋण : विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 के अंतर्गत प्रशिक्षित कारीगरों को अपनी इकाई की स्थापना, विस्तारीकरण, तकनीकी उन्नयन या पैकेजिंग आदि के लिए 10 लाख तक ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इस ऋण पर 15 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाएगी तथा यह ऋण बिना किसी गारंटी और बिना ब्याज के उपलब्ध रहेगा।