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Barabanki News: आंध्र प्रदेश की कंपनी 4000 करोड़ के निवेश से स्थापित करेगी डाटा सेंटर
Fri, 16 Oct 2026 01:57 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Fri, 16 Oct 2026 01:57 AM IST
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भूमि का नक्शा देखते कंपनी के प्रतिनिधि व उपायुक्त उद्योग। स्रोत-उद्योग विभाग
बाराबंकी। रामसनेहीघाट के कन्हाईपुर औद्योगिक कॉरिडोर में आंध्र प्रदेश की कंपनी साइटेक री प्राइवेट लिमिटेड 4000 करोड़ रुपये के निवेश से डाटा सेंटर स्थापित करेगी। करीब 15 एकड़ में बनने वाले इस सेंटर से लगभग एक हजार लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही कॉरिडोर में 25 अन्य कंपनियां भी औद्योगिक इकाइयां स्थापित करेंगी।
प्रस्तावित डाटा सेंटर को उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े डाटा सेंटरों में शामिल किए जाने की योजना है। लखनऊ-अयोध्या हाईवे के निकट स्थित होने के कारण यह परियोजना कारोबार और डिजिटल सेवाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे बाराबंकी में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
डाटा सेंटर में कंपनियों के महत्वपूर्ण आंकड़ों को सुरक्षित रखने और डिजिटल सेवाओं के संचालन के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें सर्वर, स्टोरेज, नेटवर्किंग और साइबर सुरक्षा के इंतजाम होंगे। उपकरणों को ठंडा रखने, निर्बाध बिजली आपूर्ति और निगरानी की व्यवस्था भी की जाएगी। इससे डिजिटल सेवाओं को सुरक्षित और सुचारु बनाए रखने में मदद मिलेगी।
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डाटा सुरक्षा और नेटवर्किंग पर रहेगा जोर
प्रस्तावित परियोजना में संरचित केबलिंग, स्मार्ट रैक प्रबंधन, एंटरप्राइज नेटवर्किंग और सर्वर रूम जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके अलावा स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर, फायरवॉल और साइबर सुरक्षा प्रणाली पर भी जोर रहेगा। इसका उद्देश्य कारोबारियों को सुरक्षित और भरोसेमंद डिजिटल ढांचा उपलब्ध कराना है।
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समझौता ज्ञापन पर किए हस्ताक्षर
उपायुक्त उद्योग दिनेश चौरसिया ने बताया कि हाल ही में कन्हाईपुर औद्योगिक कॉरिडोर में डाटा सेंटर के अलावा 25 कंपनियों ने निवेश के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इनमें मुंबई, दिल्ली और हैदराबाद की कंपनियां शामिल हैं। ये विभिन्न क्षेत्रों में अपनी इकाइयां स्थापित करेंगी। जिला उद्यमी मित्र एफ रहमान के अनुसार, प्रस्तावित इकाइयों में फिश फीड, आयरन और फैब्रिकेशन से जुड़े उद्योग शामिल हैं। डाटा सेंटर जैसी तकनीक आधारित परियोजना के साथ विनिर्माण इकाइयों की स्थापना से क्षेत्र में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार होने की उम्मीद है।
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प्रस्तावित डाटा सेंटर को उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े डाटा सेंटरों में शामिल किए जाने की योजना है। लखनऊ-अयोध्या हाईवे के निकट स्थित होने के कारण यह परियोजना कारोबार और डिजिटल सेवाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे बाराबंकी में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
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डाटा सेंटर में कंपनियों के महत्वपूर्ण आंकड़ों को सुरक्षित रखने और डिजिटल सेवाओं के संचालन के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें सर्वर, स्टोरेज, नेटवर्किंग और साइबर सुरक्षा के इंतजाम होंगे। उपकरणों को ठंडा रखने, निर्बाध बिजली आपूर्ति और निगरानी की व्यवस्था भी की जाएगी। इससे डिजिटल सेवाओं को सुरक्षित और सुचारु बनाए रखने में मदद मिलेगी।
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डाटा सुरक्षा और नेटवर्किंग पर रहेगा जोर
प्रस्तावित परियोजना में संरचित केबलिंग, स्मार्ट रैक प्रबंधन, एंटरप्राइज नेटवर्किंग और सर्वर रूम जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके अलावा स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर, फायरवॉल और साइबर सुरक्षा प्रणाली पर भी जोर रहेगा। इसका उद्देश्य कारोबारियों को सुरक्षित और भरोसेमंद डिजिटल ढांचा उपलब्ध कराना है।
समझौता ज्ञापन पर किए हस्ताक्षर
उपायुक्त उद्योग दिनेश चौरसिया ने बताया कि हाल ही में कन्हाईपुर औद्योगिक कॉरिडोर में डाटा सेंटर के अलावा 25 कंपनियों ने निवेश के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इनमें मुंबई, दिल्ली और हैदराबाद की कंपनियां शामिल हैं। ये विभिन्न क्षेत्रों में अपनी इकाइयां स्थापित करेंगी। जिला उद्यमी मित्र एफ रहमान के अनुसार, प्रस्तावित इकाइयों में फिश फीड, आयरन और फैब्रिकेशन से जुड़े उद्योग शामिल हैं। डाटा सेंटर जैसी तकनीक आधारित परियोजना के साथ विनिर्माण इकाइयों की स्थापना से क्षेत्र में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार होने की उम्मीद है।