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शराब की दुकान के खिलाफ फूटा गुस्सा
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Sat, 08 Apr 2017 11:45 PM IST
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बाराबंकी में पल्हरी चौराहे पर शराब की दुकान बंद कराने के लिए हंगामा करतीं महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
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शहर में नाका पैसार स्थित देशी शराब की दुकान हटाने की मांग को लेकर महिलाओं ने शनिवार की शाम सड़क जामकर प्रदर्शन किया। हाथ में झाडू व डंडा लेकर निकली महिलाएं करीब एक घंटे तक सड़क पर डटी रहीं।
इस दौरान पहुंचे सीओ व कोतवाल ने सभी को समझा-बुझाकर शांत करवाया। बताते चलें कि जिले में विरोध प्रदर्शन के चलते शराब की पांच दुकानें बंद करवाई गई हैं। इससे विभाग को लाखों का नुकसान हो रहा है।
शहर के नाका पैसार के पास कई वर्षों से देशी शराब की दुकान संचालित की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हाईवे किनारे की दुकानें हटाई गईं, लेकिन शहर के मार्ग को जिला मार्ग बना देने पर भी दुकानें नहीं हटाई गईं हैं।
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नाका पैसार की देशी शराब दुकान हटाने के लिए दर्जनों महिलाएं शनिवार को लाठी, डंडा व हाथ में झाड़ूू लेकर सड़क पर आ गईं। महिलाओं ने कहा कि आबादी के करीब शराब की दुकान होने से शाम होते ही पियक्कड़ों का जमावड़ा लगता है जिससे मोहल्ले के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सभी ने मांग करते हुए कहा कि जब तक दुकान नहीं हटेगी, सड़क नहीं खोली जाएगी। कई महिलाएं सड़क पर लेटकर नारेबाजी करने लगीं। इस बीच पहुंचे कोतवाल एसपी सिंह व सीओ सिटी संतोष सिंह ने सभी को समझा-बुझाकर शांत करवाया।
जिले में बंद हुई पांच शराब की दुकान
लोगों के विरोध के चलते जिले में शराब की पांच दुकानें बंद की गई है। इनमें शहर के नाका पैसार स्थित अंग्रेजी शराब की दुकान, कटरा मोहल्ले की देशी दुकान, मसौली के पिपरौली की देशी दुकान, नैनखेड़ा व चौबीसी हैदरगढ़ की देशी दुकानें बंद की गई है।
जिला आबकारी अधिकरी विपिन सहाय यादव ने बताया कि जिन दुकानों का विरोध हुआ है, उन्हें बंद किया गया है। कहा कि दूसरी जगह पर यह दुकानें शिफ्ट करवाई जाएगी।
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इस दौरान पहुंचे सीओ व कोतवाल ने सभी को समझा-बुझाकर शांत करवाया। बताते चलें कि जिले में विरोध प्रदर्शन के चलते शराब की पांच दुकानें बंद करवाई गई हैं। इससे विभाग को लाखों का नुकसान हो रहा है।
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शहर के नाका पैसार के पास कई वर्षों से देशी शराब की दुकान संचालित की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हाईवे किनारे की दुकानें हटाई गईं, लेकिन शहर के मार्ग को जिला मार्ग बना देने पर भी दुकानें नहीं हटाई गईं हैं।
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नाका पैसार की देशी शराब दुकान हटाने के लिए दर्जनों महिलाएं शनिवार को लाठी, डंडा व हाथ में झाड़ूू लेकर सड़क पर आ गईं। महिलाओं ने कहा कि आबादी के करीब शराब की दुकान होने से शाम होते ही पियक्कड़ों का जमावड़ा लगता है जिससे मोहल्ले के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सभी ने मांग करते हुए कहा कि जब तक दुकान नहीं हटेगी, सड़क नहीं खोली जाएगी। कई महिलाएं सड़क पर लेटकर नारेबाजी करने लगीं। इस बीच पहुंचे कोतवाल एसपी सिंह व सीओ सिटी संतोष सिंह ने सभी को समझा-बुझाकर शांत करवाया।
जिले में बंद हुई पांच शराब की दुकान
लोगों के विरोध के चलते जिले में शराब की पांच दुकानें बंद की गई है। इनमें शहर के नाका पैसार स्थित अंग्रेजी शराब की दुकान, कटरा मोहल्ले की देशी दुकान, मसौली के पिपरौली की देशी दुकान, नैनखेड़ा व चौबीसी हैदरगढ़ की देशी दुकानें बंद की गई है।
जिला आबकारी अधिकरी विपिन सहाय यादव ने बताया कि जिन दुकानों का विरोध हुआ है, उन्हें बंद किया गया है। कहा कि दूसरी जगह पर यह दुकानें शिफ्ट करवाई जाएगी।