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Barabanki News: हौसले की रोशनी से अनुष्का ने अंधेरे को किया दूर
Wed, 18 Feb 2026 01:48 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Wed, 18 Feb 2026 01:48 AM IST
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बच्चों को पढ़ातीं अनुष्का ।
शुभांशु मिश्रा
त्रिलोकपुर। रामनगर क्षेत्र के त्रिलोकपुर की अनुष्का ने असाधारण दृढ़ इच्छाशक्ति और बुलंद हौसलों का परिचय देते हुए जीवन की कठिनाइयों को पार कर एक प्रेरणादायक मिसाल कायम की है। जन्म से दृष्टिबाधित होने के बावजूद, उन्होंने अपने आत्मविश्वास और शिक्षा के प्रति अटूट लगन से एक नई राह बनाई है, जो यह साबित करती है कि शारीरिक बाधाएं दृढ़ संकल्प के सामने बौनी साबित होती हैं।
अनुष्का ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बीपी शुक्ला इंटर कॉलेज से पूरी की और हाल ही में 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की है। वर्तमान में, वह रामसेवक पटेल माध्यमिक विद्यालय में बच्चों को शिक्षा प्रदान कर रही हैं। दृष्टिहीनता के कारण उन्हें जीवन में अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। अपने आत्मबल को मजबूत करते हुए, उन्होंने हर बाधा पार की।
अनुष्का की सफलता में उनके माता-पिता का सहयोग एक बड़ा स्तंभ रहा है। उनके पिता, बबलू यज्ञसैनी, स्थानीय बाजार में मिठाई की दुकान चलाते हैं, और उनकी माता, सरिता, एक गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद, परिवार ने अनुष्का की पढ़ाई में कोई कसर नहीं छोड़ी। दो बहनों और एक भाई में अनुष्का दूसरे स्थान पर हैं। वह समाज में अपनी पहचान बनाना चाहती हैं और यह संदेश देना चाहती हैं कि हौसले की रोशनी से हर तरह के अंधकार को दूर किया जा सकता है।
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अनुष्का न केवल शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय हैं, बल्कि आधुनिक तकनीक का भी बखूबी उपयोग करती हैं। वह गाती भी बहुत अच्छा हैं। मोबाइल एप ''टॉक बैक'' की मदद से वह यूट्यूब पर वीडियो बनाती हैं और इंटरनेट के माध्यम से अपनी पढ़ाई भी करती हैं। इसके साथ ही, वह इंस्टाग्राम पर भी हैं।
भविष्य में, अनुष्का एक विशेष शिक्षक (स्पेशल एजुकेटर) बनकर उन बच्चों के जीवन को संवारना चाहती हैं जो मुश्किल परिस्थितियों में जी रहे हैं। उनका लक्ष्य इन बच्चों को शिक्षा देकर उनकी राह को आसान बनाना है, ताकि वे पढ़-लिखकर समाज में सम्मान प्राप्त कर सकें।
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त्रिलोकपुर। रामनगर क्षेत्र के त्रिलोकपुर की अनुष्का ने असाधारण दृढ़ इच्छाशक्ति और बुलंद हौसलों का परिचय देते हुए जीवन की कठिनाइयों को पार कर एक प्रेरणादायक मिसाल कायम की है। जन्म से दृष्टिबाधित होने के बावजूद, उन्होंने अपने आत्मविश्वास और शिक्षा के प्रति अटूट लगन से एक नई राह बनाई है, जो यह साबित करती है कि शारीरिक बाधाएं दृढ़ संकल्प के सामने बौनी साबित होती हैं।
अनुष्का ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बीपी शुक्ला इंटर कॉलेज से पूरी की और हाल ही में 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की है। वर्तमान में, वह रामसेवक पटेल माध्यमिक विद्यालय में बच्चों को शिक्षा प्रदान कर रही हैं। दृष्टिहीनता के कारण उन्हें जीवन में अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। अपने आत्मबल को मजबूत करते हुए, उन्होंने हर बाधा पार की।
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अनुष्का की सफलता में उनके माता-पिता का सहयोग एक बड़ा स्तंभ रहा है। उनके पिता, बबलू यज्ञसैनी, स्थानीय बाजार में मिठाई की दुकान चलाते हैं, और उनकी माता, सरिता, एक गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद, परिवार ने अनुष्का की पढ़ाई में कोई कसर नहीं छोड़ी। दो बहनों और एक भाई में अनुष्का दूसरे स्थान पर हैं। वह समाज में अपनी पहचान बनाना चाहती हैं और यह संदेश देना चाहती हैं कि हौसले की रोशनी से हर तरह के अंधकार को दूर किया जा सकता है।
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अनुष्का न केवल शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय हैं, बल्कि आधुनिक तकनीक का भी बखूबी उपयोग करती हैं। वह गाती भी बहुत अच्छा हैं। मोबाइल एप ''टॉक बैक'' की मदद से वह यूट्यूब पर वीडियो बनाती हैं और इंटरनेट के माध्यम से अपनी पढ़ाई भी करती हैं। इसके साथ ही, वह इंस्टाग्राम पर भी हैं।
भविष्य में, अनुष्का एक विशेष शिक्षक (स्पेशल एजुकेटर) बनकर उन बच्चों के जीवन को संवारना चाहती हैं जो मुश्किल परिस्थितियों में जी रहे हैं। उनका लक्ष्य इन बच्चों को शिक्षा देकर उनकी राह को आसान बनाना है, ताकि वे पढ़-लिखकर समाज में सम्मान प्राप्त कर सकें।